अमेरिका ने इराक़ी पीएम आवास पर हमले को बताया आतंकी घटना

मुस्तफ़ा अल-कदिमी

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अमेरिका ने रविवार सुबह इराक़ी प्रधानमंत्री मुस्तफ़ा अल-कदीमी के आधिकारिक आवास पर हुए ड्रोन हमले को एक आतंकी हमला बताया है.

अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने रविवार सुबह एक बयान जारी करते हुए बताया है कि "हम इस ड्रोन हमले और उसके बाद के हालातों पर नज़र बनाए हुए हैं."

नेड प्राइस ने इस बयान को ट्वीट करते हुए लिखा है, "हम इराक़ी प्रधानमंत्री कदीमी के आवास पर हुए ड्रोन हमले पर नज़र बनाए हुए हैं. हम इस आतंकी गतिविधि की कड़ी निंदा करते हैं और इराक़ी सुरक्षाबलों के साथ संपर्क बनाए हुए हैं. इराक़ी साझेदारों के साथ हमारा समर्पण अटूट है."

इस बयान में प्राइस की ओर से ये भी बताया गया है कि अमेरिका ने इस हमले की जांच में इराक़ी सेना का सहयोग करने का प्रस्ताव भी दिया है और अमेरिका इस मौके पर इराक़ी सरकार एवं इराक़ी आवाम के साथ खड़ा है.

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कैसे और कब हुआ हमला

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़, रविवार सुबह इराक़ की राजधानी बग़दाद के ग्रीन ज़ोन इलाक़े में स्थित प्रधानमंत्री आवास को एक विस्फोटक लदे ड्रोन से निशाना बनाया गया.

इराक़ की राजधानी बग़दाद का ग्रीन ज़ोन इलाक़ा सबसे ज़्यादा सुरक्षा के लिए चर्चित है. दुनिया भर के तमाम राजनयिक और अधिकारी एक लंबे समय से इसी क्षेत्र में रह रहे हैं. यहां तमाम देशों के दूतावास से लेकर अहम सरकारी इमारतें मौजूद हैं. ऐसे में इसे एक बेहद सुरक्षित क्षेत्र माना जाता है.

सुरक्षाकर्मियों ने बताया है कि रविवार की सुबह इस क्षेत्र में ड्रोन से लॉन्च हुए रॉकेट प्रधानमंत्री आवास से टकराए.

ग्रीन ज़ोन में रह रहे पश्चिमी देशों के राजनयिकों ने बताया है कि उन्होंने इस क्षेत्र में धमाकों और गोलीबारी की आवाज़ें सुनी हैं.

अधिकारियों ने बताया है कि इस हमले में प्रधानमंत्री की सुरक्षा में लगे कम से कम छह लोग घायल हुए हैं.

ग्रीन ज़ोन

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प्रधानमंत्री की हत्या का प्रयास

इराक़ी सेना के मुताबिक़, इस हमले में प्रधानमंत्री मुस्तफ़ा अल-कदीमी को किसी तरह का नुक़सान नहीं पहुंचा है.

इसके साथ ही सेना ने इसे प्रधानमंत्री की हत्या करने का एक प्रयास बताया है.

इराक़ सरकार के दो अन्य अधिकारियों ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया है कि प्रधानमंत्री आवास पर कम से कम एक धमाका हुआ है.

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प्रधानमंत्री ने ख़ुद को बताया सुरक्षित

प्रधानमंत्री मुस्तफ़ा अल-कदीमी ने ट्वीट करके शांति बनाए रखने की अपील की है और खुद को सुरक्षित बताया है.

टीवी पर जारी पहले से रिकॉर्ड किए गए बयान में उन्होंने कहा है, "भगवान का शुक्र है कि मैं और मेरे साथ काम करने वालों का स्वास्थ्य ठीक है."

उन्होंने कहा, "कायरतापूर्ण मिसाइल और कायरता से भरे ड्रोन हमारे देश एवं भविष्य का निर्माण नहीं करते हैं. हम अपने देश को बनाने की कोशिश में लगे हैं, इसकी सत्ता और संस्थानों का सम्मान करते हैं और सभी इराक़ियों के लिए एक बेहतर भविष्य बनाने की कोशिश में हैं. मैं सभी पक्षों से इराक़ और इराक़ के भविष्य की ख़ातिर शांतिपूर्ण संवाद की अपील करता हूं. इराक़ जिंदाबाद"

किसी संगठन ने नहीं ली ज़िम्मेदारी

अब तक किसी भी संगठन ने इस ड्रोन हमले की ज़िम्मेदारी नहीं ली है.

पिछले कुछ दिनों से ग्रीन ज़ोन के बाहर ईरान समर्थित हथियारबंद संगठनों के समर्थक सरकार के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.

इन प्रदर्शनकारियों का दावा है कि हाल ही में हुए आम चुनावों में घोटाला हुआ है.

इस चुनाव में ही पूर्व इंटेलिजेंस चीफ़ मुस्तफ़ा अल-कदीमी जीत हासिल करके प्रधानमंत्री बने हैं.

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