लाइव, नेपाल बाढ़ में लापता लोगों की संख्या 826 हुई, तलाश जारी
नेपाल में आई बाढ़ के बाद 826 लोगों के लापता होने की पुष्टि हुई है. नेपाल की नेशनल डिज़ास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (एनडीआरआरएमए) ने यह जानकारी साझा की है.
तिब्बत: बाढ़ के बाद 558 लोग लापता, तीन लोगों की मौत
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इमेज कैप्शन, चीन ने बताया है कि लापता लोगों में 260 विदेशी नागरिक शामिल हैं
तिब्बत के ग्यिरोंग काउंटी में बाढ़ और भूस्खलन के बाद लापता लोगों की संख्या बढ़कर 558 हो गई है. चीन के सरकारी ब्रॉडकास्टर सीसीटीवी ने गुरुवार सुबह यह जानकारी दी.
सीसीटीवी के मुताबिक़, लापता लोगों में 260 विदेशी नागरिक शामिल हैं. हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है.
ग्यिरोंग सीमा चीन और नेपाल के बीच पर्यटकों और यातायात के आवागमन के लिए मुख्य क्रॉसिंग प्वाइंट है. बुधवार को भूस्खलन के कुछ ही समय बाद चीनी सरकारी मीडिया ने हादसे में बड़ी संख्या में लोगों के हताहत होने की जानकारी दी थी.
दूसरी ओर, नेपाल में बाढ़ के बाद 826 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है. वहीं, 177 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हुई है.
हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि चीन और नेपाल की ओर से बताए गए लापता लोगों के आंकड़ों में कुछ लोगों की गिनती दो बार तो नहीं हुई है.
ब्रेकिंग न्यूज़, नेपाल बाढ़ में लापता लोगों की संख्या 826 हुई, तलाश जारी
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इमेज कैप्शन, लापता लोगों में सुरक्षाबलों के जवान, पर्यटक और आम नागरिक शामिल हैं
नेपाल में आई बाढ़ के बाद 826 लोगों के लापता होने की पुष्टि हुई है. नेपाल की नेशनल डिज़ास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (एनडीआरआरएमए) ने यह जानकारी साझा की है.
एनडीआरआरएमए के मुताबिक़, लापता लोगों में सुरक्षाबलों के जवान, पर्यटक और आम नागरिक शामिल हैं.
आंकड़ों के अनुसार, लापता पर्यटकों की संख्या 529 से अधिक बताई जा रही है. अधिकारियों के मुताबिक़, बाढ़ के बाद लापता लोगों की तलाश और राहत-बचाव अभियान जारी है.
वहीं, मौतों का आंकड़ा 165 तक पहुंच गया है. नेपाल के विदेश मंत्री ने बताया है कि लापता लोगों में 300 भारतीय भी शामिल हैं.
नेपाल में बाढ़ के बाद भारत ने भेजी दूसरी राहत उड़ान, विदेश मंत्री ने कहा- हरसंभव मदद करेंगे
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इमेज कैप्शन, भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर इसका वीडियो साझा किया है
नेपाल में आई बाढ़ के बाद राहत और बचाव कार्यों में मदद के लिए भारत ने दूसरी राहत उड़ान रवाना कर दी है.
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर इसका वीडियो साझा किया है.
उन्होंने एक्स पर लिखा कि भारत नेपाल में राहत कार्यों के लिए हर संभव मदद करता रहेगा.
एस जयशंकर ने गुरुवार को एक्स पर लिखा, "दूसरी उड़ान अभी रवाना हुई है, जिसमें नेपाल के लिए 37.5 टन राहत सामग्री, दवाइयां और खाने के पैकेट भेजे गए हैं. भारत नेपाल के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है."
उन्होंने लिखा, "हम राहत कार्यों में हर संभव मदद करते रहेंगे."
इससे पहले राहत और बचाव कार्यों में सहयोग के लिए भारत ने 10 टन मानवीय मदद भेजी थी.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बुधवार देर रात को बताया था कि भारत की ओर से भेजी गई यह सहायता नेपाल को सौंप दी गई है.
इमेज कैप्शन, भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत नेपाल में राहत कार्यों के लिए हर संभव मदद करता रहेगा
नेपाल बाढ़: तस्वीरों में नज़र आया भयावह मंज़र, भारत के भी 300 लोग लापता
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इमेज कैप्शन, नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने देश में अचानक आई बाढ़ में हुई जनहानि पर कहा है कि उनका दिल बहुत भारी है
नेपाल में भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है. हादसे में 162 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है.
आपदा प्रभावित इलाक़े तक राहत और बचाव दलों के पहुंचने में लगातार मुश्किलें आ रही हैं.
अधिकारियों के मुताबिक़, सैकड़ों पर्यटक अब भी लापता हैं. नेपाल के विदेश मंत्री ने दावा किया है कि भारत के भी क़रीब 300 लोग लापता हैं.
इसके अलावा अमेरिका के 54, ऑस्ट्रेलिया के 34 और ब्रिटेन के 33 नागरिक भी लापता हैं.
आपदा के बाद कई देशों ने नेपाल की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है. अमेरिका, चीन, यूरोपीय संघ और भारत ने सहायता का एलान किया है या राहत सामग्री भेजी है.
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इमेज कैप्शन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने राहत और तलाशी अभियान को पूरी ताक़त से चलाने की अपील की
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इमेज कैप्शन, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उनकी सरकार "नेपाल को हर तरह की मानवीय मदद देने के लिए तैयार है"
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इमेज कैप्शन, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने कहा कि ब्रिटिश सरकार नेपाल में मौजूद ब्रिटिश नागरिकों की मदद के लिए "हर संभव कोशिश" करेगी
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इमेज कैप्शन, अमेरकी सरकार ने भी नेपाल को पांच लाख डॉलर की सहायता देने का एलान किया है
नेपाल बाढ़: 130 से अधिक भारतीय लापता, अब तक इनके बारे में क्या जानकारी सामने आई
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इमेज कैप्शन, तमिलनाडु सरकार के अनुसार, नेपाल गए 57 पर्यटकों में से 37 के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं मिल सकी है
नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद 130 से अधिक भारतीय लापता हैं. इनमें बड़ी संख्या में कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए तीर्थयात्री शामिल हैं.
न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के अनुसार, काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के अलावा तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल, राजस्थान और उत्तर प्रदेश सरकारों ने हेल्पलाइन शुरू की हैं.
सम्राट टूर्स एंड ट्रैवल एजेंसी के मुताबिक, लापता भारतीयों में कम से कम 59 कैलाश मानसरोवर यात्री हैं. हालांकि, नेपाल में संचार व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित होने के कारण प्रभावित भारतीय नागरिकों के बारे में अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आ सकी है.
37 तमिलनाडु के पर्यटकों का अब तक पता नहीं
तमिलनाडु सरकार के अधिकारियों के अनुसार, राज्य से नेपाल गए 57 पर्यटकों में से 37 के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं मिल सकी है, जबकि 20 लोगों का पता लगा लिया गया है. बताया जा रहा है कि ये पर्यटक हिमालय स्थित एक मंदिर की ओर जा रहे थे.
कोयंबटूर स्थित ईशा फाउंडेशन ने भी दावा किया है कि उसके 80 सदस्य नेपाल के एक इमिग्रेशन सेंटर में मौजूद थे और बाढ़ के बाद उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है.
ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु ने कहा कि इमिग्रेशन कार्यालय में मौजूद लोगों के बारे में अब तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है. उन्होंने बताया कि फाउंडेशन के 495 लोग सुरक्षित वापस लौट चुके हैं.
बाढ़ में अपने समूह के 80 लोगों के लापता होने के बाद सद्गुरु ने संबंधित अधिकारियों और प्रशासन से घटनास्थल पर जाने की अनुमति देने की अपील की है.
पश्चिम बंगाल के 32 यात्रियों से संपर्क टूटा
पश्चिम बंगाल के एक अधिकारी के मुताबिक, कोलकाता से कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गया 32 सदस्यीय दल भी बाढ़ के बाद लापता लोगों में शामिल है. दल में 30 यात्री और दो टूर मैनेजर हैं.
अधिकारी ने बताया कि बाढ़ आने के बाद से दल के सभी 32 सदस्यों से कोई संपर्क नहीं हुआ है. राहत और बचाव एजेंसियां प्रभावित इलाकों में तलाश अभियान चला रही हैं.
बच्चों में सोशल मीडिया की लत: मेटा को क्यों करना होगा 18 अरब डॉलर का भुगतान
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इमेज कैप्शन, मेटा ने बुधवार को कहा कि समझौते के तहत तय राशि का भुगतान 10 वर्षों की अवधि में सालाना किस्तों के रूप में किया जाएगा (फ़ाइल फ़ोटो: मार्क ज़करबर्ग)
मेटा ने बच्चों में सोशल मीडिया की लत और मानसिक स्वास्थ्य को नुक़सान पहुंचाने के आरोपों से जुड़े मुक़दमों को निपटाने के लिए अमेरिकी राज्यों को कुल 18 अरब डॉलर का भुगतान करने पर सहमति जताई है.
मेटा ने बुधवार को कहा कि समझौते के तहत तय राशि का भुगतान 10 वर्षों की अवधि में सालाना किस्तों के रूप में किया जाएगा.
कैलिफ़ोर्निया की एक अदालत ने इस समझौते को मंज़ूरी दे दी है. इसके तहत मेटा को अमेरिका के 48 राज्यों, डिस्ट्रिक्ट ऑफ़ कोलंबिया और तीन अमेरिकी क्षेत्रों को भुगतान करना होगा. बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़े मुक़दमों में यह मेटा की अब तक की सबसे बड़ी भुगतान राशि है.
समझौते के तहत मेटा को बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा के लिए कई बदलाव भी लागू करने होंगे. इनमें डिफ़ॉल्ट रूप से रोज़ाना सोशल मीडिया इस्तेमाल की समय-सीमा तय करना और रात के समय इस्तेमाल पर रोक लगाने जैसे उपाय शामिल हैं. इन बदलावों की माँग अमेरिकी राज्यों की ओर से की गई थी.
कैलिफ़ोर्निया के अटॉर्नी जनरल रॉब बोंटा ने कहा कि यह में बदलाव लाने की दिशा में एक बड़ा क़दम है. उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य बच्चों को नुक़सान पहुंचा रहे सोशल मीडिया उद्योग में सुधार लाना है.
नेपाल को राहत और बचाव कार्यों के लिए अमेरिका देगा इतने डॉलर
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इमेज कैप्शन, अमेरिकी विदेश विभाग ने बयान जारी कर बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना जताई है
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के बाद अमेरिका ने राहत और बचाव कार्यों के लिए 5 लाख डॉलर की सहायता देने का एलान किया है.
इस राशि का इस्तेमाल बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए इमरजेंसी शेल्टर देना, पानी और अन्य ज़रूरी राहत सामग्री उपलब्ध कराने में किया जाएगा.
अमेरिकी विदेश विभाग ने बयान जारी कर बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना जताई है.
विभाग ने कहा कि इस आपदा से प्रभावित सभी लोगों के प्रति अमेरिका की संवेदनाएँ हैं.
बाढ़ के बाद सैकड़ों लोग लापता बताए जा रहे हैं. इनमें कम से कम 54 अमेरिकी नागरिक भी शामिल हैं, जिनमें ज़्यादातर पर्यटक बताए गए हैं.
यूपी में हरियाणवी सिंगर और यूट्यूबर अंकित बालियान की गोली मारकर हत्या, पुलिस ने क्या बताया
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इमेज कैप्शन, यूट्यूबर और हरियाणवी गायक अंकित बालियान (फ़ाइल फ़ोटो)
उत्तर प्रदेश के शामली ज़िले में बुधवार शाम यूट्यूबर और हरियाणवी गायक अंकित बालियान की गोली मारकर हत्या कर दी गई.
पुलिस के मुताबिक़, अज्ञात हमलावरों ने जिम से बाहर निकलते समय अंकित बालियान पर कई राउंड फ़ायरिंग की. हमले में उनकी मौके पर ही मौत हो गई.
न्यूज़ एजेंसी पीटीआई ने पुलिस के हवाले से बताया कि हमलावर दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर पहुंचे थे और अंकित बालियान पर कई गोलियां चलाईं. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.
शामली के पुलिस अधीक्षक एमपी सिंह ने बताया कि अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं. घटनास्थल और आसपास के इलाक़े में लगे सीसीटीवी कैमरों की फ़ुटेज खंगाली जा रही है, ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके. पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है.
अंकित बालियान यूट्यूब पर लोकप्रिय थे और उनके चैनल के 3.66 लाख से अधिक सब्सक्राइबर बताए जा रहे हैं. वह अपने वीडियो में गायक और कलाकार के तौर पर नज़र आते थे और अलग-अलग कलाकारों के साथ काम करते थे. उनके कई वीडियो में बंदूक़, हथियार और एसयूवी भी दिखाई देती थीं.
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अंकित बालियान की हत्या की कड़ी निंदा की है. उन्होंने उत्तर प्रदेश की क़ानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस घटना से पूरे क्षेत्र में भय का माहौल पैदा हो गया है.
नेपाल में आई बाढ़ को लेकर पाकिस्तान ने क्या कहा
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इमेज कैप्शन, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने नेपाल में आई बाढ़ को लेकर एक्स पर प्रतिक्रिया दी है (फ़ाइल फ़ोटो)
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से हुई जनहानि पर दुख व्यक्त किया है.
शहबाज़ शरीफ़ ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर कहा कि पाकिस्तान इस मुश्किल घड़ी में नेपाल की सरकार और जनता के साथ खड़ा है.
शरीफ़ ने एक्स पर लिखा, "नेपाल के रसुवा ज़िले और बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित अन्य इलाक़ों में क़ीमती जानों के जाने और बड़े पैमाने पर हुई तबाही से मुझे बहुत दुख हुआ है."
उन्होंने लिखा, "मेरी गहरी संवेदनाएं उन परिवारों के साथ हैं, जिन्होंने अपने लोगों को खोया है और हम इस दुखद घटना से प्रभावित सभी लोगों के साथ हैं. इस मुश्किल समय में पाकिस्तान नेपाल की सरकार और वहाँ के लोगों के साथ खड़ा है. हम प्रभावित इलाक़ों में सभी लोगों की सुरक्षा और अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करते हैं."
वहीं, नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग के लिए भारत ने 10 टन मानवीय मदद भेजी है.
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बुधवार देर रात बताया कि भारत की ओर से भेजी गई यह मानवीय सहायता नेपाल को सौंप दी गई है.
नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग के लिए भारत ने 10 टन मानवीय मदद भेजी है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बुधवार देर रात को बताया कि भारत की ओर से भेजी गई यह सहायता नेपाल को सौंप दी गई है.
रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "हम नेपाल के साथ हमेशा खड़े हैं. राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने भारत की ओर से 10 टन मानवीय मदद नेपाल के संस्कृति, पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्री श्री खड़क राज पौडेल को सौंपी. यह मदद विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत कार्यों में सहायता करेगी."
उन्होंने लिखा, "भारत नेपाल के साथ मज़बूती से खड़ा है और हर संभव मदद देने के लिए प्रतिबद्ध है."
इसके बाद नेपाल स्थित भारतीय दूतावास ने भी यही जानकारी एक्स पर साझा की है.
गौरतलब है नेपाल में कम से कम 157 लोगों की मौत हो गई, जबकि सुरक्षा बलों के जवान और विदेशी पर्यटकों समेत बड़ी संख्या में लोग लापता हैं.
अमेरिका के इस आयोग ने क्यों की मोहन भागवत का वीज़ा रद्द करने की मांग
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इमेज कैप्शन, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत (फ़ाइल फ़ोटो)
अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (यूएससीआईआरएफ़) ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत के अमेरिका दौरे को लेकर चिंता जताई है.
आयोग ने बुधवार को अमेरिकी सरकार से भागवत का वीज़ा रद्द करने और उन्हें भविष्य में अमेरिका में प्रवेश के लिए अयोग्य घोषित करने की मांग की है.
यूएससीआईआरएफ़ ने अपने बयान में आरोप लगाया, "आरएसएस से जुड़े संगठनों के सदस्यों ने भारत में ईसाइयों, दलितों, मुसलमानों और सिखों समेत धार्मिक अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ हिंसक हमले किए हैं."
आयोग के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सरकार की नीतियां आरएसएस की हिंदुत्व विचारधारा से क़रीबी तौर पर जुड़ी हैं और इनका धार्मिक अल्पसंख्यक समुदायों पर 'भेदभावपूर्ण प्रभाव' पड़ता है.
यूएससीआईआरएफ़ के चेयरपर्सन आसिफ़ महमूद ने कहा, "भारत में धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति लगातार ख़राब हो रही है और धार्मिक अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने के लिए हिंसा और भड़काऊ गतिविधियों का इस्तेमाल किया जा रहा है."
उन्होंने अमेरिकी सरकार से आरएसएस के सदस्यों और धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन में कथित तौर पर शामिल भारतीय अधिकारियों पर टारगेटेड सैंक्शन लगाने की भी अपील की.
आयोग ने भारत सरकार पर धार्मिक अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ भीड़ की हिंसा को रोकने, उसकी जांच करने और दोषियों को सज़ा दिलाने में नाकाम रहने का आरोप लगाया.
यूएससीआईआरएफ़ ने आरोप लगाया कि असम में एनआरसी और सीएए के तहत 'मुस्लिम नागरिकों को जबरन बाहर किया जा रहा' है.
यूएससीआईआरएफ़ की वाइस चेयरपर्सन सीसी हेल ने कहा, "अमेरिकी सरकार के पास भारत को जवाबदेह ठहराने और यह संदेश देने का अवसर है कि अमेरिका भारत के लोगों की धार्मिक स्वतंत्रता के समर्थन में खड़ा है."
आयोग ने अपनी 2026 की वार्षिक रिपोर्ट में अमेरिकी विदेश विभाग से भारत को ‘कंट्री ऑफ़ पार्टिकुलर कंसर्न’ (ऐसा देश जहां सरकारों धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन हो) घोषित करने की सिफ़ारिश की है.
नेपाल में बाढ़ से इतने अरब रुपये का नुक़सान, 19 पुल और 40 किलोमीटर सड़क तबाह
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इमेज कैप्शन, पुलों के क्षतिग्रस्त होने से कई इलाक़ों में सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है
नेपाल में बुधवार को आई भीषण बाढ़ से सड़क और पुलों को भारी नुकसान पहुंच है. शुरुआती आकलन के मुताबिक़, बाढ़ से 15 अरब नेपाली रुपये का नुकसान हुआ है.
सड़क विभाग के डायरेक्टर जनरल विजय जैसी ने बीबीसी नेपाली से इसकी पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि बाढ़ के कारण अब तक 19 पुल और क़रीब 40 किलोमीटर सड़क क्षतिग्रस्त हुई है. उनके मुताबिक़, नुकसान का आकलन अभी शुरुआती स्तर पर है और इसके बढ़ने की आशंका है.
पुलों के क्षतिग्रस्त होने से कई इलाक़ों में सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है. संपर्क बहाल करने के लिए प्रभावित स्थानों पर गुरुवार से बेली ब्रिज (एक पोर्टेबल और मॉड्यूलर स्टील पुल) लगाने का काम शुरू किया जाएगा. विजय जैसी ने बताया कि नेपाल के पास बेली ब्रिज उपलब्ध हैं. इसके अलावा भारत और चीन से भी बेली ब्रिज उपलब्ध कराने की अपील की गई है.
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इमेज कैप्शन, नुकसान का आकलन अभी शुरुआती स्तर पर है और इसके बढ़ने की आशंका है
सड़क विभाग के मुताबिक़, स्याब्रुबेसी और रसुवागढी के बीच सड़क संपर्क पूरी तरह कट गया है. पिछले साल आई बाढ़ के बाद चीन की मदद से इस सड़क का पुनर्निर्माण कराया जा रहा था. हालांकि, एक बार फिर बाढ़ की चपेट में आने से यातायात बाधित हो गया है.
वहीं, गाल्छी-बैरेनी सड़क खंड भी बाढ़ के कारण बंद है. अधिकारियों के मुताबिक़, सड़क पर जमा मलबा हटाने और यातायात बहाल करने के लिए काम किया जा रहा है.
गौरतलब है कि नेपाल में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 157 हो गई है.