रविवार, 17 मई, 2009 को 13:05 GMT तक के समाचार
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के कार्यकारी संयोजक शरद यादव ने कहा है कि चुनावों के दौरान वरूण गाँधी के 'भड़काऊ भाषण' और नरेंद्र मोदी को भावी प्रधानमंत्री के रूप में पेश करने से गठबंधन को नुक़सान पहुँचा है.
रविवार को शरद यादव ने लोकसभा चुनावों में एनडीए की करारी हार पर कहा, "वरुण का बयान ग़लत या सही हो सकता है, उन्होंने अपने बयान का खंडन भी किया. लेकिन उनका बयान असंवैधानिक और देश की एकता के ख़िलाफ़ था और उस बयान ने निश्चित तौर पर नुक़सान पहुँचाया."
पीलीभीत से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नवनिर्वाचित सांसद वरुण गाँधी ने मार्च महीने में पीलीभीत लोक सभा क्षेत्र में कथित रूप से मुसलमानों के ख़िलाफ़ भड़काऊ भाषण दिए थे.
शरद यादव से जब संवाददाताओं ने पूछा कि क्या भाजपा की ओर से गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को भावी प्रधानमंत्री के रुप में पेश करने से भी चुनाव नतीजों पर प्रभाव पड़ा, तो वो बोले कि उससे मतदाताओं में भ्रम फैला.
भ्रम की स्थिति
उनका कहना था, "यह भी एक कारण था, जब ये मामला आया तो मतदाताओं में भ्रम की स्थिति पैदा हुई. जब एनडीए ने सर्वसम्मति से लालकृष्ण आडवाणी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया था, तो मोदी के मामले को फ़ौरन अस्वीकार देना चाहिए था."
शरद यादव ने कहा कि चुनावों के दौरान जनता दल यूनाइटेड में भी प्रधानमंत्री पद के सवाल उठे थे, लेकिन पार्टी ने उसे तुरंत अस्वीकार कर दिया.
जब उनसे पूछा गया कि क्या चुनावों पर गुजरात दंगों का भी असर पड़ा तो उनका जवाब था कि उसका भी असर पड़ता है.
उन्होंने कहा," जहाँ तक गोधरा का सवाल है, हमलोगों ने इस घटना के बाद चार चुनाव लड़े हैं. गोधरा और उसके बाद जो घटा वो अमानवीय था. इसलिए इन घटनाओं का असर चुनावों पर पड़ता है."
लोक सभा चुनावों में जो नतीजे आए हैं उसके अनुसार राजग को नुक़सान हुआ है.