सोमवार, 25 मई, 2009 को 15:18 GMT तक के समाचार
मनमोहन सिंह सरकार में शामिल होने को लेकर डीएमके में चल रही ऊहापोह ख़त्म हो गई है. पार्टी ने अब सरकार में शामिल होने का फ़ैसला किया है.
पिछले दिनों मंत्रालय में हिस्सेदारी को लेकर विवाद के कारण डीएमके ने मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) की सरकार को बाहर से समर्थन देने का फ़ैसला किया था.
हालाँकि डीएमके यूपीए का प्रमुख घटक दल है. चेन्नई में सोमवार को पार्टी की एक उच्चस्तरीय बैठक हुई, जिसमें सरकार में शामिल होने का फ़ैसला किया गया.
पार्टी अध्यक्ष एम करुणानिधि ने एक बयान जारी करके यह जानकारी दी है.
बयान
करुणानिधि ने अपने बयान में कहा, "सरकार में शामिल होने का फ़ैसला पार्टी की उच्चस्तरीय बैठक में हुआ. मंत्री पद के लिए पार्टी के नामांकित सदस्यों के नाम प्रधानमंत्री के पास भेज दिए गए हैं."
नामों का ज़िक्र किए बिना करुणानिधि ने अपने बयान में यह भी जानकारी दी है कि प्रधानमंत्री ने उन सभी नामों को स्वीकार कर लिया है.
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शाम को करुणानिधि से फ़ोन पर बात की. उम्मीद है कि मंगलवार को मंत्रालय का विस्तार होगा और डीएमके के साथ-साथ अन्य सहयोगी दलों के सांसद भी मंत्री पद की शपथ लेंगे.
समाचार एजेंसी पीटीआई ने अपने सूत्रों के हवाले से बताया है कि करुणानिधि के बेटे अझागिरी, दयानिधि मारन और ए राजा को कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है.