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शनिवार, 16 मई, 2009 को 08:08 GMT तक के समाचार

भाजपा, वाम मायूस, कांग्रेस खेमे में ख़ुशी

लोकसभा चुनावों के रुझानों में यूपीए को बढ़त मिलते ही जहाँ कांग्रेस खेमें में ख़ुशी है वहीं भारतीय जनता पार्टी मायूस है. वाम दलों नेताओं ने स्पष्ट तौर पर इसे कांग्रेस की जीत बताया है और कहा है कि वे विपक्ष में बैठेंगे.

कांग्रेस महासचिव बीके हरिप्रसाद ने भरोसा जताया कि यूपीए सबसे बड़े गठबंधन के रूप से उभर रहा है और बहुमत हासिल कर लेगा. उनका कहना था, "कांग्रेस सरकार बनाने का दावा पेश करेगी. हमें उम्मीद है कि राष्ट्रपति सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करेंगी. हम भाजपा और शिव सेना को छोड़कर सभी दलों के समर्थन का स्वागत करेंगे.''

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन में भरोसा जताया है. एनसीपी नेता शरद पवार का कहना था, "मंदी के इस माहौल का जिस तरह भारतीय अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा था उसमें स्थायी सरकार की ज़रूरत थी. लोगों ने जिस तरह यूपीए को समर्थन दिया है उससे स्पष्ट है कि लोगों ने यूपीए पर भरोसा जताया है."

कांग्रेस, सहयोगियों की जीत

उधर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता प्रकाश कराट ने कहा है, "ये नतीजे दिखाते हैं कि काग्रेस और उसके सहयोगियों की जीत हुई है और अब वे सरकार बना सकते हैं. ये सीपीएम और वाम के लिए भारी धक्का है और इसके कारणों पर गंभीरत से चर्चा होगी."

उनका कहना था कि वे ग़ैर-कांग्रेस और ग़ैर-भाजपा पार्टियों के साथ सहयोग करेंगे और राष्ट्रीय संप्रभुता, धर्मनिरपेक्षता की नितियों पर चलेंगे. उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने सीपीएम में विश्वास व्यक्त किया है, वे उनके हितों के लिए काम करेंगे और अपनी कमज़ोरियों का आकलन करेंगे.

हमारा बुरा प्रदर्शन, यीपीए बड़ा गठजोड़

उधर भारतीय जनता पार्टी ने नतीजों पर गहरी मायूसी व्यक्त की है.

भाजपा नेता अरुण जेटली ने कहा, "हमारा प्रदर्शन वर्ष 2004 से कुछ ख़राब रहा है. यूपीए सबसे बड़ा गठबंधन बनकर उभरा है. किसी को भी शायद पूर्ण बहुमत न मिले लेकिन निश्चित ही यूपीए सबसे बड़ा गठजोड़ बन चुका है. सबसे बड़ा जनादेश उसके पक्ष में कहा जा सकता है. नतीजे हमारी अपेक्षा से कम है और सीटें पिछली बार से भी कम हैं. भाजपा जनादेश को पूर्ण सम्मान के साथ स्वीकार करती है."

अरुण जेटली ने कहा कि एनडीए को बिहार, झारखंड, गुजरात और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में बढ़त मिली जबकि कांग्रेस को मध्यप्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल और केरल से काफ़ी फ़ायदा हुआ है और इसकी समीक्षा होगी.

इससे पहले भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने भी ऐसी ही भावनाओं का इज़हार किया. उन्होंने कहा, "इन नतीज़ों से भाजपा को अप्रत्याशित निराशा हुई है. कुछ राज्यों जैसे दिल्ली, राजस्थान और महाराष्ट्र के चुनाव नतीजे हमारी उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहे हैं. शनिवार शाम भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक होगी जिसमें चुनाव नतीजों पर चर्चा होगी."

जेटली ने भी दोहराया, "आडवाणी निश्चित पर हमारे नेता थे, कोई दूसरा नाम चुनाव के दौरान नहीं आया. मीडिया में निश्चित ही अटकलें लगीं मगर मुझे नहीं लगता कि चुनाव पर उसका कुछ असर पड़ता है."