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लाइव, बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने कहा, 'देर आए दुरुस्त आए'

मुरली मनोहर जोशी केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के दौरान मानव संसाधन विकास मंत्री रहे हैं.

सारांश

लाइव कवरेज

रौनक भैड़ा, अरशद मिसाल

  1. अब इस लाइव पेज को विराम देने का वक़्त आ गया है. मुझे यानी बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल को दीजिए इजाज़त.

    कल सुबह एक नए लाइव पेज के साथ हम फिर हाज़िर होंगे. बीबीसी न्यूज़ हिन्दी की वेबसाइट पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.

    - धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा राष्ट्रपति ने किया स्वीकार, इन मंत्री को मिला शिक्षा मंत्रालय का ज़िम्मा

    - धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े पर अभिजीत दीपके बोले- 'झुकती है दुनिया झुकाने वाले चाहिए'

  2. बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने कहा, 'देर आए दुरुस्त आए'

    शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े के बाद बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने इस मुद्दे पर टिप्पणी की है.

    उन्होंने एक्स पर लिखा, "देर आए दुरुस्त आए. धर्मेंद्र प्रधान ने त्यागपत्र दे दिया है. आशा करता हूं कि प्रधानमंत्री जी भी इस पर जल्द ही समय के मुताबिक़ फ़ैसला लेंगे.''

    मुरली मनोहर जोशी ने आगे लिखा, "उन सभी छात्रों को बधाई देता हूं कि उन्होंने आंदोलन को शांतिपूर्वक समाप्त कर दिया. मैं आशा करता हूँ कि अब भारतीय शिक्षा जगत में शीघ्र शांति स्थापित हो जाएगी और छात्रों को अपने उज्ज्वल भविष्य और प्रगति के लिए व्यापक अवसर हासिल होंगे."

    मुरली मनोहर जोशी केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के दौरान मानव संसाधन विकास मंत्री रहे हैं. उस समय उच्च शिक्षा इसी मंत्रालय के अधीन आती थी.

    गुरुवार को मुरली मनोहर जोशी ने स्टूडेंट्स के प्रदर्शन को लेकर चिंता जताई थी.

    उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "देश के अलग-अलग हिस्सों से आए स्टूडेंट्स को कई दिनों से नई दिल्ली की सड़कों पर प्रदर्शन करते देखना बेहद दुखद है."

    उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था को लेकर स्टूडेंट्स की चिंताएं जायज़ हैं और उनका समाधान संवेदनशीलता के साथ निकालने की ज़रूरत है.

  3. भारत ने ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ दूसरा टी-20 मैच भी जीता, ईशान किशन की शानदार बैटिंग

    भारत ने ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ दूसरे टी20 मैच को भी जीत लिया है.

    इसके साथ ही भारत ने इस सिरीज़ को अपने नाम कर लिया है. दोनों देशों के बीच तीसरा और आखिरी मैच रविवार को खेला जाएगा.

    यह जीत ऐसे वक़्त में आई है जब हाल में आयरलैंड और फिर इंग्लैंड के ख़िलाफ़ हुई टी-20 सिरीज़ को भारत ने गंवा दिया था.

    आयरलैंड में सिरीज़ के दौरान श्रेयस अय्यर को कप्तानी दी गई थी. अय्यर की कप्तानी में भारत ने ये पहली सिरीज़ जीती है.

    हरारे में खेले गए दूसरे मैच में टीम इंडिया ने ज़िम्बाब्वे को 90 रन से हराया. भारत ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 5 विकेट पर 219 रन बनाए.

    भारतीय टीम की ओर से ईशान किशन ने सबसे ज़्यादा 81 रन बनाए और वहीं तिलक वर्मा ने 60 रन बनाए.

    भारत से मिले लक्ष्य का पीछा करते हुए ज़िम्बाब्वे की टीम 129 रन पर सिमट गई.

    भारत की ओर से अभिषेक शर्मा ने 3 विकेट लिए, प्रिंस यादव और यश ठाकुर को 2-2 विकेट मिले.

  4. डिंपल यादव का स्टूडेंट्स के नाम संदेश, बोलीं- 'यह जीत आपकी है'

    समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े के बाद स्टूडेंट्स के नाम एक्स पर एक संदेश साझा किया.

    उन्होंने लिखा, "प्रिय बच्चों, यह जीत आपकी है. आपके साहस, दृढ़ संकल्प और लगातार संघर्ष को हम सलाम करते हैं, जिसकी बदौलत शिक्षा मंत्री को इस्तीफ़ा देना पड़ा."

    डिंपल यादव ने कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि स्टूडेंट्स को अपने अधिकारों के लिए इतना दर्द, हमले, ट्रॉमा और अपमान सहना पड़ा.

    उन्होंने कहा, "देश को बदलाव की ज़रूरत है. ऐसा बदलाव, जिससे व्यवस्था में जानबूझकर पनपने दिए गए भ्रष्टाचार को ख़त्म किया जा सके. ऐसा बदलाव, जिससे देश आगे बढ़े और युवाओं की आकांक्षाएं और सपने पूरे हो सकें."

    अपने संदेश के अंत में डिंपल यादव ने स्टूडेंट्स के लिए प्यार और शुभकामनाएं भी व्यक्त कीं.

  5. पुलिस कमिश्नर से मिलने के बाद सीजेपी ने कहा- 'लोकतंत्र की वापसी की शुरुआत'

    दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार से मुलाक़ात के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि बैठक सकारात्मक रही और इसमें पिछले कुछ दिनों में हुई सभी घटनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई.

    उन्होंने कहा, "20 तारीख को जो हुआ, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण था. हालांकि, हम यह भी मानते हैं कि पूरे आंदोलन के दौरान दिल्ली पुलिस की ओर से लगातार सहयोग मिला. हमने इसका भी जिक्र किया. हमें उम्मीद है कि यह एक नए अध्याय की शुरुआत होगी."

    रांका ने कहा कि आंदोलन की सभी मांगें मान ली गई हैं.

    उन्होंने बताया, "प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ दर्ज एफ़आईआर वापस लेने और भविष्य में कोई नई एफ़आईआर दर्ज नहीं करने का आश्वासन भी दिया गया है."

    शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े पर आशुतोष रांका ने कहा कि कई वर्षों बाद देश के लोगों ने इतनी खुशी महसूस की होगी.

    उन्होंने कहा, "यह खुशी सिर्फ़ एक इस्तीफ़े की नहीं है, बल्कि लोकतंत्र की वापसी की खुशी है. यह नागरिकों के अधिकारों और ज़िम्मेदारियों को फिर से हासिल करने का क्षण है."

    उन्होंने कहा कि पिछले 37 दिनों का यह आंदोलन इतिहास में उस पल के रूप में याद किया जाएगा, जब देश के युवा अपने देश की रक्षा और उसके हितों के लिए सड़कों पर उतरे.

  6. दीपांकर भट्टाचार्य ने जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को बधाई दी

    सीपीआई (एमएल) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य जंतर-मंतर पहुंचे. उन्होंने आंदोलन की जीत पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेता अभिजीत दीपके और आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा के साथ ही दानिश, अंजलि और आंदोलन से जुड़े अन्य लोगों को बधाई दी.

    सीपीआई(एमएल) के छात्र संगठन आइसा ने प्रेस रिलीज़ जारी कर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े को छात्र आंदोलन की जीत बताया.

    सीजेपी ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि सरकार ने उनकी सभी मांगें मान ली है.

    आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा ने इस ऐतिहासिक जीत के लिए देश के युवाओं को बधाई दी. उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ़ किसी एक मंत्री के इस्तीफ़े तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा के लोकतांत्रीकरण की लड़ाई है.

    नेहा ने कहा, "हमारी मांग है कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को ख़त्म किया जाए और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) को वापस लिया जाए, क्योंकि यह शिक्षा के निजीकरण को बढ़ावा देती है."

    उन्होंने कहा, "यह जीत जनता की है और हमारी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी."

  7. अन्ना हज़ारे ने सीजेपी के विरोध प्रदर्शन ख़त्म करने पर क्या कहा?

    केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन के ख़त्म करने फैसले पर सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हज़ारे ने प्रतिक्रिया दी है.

    उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान शांतिपूर्ण आंदोलन और लोकतांत्रिक संवाद के ज़रिए ही हो सकता है.

    अहिल्यानगर में पत्रकारों से बात करते हुए अन्ना हज़ारे ने अपने आंदोलनों का ज़िक्र करते हुए कहा, "स्थायी बदलाव टकराव से नहीं, बल्कि बातचीत से आता है."

    उन्होंने कहा, "किसी भी मुद्दे का समाधान संवाद से निकलता है. बातचीत से ही रास्ता निकलता है. तनाव पैदा करने या ग़लत रास्ते पर चलने से कोई हल नहीं निकलता. संवाद सबसे अहम है. मैंने 22 बार भूख हड़ताल की, लेकिन कभी हिंसा का सहारा नहीं लिया. समाज के हित में जो सही हो, वही किया जाना चाहिए."

    उन्होंने दावा किया कि उनके आंदोलनों के बाद 10 कानून बने.

    उन्होंने कहा, "अगर जनता के हित के लिए सरकार को आगे बढ़कर कदम उठाने पड़ें, तो इसमें कोई बुराई नहीं है. लेकिन सार्वजनिक हित सर्वोपरि होना चाहिए."

  8. सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, 'यह सिर्फ़ ट्रेलर है, पिक्चर अभी भी बाकी है'

    कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि यह सिर्फ़ ट्रेलर है, पूरी पिक्चर अभी बाकी है.

    दरअसल, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफ़ा दे दिया है. उनके ख़िलाफ़ नीट पेपर लीक को लेकर क़रीब एक महीने से दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का प्रदर्शन चल रहा था, जो देशभर में फैल गया था.

    सीजेपी ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि सरकार ने उनकी सभी मांगें मान ली हैं.

    उन्होंने कहा, "देश का युवा अब जाग चुका है. देश का युवा ही इस देश की समस्याओं का समाधान करेगा. एक पार्टी और एक आंदोलन के तौर पर हमारी लड़ाई यहीं ख़त्म नहीं हो रही है."

    सौरव दास ने कहा, "अब सीजेपी देशभर में जाएगी, युवाओं की बात सुनेगी, उनके लिए बेहतर नीतियां तैयार करेगी और हर स्तर पर जवाबदेही की मांग जारी रखेगी."

    उन्होंने कहा, "यह सिर्फ़ शुरुआत है. अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है."

  9. धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े पर ओवैसी बोले, 'यह युवाओं के संघर्ष और बलिदान की जीत है'

    केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े पर एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने प्रतिक्रिया दी है.

    उन्होंने कहा कि यह उन सभी नौजवानों के संघर्ष और बलिदान का नतीजा है, जिन्होंने इसके लिए आवाज़ उठाई.

    उन्होंने इसके लिए युवाओं को बधाई भी दी.

    ओवैसी ने कहा, "आज जो बदलाव हुआ है, उससे यह संदेश गया है कि अगर मोदी सरकार यह सोचती है कि वह अपनी मर्ज़ी से कुछ भी कर सकती है, चाहे वह बुलडोज़र से घर तोड़ सकती है या फिर किसी को दबा सकती है, तो इस आंदोलन ने उन्हें बता दिया है कि अब तानाशाही नहीं चलेगी."

    उन्होंने आगे कहा, "अगर देश में लोकतंत्र को सही तरीके से चलना है, तो उसे बाबासाहेब आंबेडकर के बनाए गए संविधान के दायरे में रहकर काम करना होगा."

    एआईएमआईएम सांसद ने उम्मीद जताई कि भविष्य में देश के किसी भी राज्य या किसी भी राष्ट्रीय परीक्षा में पेपर लीक जैसी घटनाएं नहीं होंगी.

    उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की ज़रूरत है.

  10. धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा मोदी सरकार के लिए झटका या मौक़ा? -दिनभर

  11. राहुल गांधी बोले- 'छात्र आंदोलन की जीत, शिक्षा व्यवस्था में सुधार की ज़रूरत'

    लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्र आंदोलन को लेकर कहा कि यह सबसे पहले छात्रों की जीत है, क्योंकि यही देश का भविष्य हैं.

    राहुल गांधी ने कहा, "भारत की शिक्षा व्यवस्था कभी देश की शान हुआ करती थी और पूरी दुनिया इसे एक अच्छी व्यवस्था के रूप में देखती थी. पिछले कई सालों से इस पर पर हमला हो रहा है, उसे कमज़ोर किया जा रहा है और निजीकरण की ओर ले जाया जा रहा है. यह आंदोलन उसी के ख़िलाफ़ एक प्रतिक्रिया थी."

    उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का ज़िक्र करते हुए कहा कि वह एक सिंबल हैं.

    राहुल गांधी ने कहा, "धर्मेंद्र प्रधान भ्रष्टाचार, शिक्षा व्यवस्था के विनाश और अक्षमता के सिंबल हैं. उनका पद से जाना ज़रूरी था और यह अच्छा हुआ कि वह चले गए."

    राहुल गांधी ने कहा कि अब सरकार को शिक्षा व्यवस्था में बदलाव के लिए ठोस क़दम उठाने होंगे.

    उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर शिक्षा व्यवस्था में दख़ल देने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह एक बड़ा मुद्दा है.

    उन्होंने कहा, "अगर इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ज़िम्मेदार हैं, तो आरएसएस भी उतना ही ज़िम्मेदार है."

    राहुल गांधी ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए व्यापक सुधारों की ज़रूरत है.

  12. अभिजीत दीपके की मां बोलीं, 'वो बहुत ज़िद्दी है, मैं शुरू से उसे लेकर चिंतित थी'

    दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की मांगें मान ली गई हैं और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफ़ा दे दिया है.

    इसके बाद सीजेपी के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके की मां अनीता दीपके ने खुशी ज़ाहिर की है.

    उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, "मुझे बहुत खुशी हो रही है. वो ज़िद्दी है, उसने मुझसे कहा था कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाती वो घर पर नहीं आएगा."

    दीपके की मां ने बताया कि शुरुआत में वो बहुत चिंतित थीं.

    उन्होंने कहा, "हमारा बेटा वहां अकेला था, हालांकि उसके साथ कई अन्य छात्र भी थे. माता-पिता होने के नाते हम डरे हुए थे. जब जयपुर में उसे थप्पड़ मारा गया, तो हमें बहुत दुख हुआ. उस रात हम सो नहीं पाए."

    उन्होंने कहा कि वो मिठाइयां बांटकर और साथ मिलकर जश्न मनाकर अभिजीत का स्वागत करने की योजना बना रही हैं.

  13. जनपथ, राजीव चौक, मंडी हाउस और केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन खोले गए

    दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि जनपथ, राजीव चौक, मंडी हाउस और केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशनों के एंट्री गेट अब खुल गए हैं.

    शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े के बाद डीएमआरसी ने यह अपडेट दिया है.

    डीएमआरसी ने जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन को देखते हुए आसपास के मेट्रो स्टेशनों को बंद करने का फ़ैसला किया था.

    डीएमआरसी ने शुक्रवार को एक्स पर पोस्ट कर बताया था कि दिल्ली मेट्रो के 18 स्टेशन बंद कर दिए गए हैं. शनिवार को एक्स पर की गई पोस्ट में डीएमआरसी ने सिर्फ़ चार मेट्रो स्टेशनों के खुलने की जानकारी दी.

  14. सोनम वांगचुक ने सरकार के क़दम का स्वागत किया, बोले- यह लोकतंत्र की जीत है

    सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े और केंद्र सरकार की ओर से उठाए गए कदम का स्वागत किया है.

    उन्होंने कहा, "आज जो हुआ, वह लोकतंत्र की जीत है और इसके लिए मैं देशवासियों को बधाई देता हूं."

    सोनम वांगचुक ने कहा, "मैं कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की टीम को भी बधाई और धन्यवाद देना चाहता हूं, जिसने सबसे पहले इस मुद्दे को उठाया. साथ ही उन वॉलंटियर्स का भी शुक्रिया अदा करता हूं जिन्होंने उनका साथ दिया, और देश भर के उन छात्रों, युवाओं और बुज़ुर्गों का भी जो लोकतंत्र के समर्थन में खड़े हुए."

    उन्होंने खास तौर पर आंदोलन के दौरान शांति बनाए रखने के तरीके की तारीफ की.

    वांगचुक ने कहा, "मैं उम्मीद करता हूं कि आगे भी यही शांति बनी रहेगी और भविष्य में किसी तरह की ग़लत घटना नहीं होगी."

    उन्होंने कहा कि सिर्फ़ इस्तीफे़ से देश नहीं बनता, बल्कि सुधारों की ज़रूरत होती है. शिक्षा व्यवस्था में सुधार होना चाहिए और इस दिशा में आगे काम किया जाना चाहिए.

    वांगचुक ने उम्मीद जताई कि जिस उदारता के साथ सरकार ने यह कदम उठाया है, उसी तरह शिक्षा और शासन व्यवस्था में भी सुधार के लिए काम किया जाएगा.

    उन्होंने कहा, "अब देश को डर के नहीं, बल्कि प्यार और विश्वास के साथ चलाया जाना चाहिए और देश को अन्याय नहीं, बल्कि सच्चाई के रास्ते पर आगे बढ़ना चाहिए."

  15. ब्रेकिंग न्यूज़, कॉकरोच जनता पार्टी ने प्रदर्शनकारियों से घर जाने की अपील की, कहा- 'हमारी मांगें मान ली गई हैं'

    कॉकरोच जनता पार्टी ने कहा है कि केंद्र सरकार ने उनकी बाक़ी मांगों को भी मान लिया है.

    तीसरे दौर की बातचीत के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर इसकी जानकारी दी.

    इस दौरान सौरव दास ने कहा कि सरकार ने हमारी सभी मांगें मान ली हैं, और उन्होंने प्रदर्शनकारियों से घर जाने की अपील की.

    संयुक्त प्रेस कॉन्फ़्रेंस में सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने बताया, "सरकार ने दूसरी मांगें भी मान ली गई हैं."

    उन्होंने कहा, "सिर्फ़ दिल्ली ही नहीं, पूरे देश में दर्ज हुई एफ़आईआर को सरकार वापस लेने के लिए तैयार हो गई है. साथ ही सरकार ने वादा किया है कि भविष्य में सीजेपी के किसी भी कार्यकर्ता पर प्रोटेस्ट के लिए कार्रवाई नहीं होगी."

    आशुतोष रांका ने बताया कि एक करोड़ रुपये के मुआवज़े पर भी बात बन गई है, सरकार ने कहा है कि कानून के तहत मुआवज़ा दिया जाएगा.

    केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने क्या कहा

    कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा, "आज हमारी लंबी बातचीत हुई. वे एक लिखित मसौदा लेकर आए थे, जिसमें उन्होंने आंदोलन के दौरान दर्ज मामलों को लेकर चार बिंदु रखे थे. इसके साथ ही हमने उनकी अन्य दो मांगों पर भी चर्चा की, कोई बदले की कार्रवाई न की जाए, मुआवज़ा दिया जाए और उनके पांच सूत्रीय मांग पत्र पर विचार किया जाए."

    "हम उन्हें एफआईआर की कॉपी उपलब्ध कराएंगे और कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी. दूसरी बात, मुआवज़े को लेकर सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि हम भी उनके प्रति संवेदना रखते हैं. हम सभी ने कहा है कि नियमों और प्रावधानों के अनुसार मुआवज़ा दिया जाएगा. जितना अधिक संभव होगा, उतना उन्हें दिया जाएगा."

  16. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने की धर्मेंद्र प्रधान की तारीफ़, और क्या कहा?

    बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने एक्स पर पोस्ट कर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की तारीफ़ की है.

    दरअसल, जंतर-मंतर और देश में जारी स्टूडेंट्स के प्रदर्शन के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफ़ा दे दिया है.

    इसके बाद नितिन नबीन ने एक्स पर लिखा, "केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में धर्मेंद्र प्रधान ने भारत की शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने और ऐतिहासिक राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी 2020) को सफलतापूर्वक लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इसके अलावा भी उन्होंने कई अहम पहलों को आगे बढ़ाया."

    "बड़े हितों को प्राथमिकता देते हुए, उनके पद छोड़ने के निर्णय से सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी और निस्वार्थ सेवा के उच्चतम मानकों का परिचय मिलता है. पार्टी इस निर्णय में धर्मेंद्र प्रधान जी के साथ पूरी मज़बूती से खड़ी है."

    नितिन नबीन ने भविष्य के लिए धर्मेंद्र प्रधान को शुभकामनाएं भी दीं.

  17. गीतांजलि अंगमो बोलीं, 'युवाओं ने साबित किया अंधभक्ति के बिना देशभक्ति निभाई जा सकती है'

    सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे अंगमो ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि जेन ज़ी ने दिखाया कि भारत का विश्वगुरू होने का मतलब क्या है.

    उन्होंने लिखा, "इन युवाओं ने सनातन धर्म का सिर्फ़ उपदेश नहीं दिया, बल्कि उसे अपने व्यवहार में जीकर दिखाया. उन्होंने साबित किया कि नफ़रत के बिना भी साहसी हुआ जा सकता है, हिंसा के बिना भी मज़बूती दिखाई जा सकती है, और अंधभक्ति के बिना भी देशभक्ति निभाई जा सकती है."

    उन्होंने लिखा, "दुनिया के कई देशों के युवाओं के मुक़ाबले, भारत के इन नौजवानों ने यह मिसाल पेश की कि बिना अपने देश को जलाए, अन्याय के ख़िलाफ़ डटकर खड़ा हुआ जा सकता है."

    "शायद अब समय आ गया है कि हिंदू राष्ट्रवादी पार्टी भी इन युवा भारतीयों से हिंदुत्व, राष्ट्रवाद और विश्वगुरु होने का असली अर्थ सीखने की कोशिश करे."

    दरअसल, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है. उनके ख़िलाफ़ क़रीब एक महीने से दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का प्रदर्शन चल रहा है.

    शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी 26 दिनों तक भूख हड़ताल की.

  18. धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े पर सोनम वांगचुक बोले, 'यह लोकतंत्र की जीत है'

    सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शनिवार को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े को लोकतंत्र की जीत बताया है.

    उन्होंने एक्स पर लिखा, "यह लोकतंत्र की जीत है, लोकतंत्र की जीत, जो सीधे सड़कों से आई है. यह शांति, धैर्य और दृढ़ता की जीत है. कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और देश की 'जेन ज़ी' को बधाई."

    उन्होंने लिखा, "साथ ही, उन सभी नागरिकों का भी धन्यवाद जिन्होंने डर और डर के डर को त्यागकर देश के हर कोने से आवाज़ उठाई."

    उन्होंने आखिर में लिखा, "जवाबदेही से अब सुधार की ओर."

    सोनम वांगचुक ने नीट पेपर लीक मुद्दे को लेकर 26 दिनों तक अनशन किया. 28 जून को उन्होंने जंतर-मंतर पर सीजेपी के मंच से अनशन शुरू किया था.

    गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने उनका अनशन तुड़वाया. वह लगातार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रहे थे.

  19. दिल्ली पुलिस ने सीजेपी प्रदर्शन पर कहा- 'पाकिस्तान से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट फ़र्ज़ी ख़बरें फैला रहे'

    दिल्ली में चल रहे सीजेपी प्रदर्शन को लेकर डीसीपी सेंट्रल रोहित राजबीर सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि पाकिस्तान से संचालित कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स प्रदर्शन से जुड़ा फ़र्ज़ी और भ्रामक कंटेंट फैला रहे हैं.

    उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर ऐसे अकाउंट्स की पहचान करने और उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई करने में जुटी हुई है.

    डीसीपी सेंट्रल रोहित राजबीर सिंह ने कहा, "जांच के दौरान यह भी सामने आया कि पाकिस्तान से संचालित कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स इस प्रदर्शन से जुड़ा फ़र्जी कंटेंट फैला रहे हैं. दिल्ली पुलिस संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर ऐसे और अकाउंट्स की पहचान करने के लिए लगातार काम कर रही है."

    "अब तक ऐसे 400 से ज़्यादा सोशल मीडिया हैंडल की पहचान कर उन्हें ब्लॉक किया जा चुका है. इन अकाउंट्स के ज़रिए एआई से तैयार किया गया कंटेंट, डीपफेक वीडियो, एडिट की गई तस्वीरें और प्रदर्शन से जुड़ी अन्य भ्रामक व फ़र्ज़ी सामग्री फैलाई जा रही थी."

    "जांच में यह भी पता चला कि इनमें से कुछ हैंडल 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भी फ़र्ज़ी और भ्रामक जानकारी फैलाने में सक्रिय थे. इन सोशल मीडिया अकाउंट्स ने कई वरिष्ठ अधिकारियों के आधिकारिक बयानों के साथ छेड़छाड़ कर उन्हें तोड़-मरोड़कर पेश किया और विज़ुअल कंटेंट में हेरफेर कर लोगों को गुमराह करने की कोशिश की."

  20. भारतीय दूतावास ने भारतीय क्रू मेंबर वाले जहाज़ पर हुए हमले को लेकर क्या कहा?

    ईरान के जलक्षेत्र में शुक्रवार को एक एलपीजी टैंकर पर हमला हुआ, जिसमें 28 भारतीय नाविक सवार थे. ईरान स्थित भारतीय दूतावास ने इसको लेकर बयान जारी किया है.

    भारतीय दूतावास के अनुसार, टैंकर पर कुल 28 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे, सभी पूरी तरह सुरक्षित हैं.

    भारतीय दूतावास ने शुक्रवार देर रात अपने बयान में कहा, "हमें इसकी जानकारी है कि मोज़ाम्बिक के ध्वज वाला एलपीजी टैंकर 'दिशा' पर ईरान के जलक्षेत्र में हमला हुआ है."

    आगे लिखा, "इस जहाज़ पर 28 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार हैं. दूतावास संबंधित अधिकारियों के लगातार संपर्क में है और यह पुष्टि की है कि सभी भारतीय चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं."

    दूतावास ने बताया कि वह पूरे घटनाक्रम पर लगातार नज़र बनाए हुए है और संबंधित अधिकारियों के साथ संपर्क में है.