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रविवार, 10 मई, 2009 को 03:50 GMT तक के समाचार

नितिन श्रीवास्तव
बीबीसी संवाददाता, देहरादून से

'भाजपा विकास करने में असफल रही'

दिल्ली से देहरादून तक के सफ़र के दौरान ही पता चला कि शनिवार शाम कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी उसी इलाक़े में अपनी पहली चुनावी रैली संबोधित करने पहुँच रही हैं.

आनन फानन में जब देहरादून के परेड मैदान पर पहुंचा तो सोनिया का हेलीकॉप्टर मंच से कुछ ही दूर पर उतर रहा था.

हजारों लोगों की भीड़ राजीव गाँधी अमर रहे के नारे लगा रही थी और पूरा मैदान कांग्रेसी के झंडों से पटा पड़ा था.

लोगों की भीड़ से किसी तरह बचते बचाते मंच के पास पहुंचा ही था कि सोनिया का अभिवादन हो गया और उनका भाषण भी शुरू हो गया.

सोनिया ने शुरू ही किया उत्तराखंड की भाजपा सरकार को आड़े हाथों लेते हुए.

उनका कहना था, " केंद्र की यूपीए सरकार ने देहरादून, नैनीताल और हरिद्वार को अपनी विकास योजनाओं में शामिल भी किया है, लेकिन प्रदेश की सरकार इस मसले पर कोई पहल ही नहीं कर रही. यही नहीं, केंद्र ने प्रदेश के लिए जो पौने दो सौ करोड़ रुपए विकास कार्यों के लिए दिए हैं, उनका भी इस्तेमाल नहीं हुआ."

वैसे पांच लोक सभा सीटों वाले उत्तराखंड में भाजपा के बीसी खंडूरी की सरकार सत्ता में है और लोक सभा सीटों की बात की जाए तो भाजपा के साथ साथ कांग्रेस के पास भी दो सीटें हैं.

सोनिया का निशाना

पर शायद कांग्रेस आलाकमान को ऐसा लग रहा है कि इस पहाड़ी प्रदेश में एक सत्ता विरोधी लहर चल रही है और इसीलिए सोनिया ने अपनी रैली में केंद्र सरकार की तमाम उपलब्धियां गिनाते हुए सभी विरोधी दलों को आतंकवाद के मुद्दे पर भी कटघरे में ला खड़ा करने की कोशिश कर डाली.

सोनिया ने कहा,'' एनडीए-बीजेपी सरकार ने जेलों से आतंकवादियों को निकालकर कंधार पहुँचाया, मेहमान की तरह पहुँचाया. पर हमारी दृढ़ता, हमारी कूटनीति के चलते सारी दुनिया के सामने पाकिस्तान को भी मानना पड़ा की आतंकवादी उनके देश के ही हैं "

करीब दस मिनट तक चले सोनिया के भाषण के दौरान परेड मैदान पर जहाँ एक तरफ सैकड़ों लोग उनके भाषण को काफ़ी गौर से सुन रहे थे, तो दूसरी ओर तमाशबीनों की भी कोई कमी नहीं थी.

बहुतेरे ऐसे थे जिनकी नज़र मंच के पास खड़े सोनिया के हेलीकॉप्टर पर ही टिकी हुई थी.

और अपना भाषण ख़त्म करने के दौरान ही सोनिया के हाथ में थमा दी गई राज्य से कांग्रेस के पाँचों उम्मीदवारों के नामों की सूची और सोनिया गाँधी ने इनके लिए वोट भी मांगे.

ग़ौर करने वाली बात थी कि जैसे जैसे इन उम्मीदवारों के नाम पुकारे जा रहे थे, वे एक दूसरे से आगे निकलकर जनता के समक्ष अपनी हाजिरी भी दर्ज कराते जा रहे थे.

इतनी देर में हेलीकॉप्टर के पंखे तेज़ होते चले गए और कुछ ही मिनटों में सोनिया भीड़ से जय हिंद का नारा लगवाने के बाद हवा में उड़ चुकी थी!