कोरोना वायरस: ट्रंप के विशेष सलाहकार ने दिया इस्तीफ़ा

डोनाल्ड ट्रंप और स्कॉट एटलस

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के कोरोना वायरस मामलों के विवादित विशेष सलाहकार स्कॉट एटलस ने इस्तीफ़ा दे दिया है.

ट्रम्प का शुक्रिया अदा करते हुए उन्होंने कहा कि 'मैंने हमेशा विज्ञान और सबूत पर ही भरोसा किया है बिना किसी राजनीतिक प्रभाव या दबाव के.'

अपने चार महीने के कार्यकाल में डॉक्टर एटलस ने महामारी को नियंत्रित करने के लिए मास्क पहनने की ज़रूरत और दूसरे उपायों पर ही सवाल उठाया था.

कोरोना वायरस टास्क फ़ोर्स के दूसरे सदस्यों के साथ भी वे कई बार बहस करते नज़र आए.

स्टैनफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी के हूवर इंस्टीट्यूशन के सीनियर फ़ेलो और रेडियोलाजिस्ट रहे डॉक्टर एटलस अगस्त में कोरोना टास्क फ़ोर्स में शामिल हुए थे.

वीडियो कैप्शन, चीन से शुरू हुआ कोरोनावायरस दक्षिण कोरिया, ईरान और इटली तक फैल चुका है.

फ़ेस मास्क की उपयोगिता

कोरोना महामारी पर क़ाबू पाने के लिए फ़ेस मास्क की उपयोगिता पर सवाल उठाने के साथ-साथ वे लॉकडाउन लगाने के भी ख़िलाफ़ थे और कोरोना वायरस से निपटने के लिए वो हर्ड इम्यूनिटी के समर्थक थे.

पिछले महीने उन्होंने एक ट्वीट करके विवाद खड़ा कर दिया.

मिशिगन में जारी नए नियमों को लेकर उन्होंने ट्वीट किया कि लोगों को इसके ख़िलाफ़ खड़े होना चाहिए जबकि कुछ हफ़्ते पहले ही वायरस से निपटने के क़दमों के ख़िलाफ़ असामाजिक तत्वों पर मिशिगन के गवर्नर ग्रेचन विट्मर के अपहरण की कोशिश का आरोप लगा था.

डॉक्टर एंथनी फ़ाउची समेत कोरोना वायरस मामलों के शीर्ष पब्लिक हेल्थ विशेषज्ञों ने डॉक्टर एटलस पर आरोप लगाया था कि वह राष्ट्रपति ट्रम्प को वायरस के बारे में भ्रामक जानकारी दे रहे हैं.

एंथनी फ़ाउची

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अमेरिका में मौजूदा हालात

एटलस के इस्तीफ़े के बाद फ़ाउची ने बीबीसी से कहा, "महामारी फैलने के बाद से लेकर अब तक अमेरिका में मौजूदा हालात सबसे ज़्यादा ख़राब हैं. हर रोज़ ऐसा लग रहा है कि हम कोरोना संक्रमण के मामले में नया रिकॉर्ड बना रहे हैं."

रविवार (29 नवंबर) तक के आंकड़ों के अनुसार केवल नवंबर के महीने में अमेरिका में 40 लाख से ज़्यादा संक्रमण के मामले सामने आए हैं. यह संख्या अक्टूबर के महीने में कोरोना संक्रमणों की संख्या का दोगुना है.

स्कॉट एटलस की अपनी यूनिवर्सिटी के शिक्षकों ने भी उनकी आलोचना की थी क्योंकि कोविड-19 को लेकर उनके विचार मेडिकल साइंस के ख़िलाफ़ थे.

अब उनके इस्तीफ़े का उन्होंने स्वागत किया और कहा, "ये काफ़ी पहले हो जाना चाहिए था और ये विज्ञान और सच की झूठ और भ्रम पर जीत है."

फ़ॉक्स न्यूज़ का कहना है कि डॉक्टर एटलस 130 दिन के कॉंट्रैक्ट पर सरकार में आए थे और उनका कार्यकाल इस हफ़्ते ख़त्म हो रहा था.

बाइडन

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महामारी से निपटने के लिए नीतियाँ

फ़ॉक्स के पास मौजूद उनके इस्तीफ़े में डॉक्टर एटलस ने लिखा है कि उनकी सलाह 'हमेशा इस बात को केंद्र में रख कर होती थी कि महामारी और उससे निपटने के लिए बनाई जा रही नीतियों दोनों की वजह से होने वाला नुक़सान कम से कम हो, ख़ासकर वर्किंग क्लास और ग़रीबों के लिए.'

उन्होंने विचारों के स्वतंत्र आदान-प्रदान की भी बात की जिससे वैज्ञानिक सच तक पहुँचा जा सके.

उन्होंने कहा, "मैं इससे बेहतर कोई और वक़्त सोच ही नहीं सकता जब विज्ञान और वैज्ञानिक बहस को बचाने की इससे ज़्यादा ज़रूरत हो."

डॉक्टर एटलस ने बाइडन की कोरोना वायरस टीम को भी शुभकामनाएँ दी, "शुभकामनाएँ क्योंकि उन्हें देश को इस मुश्किल और विभाजित दौर में गाइड करना है"

राष्ट्रपति-इलेक्ट बाइडन ने ट्रम्प से अलग स्टैंड लेते हुए मास्क पहनने पर ज़ोर दिया है और विज्ञान के आधार पर ही महामारी से निपटने के लिए नीतियाँ बनाने की बात कही है.

अमेरिका में एक करोड़ 30 लाख से ज़्यादा कोरोना मामले आ चुके हैं और अब तक 2,66,000 से ज़्यादा मौतें हो चुकी हैं.

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