रविवार, 10 मई, 2009 को 13:31 GMT तक के समाचार
तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में चुनाव प्रचार के लिए पहुँचीं सोनिया गांधी का भाषण श्रीलंका के तमिल नागरिकों पर केंद्रित नज़र आया.
साथ ही सोनिया राज्य में यूपीए कार्यकाल के दौरान कराए गए कामों की गिनवाने, यूपीए की उपलब्धियों की दुहाई देने और इनके नाम पर यूपीए को दोबारा मौका देने की मांग से भी नहीं चूकीं.
रविवार को डीएमके प्रमुख करुणानिधि और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने चेन्नई में एक संयुक्त रैली को संबोधित किया.
रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि वो श्रीलंका में युद्धक्षेत्र में फंसे हज़ारों तमिल नागरिकों को लेकर बहुत-बहुत दुखी और गुस्से में हैं.
उन्होंने कहा कि वो तमिल नागरिकों के युद्ध प्रभावित क्षेत्र से तत्काल निकाले जाने के पक्ष में हैं. इस दिशा में भारत की केंद्र सरकार सभी संभव प्रयास कर रही है और यह भी तय किया गया है कि इन लोगों की मदद के लिए राहत कार्य भारत की ओर से जारी रखा जाएगा.
कामों की दुहाई
श्रीलंका के तमिल सभी पार्टियों के लिए चुनावी मुद्दा भी बने हुए हैं. श्रीलंका में जिस तेज़ी से लड़ाई जारी है, भारत के इस राज्य में उसी गति से उसपर राजनीति और राजनीतिक दल इन तमिल नागरिकों की स्थिति पर अपनी अपनी राय के साथ मतदाताओं से रूबरू हैं.
सोनिया गांधी का यहाँ के मंच से गूंज रहा अंग्रेज़ी में लिखा हुआ भाषण भी श्रीलंका पर ही ज़्यादा केंद्रित नज़र आया. शायद और किसी राज्य के मंच पर या केंद्रीय रूप से श्रीलंका के मुद्दे पर सोनिया इस चुनावी मौसम में इतनी मुखर नहीं रहीं.
पर साथ ही सोनिया लोगों को यूपीए की उपलब्धियां गिनाने से भी नहीं चूकीं.
उन्होंने कई बार दोहराया कि यूपीए ने तमिलनाडु के लोगों और देश के लिए जो किया है वो इससे पहले किसी भी सरकार ने नहीं किया.
मसलन, किसानों का 70 हज़ार करोड़ का कर्ज़ा माफ़ करना, तमिल भाषा को क्लासिकल भाषा का दर्जा देना, सेतु समुद्रम योजना के ज़रिए राज्य में निवेश, परमाणु कार्यक्रम का राज्य के कुछ शहरों में विस्तार, चेन्नई के पेयजल पर खर्च और रेलवे के छोटी लाइन से बड़ी लाइन पर लाए जाने को उन्होंने उपलब्धियों में गिनाया.
उन्होंने कहा कि लोग जनादेश को एकबार फिर से दोहराएं, करुणानिधि और कांग्रेस के गठबंधन को मज़बूत करें ताकि विकास का क्रम आगे भी जारी रहे.