मसूद अज़हर बहुत बीमार हैं, घर से नहीं निकल सकते: पाक विदेश मंत्री

2000 में ली गई थी मसूद अज़हर की तस्वीर
इमेज कैप्शन, मसूद अज़हर की ये तस्वीर साल 2000 में पाकिस्तान के कराची में ली गई थी
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पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने सीएनएन को दिए एक इंटरव्यू में कहा है कि उनकी जानकारी के अनुसार जैश-ए-मोहम्मद के सबसे बड़े नेता मसूद अज़हर पाकिस्तान में ही हैं.

जब उनसे पूछा गया कि क्या मसूद पाकिस्तान में हैं, तो उन्होंने जवाब दिया, "हाँ, वो पाकिस्तान में ही हैं."

इंटरव्यू कर रहीं नामी पत्रकार क्रिस्टियाना अमनपोर ने पूछा कि पाकिस्तान उन्हें गिरफ़्तार क्यों नहीं करता?

इस पर पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने कहा, "वे पाकिस्तान में ही हैं, वे बीमार हैं, वे इतने बीमार हैं कि अपने घर से बाहर भी नहीं निकल सकते. वे बहुत बीमार हैं."

सीएनएन की पत्रकार ने पूछा कि सब कुछ जानते-समझते हुए भी मसूद अज़हर का नाम आतंकवादियों की सूची में नहीं डाला जा रहा है, आपके कहने पर चीन संयुक्त राष्ट्र में इससे जुड़े प्रस्ताव को वीटो करता रहा है. क्या मौजूदा हालत में तनाव कम करने के लिए अब आप अपना रवैया बदलेंगे?

इसके जवाब में कुरैशी ने कहा, "हम ऐसे हर कदम के लिए खुला रवैया रखते हैं जिससे दोनों देशों के बीच तनाव कम हो सके. अगर आपके पास (भारत के पास) कोई ठोस सबूत है तो आइए बैठकर बात करते हैं, बातचीत की शुरूआत करिए, हम भी वाजिब तरीके से पेश आएँगे."

जब पाक विदेश मंत्री से पूछा गया कि मसूद अज़हर की वजह से दोनों देशों के बीच इतना तनाव रहता है, फिर भी आप कुछ क्यों नहीं करते? इसके जवाब में उन्होंने कहा, "अगर वे (भारत) ठोस सबूत देते हैं जो पाकिस्तान की अदालतों को मंज़ूर हो, क्योंकि मामला तो अदालत में ही जाएगा. अगर सबूत हैं तो हमारे साथ शेयर करें ताकि हम जनता को (पाकिस्तान की) राज़ी कर सकें, और अपने देश की स्वतंत्र न्यायपालिका को संतुष्ट कर सकें."

क्या आपको हमलों में उनकी भूमिका को लेकर संदेह है? इसके जवाब में पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने कहा, "बात मेरे शक करने या न करने की नहीं है, मामले को अदालत में जाना है."

ऑडियो कैप्शन, जैश ए मोहम्मद प्रमुख मसूद अज़हर को भारत अंतरराष्ट्रीय चरमपंथी घोषित करवाना चाहता है.

पुलवामा हमले के लिए मसूद ज़िम्मेदार

14 फरवरी 2019 को जम्मू कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ़ के एक काफिले पर हमला हुआ था जिसमें भारत के 40 से अधिक जवानों की मौत हो गई थी.

इस हमले की ज़िम्मेदारी जैश ए मोहम्मद ने ली थी.

इसके जवाब में 25-26 फरवरी की दरम्यानी रात को भारत ने दावा किया कि वायु सेना के लड़ाकू विमानों ने पाकिस्तान में मौजूद चरमपंथी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के कई ठिकानों को तबाह कर दिया है.

पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता जनरल आसिफ़ गफ़ूर ने इसकी पुष्टि की, हालांकि उन्होंने जान-माल के किसी तरह के नुक़सान से इनकार किया. पाकिस्तान ने कहा कि भारतीय वायु सेना के विमान सीमा में घुसे ज़रुर थे लेकिन वो हड़बड़ी में बम गिरा कर लौट आए.

वीडियो कैप्शन, वो विमान जिससे पाकिस्तान पर भारत ने किया हमला...

इसके उत्तर में पाकिस्तान ने कहा कि इसका जवाब वो देंगे लेकिन "जगह और समय वो खुद चुनेंगे."

इसके बाद 27 फरवरी को पाकिस्तान ने कहा कि उनकी वायु सेना ने बुधवार सवेरे भारत प्रशासित कश्मीर में छह ठिकानों पर हमले किए हैं. इसके बाद पाकिस्तान ने कहा कि उन्होंने दो भारतीय लड़कू विमानों को गिराया है जिसमें से एक उनके इलाक़े में गिरा है.

पाकिस्तान की तरफ गिरे विमान को उड़ाने वाले भारतीय पायलट विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान को पाकिस्तान से हिरासत में ले लिया हालांकि बाद में पाकिस्तान ने कहा कि वो शुक्रवार को उन्हें भारत को सौंप देगा.

कौन है जैश ए मोहम्मद प्रमुख मसूद अज़हर?

भारत में जैश प्रमुख अज़हर मसूद विरोधी प्रदर्शन

जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अज़हर का नाम सबसे पहले चर्चा में आया 1999 में. इस साल हुए कंधार विमान अपहरण मामले में 160 लोगों की जान बचाने के लिए भारत को मसूद अज़हर सहित तीन चरमपंथियों को रिहा करना पड़ा था.

इसके बाद मसूद अज़हर ने अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान की मदद से जैश-ए-मोहम्मद बनाया.

इससे पहले मसूद अज़हर हरक़त उल अंसार का हिस्सा था. भारत के कश्मीर में 1994 में मसूद को पकड़ा गया था जिसके बाद से 1999 में रिहाई तक अज़हर को जम्मू की कोट भलवाल जेल में रखा गया था.

भारत 2001 संसद हमले समेत कई बड़े हमलों के लिए अज़हर की संस्था को ज़िम्मेदार मानता है.

भारत ने हाल के पठानकोट हमले का आरोप भी जैश पर लगाया है.

भारत अज़हर मसूद को अंतरराष्ट्रीय चरमपंथी घोषित करवाना चाहता है. लेकिन चीन हर बार वीटो कर देता है.

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