रेसिंग ड्राइवर से बैले डांसर कैसे बन गई ये ट्रांसजेंडर

सोफ़ी
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ब्रिटेन की सोफ़ी दुनिया के सबसे बड़े डांस स्कूलों में से एक से परीक्षा पास करने वाली पहली ट्रांसजेंडर बैले डांसर बन गई हैं.

सोफ़ी पहले रेसिंग ड्राइवर थीं लेकिन तीन साल की कड़ी मेहनत के बाद उन्होंने ब्रिटेन में रॉयल एकेडमी ऑफ़ डांस से बैले डांसर की परीक्षा पास कर ली है.

लेकिन अपनी असल पहचान के साथ खुलकर जीने और बैले डांसर बनने का सपना सच करने तक का रास्ता भीतरी संघर्ष से होकर गुज़रा.

सोफ़ी कहती हैं, '' मैं चार या पांच साल की थी तब मैंने ब्लू पीटर्स देखा था और मैंने अपनी मां से कहा कि मैं बैले डांसर बनना चाहता हूं. लेकिन मुझे कहा जाता था कि लड़के बैलेरीना नहीं बनते.''

सोफ़ी

ब्लू पीटर्स ब्रिटेन में टीवी पर दिखाया जाने वाला बच्चों का एक सांस्कृतिक कार्यक्रम है.

वो बताती हैं कि जब ये कहा जाता कि वो लड़का होने के कारण बैलेरीना नहीं बन सकतीं तो उन्हें अहसास होने लगा कि कुछ तो अलग है.

दांव पर बहुत कुछ

सोफ़ी
इमेज कैप्शन, जब सोफ़ी रेसिंग ड्राइवर थीं

फिर लड़के की तरह जी रहीं सोफ़ी के भीतर काफ़ी जद्दोजेहद शुरू हुई.

वो कहती हैं, '' मैंने हमेशा बहुत कोशिश की कि लड़का बनूं, मर्दानगी दिखाने की कोशिश करती थी लेकिन ये सब कुछ ऊपरी सतह पर था.''

सोफ़ी के मुताबिक़ उनके भीतर जैसे एक लड़ाई चल रही थी. वो कहती हैं कि लड़का बनने की कोशिश में जैसे वो ख़ुद से ही भाग रही थीं.

सोफ़ी

सोफ़ी कहती हैं, ''लेकिन एक दीवार हम खड़ी कर लेते हैं जिसके पीछे मैं अपने भीतर की असली पहचान को छिपा रही थी और इस दीवार के आगे दुनिया को दिखा रही थी कि मैं एक लड़का हूं. ये दिखावा करते-करते इसमें माहिर हो जाते हैं क्योंकि बहुत कुछ दांव पर लगा होता है.''

सोफ़ी

एक लड़के और ट्रांसजेंडर के बीच पहचान की जंग पर सोफ़ी बताती हैं ,''डर होता है कि कहीं ये पता चल जाए कि मैं एक लड़का नहीं हूं तो दोस्त और परिवार मुंह न मोड़ लें. इसके अलावा कहीं नौकरी न चली जाए. ये सब कुछ न खो जाए इसके लिए आप कुछ भी कर सकते हैं.''

सपना सच हुआ

लिन और सोफ़ी
इमेज कैप्शन, डांस टीचर लिन के साथ सोफ़ी

काफ़ी जद्दोजेहद के बाद वो आगे आईं और अपना सपना पूरा करने के लिए क़दम बढ़ाया.

वो कहती हैं, ''ऐसा नहीं है कि मैं ट्रांसजेंडर हूं इसलिए डांस करती हूं या डांस कर रही हूं इसलिए ट्रांजेंडर हूं. मैं बस अपने शौक के लिए डांस करती हूं. मेरे नाचने की वजह है कि मैं वाक़ई एक डांसर हूं, ये एक इत्तेफ़ाक़ है कि मैं एक ट्रांसजेंडर हूं.''

सोफ़ी कहती हैं, ''डांस मेरा शौक़ है. मुझे ये बहुत अच्छा लगता है और मुझे इसमें खुशी मिलती है.''

उनकी डांस टीचर लिन के लिए सोफ़ी पहली ट्रांसजेंडर छात्रा हैं जो ट्रांसजेंडर की अपनी पहचान छुपाती नहीं हैं.

सोफ़ी

रॉयल एकेडमी ऑफ़ डांस से परीक्षा में मिली सफलता पर बेहद ख़ुश सोफ़ी कहती हैं, ''स्टूडियो में आकर डांस करना और अपने टैलेंट के अलावा किसी भी और बात के लिए मुझे नहीं आंका जाना, मेरे लिए बहुत मायने रखता है.''

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