उत्तर प्रदेश के सिनेमा घरों को छह महीने के लिए लाइसेंस फी की छूट - आज की बड़ी ख़बरें

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मनोरंजन उद्योग को एक बड़ी राहत देते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के सिनेमा घरों को लाइसेंस फी में छूट देने का फ़ैसला किया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को इस बारे में घोषणा की.
राज्य सरकार के फ़ैसले के अनुसार मल्टीप्लेक्स और सिनेमा घरों को एक अप्रैल से 30 सितंबर तक की अवधि के लिए लाइसेंस फी की छूट दी गई है.
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि कोरोना लॉकडाउन के कारण मल्टीप्लेक्स और सिनेमा घर इस दौरान बंद थे और इस छूट से थिएटरों के मालिक को बड़ी राहत मिलेगी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सिनेमा (नियमन) अधिनियम, 1955 की धारा 10 के तहत ये छूट दी गई है.
राज्य सरकार ने सिनेमा घरों को कोविड-19 प्रोटोकॉल की कुछ शर्तों के साथ 15 अक्तूबर से खोले जाने की इजाजत दे दी है.

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राघोपुर से नामांकन भरने के बाद क्या बोले तेजस्वी यादव
बिहार विधानसभा चुनाव के लिए आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने बुधवार को राघोपुर से अपना नामांकन भरा. वैशाली के ज़िलाधिकारी कार्यालय में नामांकन पत्र भरने के दौरान तेजस्वी के साथ उनके भाई तेज प्रताप और वरिष्ठ आरजेडी नेता भोला राय मौजूद थे.
पर्चा दाखिल करने के बाद तेजस्वी ने कहा, "चुनाव के बाद महागठबंधन निश्चित ही सरकार बनाएगी क्योंकि लहर हमारे पक्ष में है."
इस दौरान उन्होंने राज्य के मौजूदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तंज कसा. तेजस्वी ने उन्हें "बेचारा मुख्यमंत्री" संबोधित करते हुए कहा कि नीतीश कुमार राज्य के लिए न तो विशेष दर्जा ही हासिल कर सके और न ही पटना विश्वविद्यालय के लिए सेंट्रल यूनिवर्सिटी का दर्जा ही हासिल कर सके.
2015 में इसी सीट से विधानसभा पहुंचे तेजस्वी का आगामी चुनाव में बीजेपी के सतीश कुमार से मुक़ाबला होगा. 2010 में राघोपुर से सतीश कुमार ने तेजस्वी की मां और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को हराया था. तब बीजेपी और जेडीयू एक साथ चुनाव में उतरी थी.
वहीं पिछली बार बीजेपी चुनावी मैदान में जेडीयू के साथ के बगैर मुक़ाबला कर रही थी तब सतीश तेजस्वी से हार गए थे. तब तेजस्वी आरजेडी, जेडीयू और कांग्रेस के महागठबंधन की तरफ से उम्मीदवार थे. राघोपुर यादव बहुल विधानसभा क्षेत्र है. यहां से लालू यादव और राबड़ी देवी चुनाव जीत चुके हैं.

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नित्यानंद राय बोले, राजद जीती तो कश्मीर से आंतकवादी भागकर बिहार में शरण लेंगे
बिहार की एक चुनावी रैली में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय के एक बयान को लेकर राजनीतिक विवाद छिड़ गया है. यहां तक कि बीजेपी नेता भूपेंद्र यादव को नित्यानंद राय के बचाव में सामने आना पड़ा.
दरअसल वैशाली की एक जनसभा में नित्यानंद राय ने कहा कि अगर राजद बिहार की सत्ता में आती है तो चरमपंथी कश्मीर से भागकर बिहार में शरण लेने लगेंगे. उन्होंने कहा, "अगर राजद सत्ता में आती है तो जिन आतंकवादियों को हम कश्मीर से ख़त्म करेंगे, वे बिहार आकर पनाह ले लेंगे. हम ऐसा होने नहीं देंगे."
राष्ट्रीय जनता दल और अन्य विपक्षी पार्टियों ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के इस बयान का विरोध किया है.
लेकिन नित्यानंद राय के बयान का बचाव करते हुए भूपेंद्र यादव ने कहा, "नित्यानंद जी के बयान का ये मतलब है कि बीजेपी आतंकवाद के ख़िलाफ़ पूरी तक़त के साथ लड़ रही है.... एक तरह से उनकी टिप्पणी को तोड़ मरोड़ कर पेश किया जा रहा है. उन्होंने ये बात राष्ट्रीय सुरक्षा के संदर्भ में कही थी."
भूपेंद्र यादव ने राजद की आलोचना करते हुए कहा कि ये पार्टी बिहार को लालटेन युग में वापस ले जाना चाहती है. उन्होंने कहा, "हम ये चुनाव भ्रष्टाचार के मुद्दे पर लड़ रहे हैं. राजद को इस बात का जवाब देना चाहिए कि उसके कार्यकाल में बेहिसाब भ्रष्टाचार के लिए जवाब दे. हम कृषि के मुद्दे पर लड़ रहे हैं और उन्हें इस बात का जवाब देना चाहिए कि राजद के शासनकाल में कृषि विकास क्यों नहीं बढ़ पाया. हम बिजली, सड़क और पानी के मुद्दे पर लड़ रहे हैं लेकिन राजद बिहार को लालटेन युग में वापस ले जाना चाहती है."

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बीजेपी ने जारी की अपने प्रत्याशियों की अंतिम लिस्ट
बिहार विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने उम्मीदवारों की चौथी लिस्ट बुधवार को जारी की. इसमें 35 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की गई है.
बीजेपी ने बगहा से राम सिंह, रक्सौल से प्रमोद सिन्हा, पूर्णिया से विजय कुमार खेमका, कटिहार से तारकिशोर प्रसाद, सहरसा से आलोक रंजन झा, दरभंगा से संजय सरावगी, कुढ़नी से केदार गुप्ता और मुज़फ़्फ़रपुर से सुरेश कुमार शर्मा को प्रत्याशी बनाया है.
तीसरे चरण में बीजेपी ने छह महिलाओं को भी मैदान में उतारा है. किशनगंज से स्वीटी सिंह, प्राणपुर से निशा सिंह, कोढ़ा से कविता पासवान, रामनगर से भागीरथी देवी, नरकटियागंज से रश्मि वर्मा और परिहार से गायत्री देवी.
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इसके साथ ही बीजेपी ने 28 अक्तूबर से तीन चरणों में शुरू हो रहे विधानसभा चुनाव के लिए अपने सभी 110 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है. बुधवार को जारी चौथी लिस्ट के सभी उम्मीदवार 7 नवंबर को होने वाले तीसरे चरण में अपने भाग्य आजमाएंगे.
विधानसभा चुनाव में जेडीयू 115 और बीजेपी 110 सीटों पर जबकि जीतन राम मांझी की 'हम' और विकासशील इंसान पार्टी क्रमशः सात और 11 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार रही हैं. बिहार की 243 विधानसभा सीटों पर 28 अक्तूबर, 3 नवंबर और 7 नवंबर को मतदान होने हैं. चुनाव के नतीजे 10 नवंबर को आएंगे.

हाथरस मामला: पीड़ित परिवार की सुरक्षा में आठ सीसीटीवी कैमरे और 51 पुलिसकर्मी
उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफ़नामा दायर करके बताया कि हाथरस मामले में पीड़ित परिवार को तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराई गई है.
पीड़ित परिवार के घर की बाहर से निगरानी के लिए इसके चारों ओर 10-12 अतिरिक्त लाइटें और आठ सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं. यूपी सरकार ने हलफ़नामे में बताया कि पीड़िता के माता-पिता, दो भाइयों, भाभी और दादी को उनके गांव में यह सुरक्षा मुहैया कराई गई है.
गांव में प्रवेश करने के प्रत्येक रास्ते पर एक इंस्पेक्टर, एक हेडकॉन्स्टेबल, चार कॉन्स्टेबल और दो महिला कॉन्स्टेबलों की चौबीसों घंटे तैनाती की गई है. ठीक ऐसे ही आठ सुरक्षाकर्मियों को पीड़ित परिवार के घर के आसपास तैनात किया गया है. घर के बाहर चौबीसों घंटे एक सब-इंस्पेक्टर तैनात रहेंगे.
परिवार की महिला सदस्यों के लिए महिला पुलिस भी तैनात की गई है. साथ ही घर में आने वालों का नाम भी नोट किया जा रहा है. पीड़ित परिवार के घर पर यूपी पुलिस के साथ साथ पीएसी की तैनाती भी की गई है. पीएसी के ये 15 सुरक्षाकर्मी पीड़ित परिवार के घर के बाहर एक कैंप में तैनात रहेंगे.
कुल मिलाकर अलग अलग शिफ़्ट में 51 पुलिसकर्मी परिवार की सुरक्षा में लगाए गए हैं. इसके अलावा चार कर्मचारियों समेत एक दमकल भी घर के बाहर खड़ा किया गया है. हाथरस घटना के बाद पीड़ित परिवार ने ख़तरे की बात कही थी और सुरक्षा देने की मांग की थी.
इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को पीड़ित परिवार और गवाहों को सुरक्षा देने को कहा था.

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कोरोनाः यूरोप में तेज़ी से बढ़ रहे हैं मामले, फिर से सख़्ती
यूरोप के कई देशों में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बाद एक बार फिर से पाबंदियाँ लगाई जा रही हैं.
ब्रिटेन में इंग्लैंड को संक्रमण की गंभीरता के हिसाब से मध्यम, उच्च और अत्यंत उच्च ख़तरे वाले तीन हिस्सों में बाँट दिया गया है और वहाँ उसी प्रकार से सख़्ती बरती जा रही है. ब्रिटेन सरकार के वैज्ञानिक सलाहकारों ने कहा है कि अभी भी सार्वजनिक जगहों पर बहुत सख़्ती नहीं दिखाई दे रही.
चेक गणराज्य में तीन सप्ताह के लिए आंशिक लॉकडाउन लगा दिया गया है जिसके बाद स्कूलों, बारों और क्लबों को बंद रखना होगा.
यूरोपीय देशों में प्रति एक लाख की आबादी के हिसाब से सबसे ज़्यादा मामले चेक गणराज्य में आ रहे हैं. चेक स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि वहाँ लॉकडाउन में ढील दिए जाने के बाद से लोग ज़्यादा ही सामान्य होने लगे थे.
चेक गणराज्य ने मार्च में काफ़ी शीघ्रता और सख़्ती से लॉकडाउन लगा दिया था. मगर जून में वहाँ ढील दी गई जिसके बाद राजधानी प्राग के चार्ल्स ब्रिज पर संकट समाप्त होने का जश्न मनाया गया था.

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नीदरलैंड्स में भी अगले चार हफ़्तों के लिए आंशिक लॉकडाउन लगा दिया गया है. वहाँ सार्वजनिक स्थलों पर मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है.
यूरोप के कई देशों में अस्पतालों में मरीज़ों की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है.
फ़्रांस की राजधानी पेरिस में सरकारी अस्पतालों के संगठन ने कहा है कि अगले सप्ताह के अंत तक पेरिस के अस्पतालों के 90 फ़ीसदी बेड भर जाएँगे.
फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों बुधवार को और सख़्तियों की घोषणा करने जा रहे हैं. बताया जा रहा है कि पेरिस की कई जगहों पर रात का कर्फ़्यू लगा दिया जा सकता है.
जर्मनी की चांसलर एंगेला मैर्केल ने भी कहा है कि वो स्थिति पर नज़र रखे हुए हैं.
उन्होंने कहा, "मैं ज़रूर कहना चाहूँगी कि स्थिति गंभीर बनी हुई है."
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