मंगलवार, 05 मई, 2009 को 15:38 GMT तक के समाचार
कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी की टिप्पणी कि चुनावों के बाद कांग्रेस को वामदलों का समर्थन मिल सकता है और उनकी बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रशंसा के बाद चुनावी राजनीति में ख़ासी गर्मी देखी गई.
जब मीडिया ने नीतीश कुमार से उनकी प्रशंसा किए जाने के बारे में पूछा तो नीतीश का कहना था, "मैं उनका शुक्रिया अदा करता हूँ, लेकिन इसके आगे कुछ नहीं....हम राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में हैं और उसकी जीत के लिए कठोर मेहनत कर रहे हैं. यदि कोई प्रशंसा करता है तो उसमें कुछ ख़ास मतलब नहीं निकालना चाहिए."
उधर भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने कहा, "राहुल दिन में सपने देख रहे हैं. नीतीश एनडीए की सबसे सफल सरकारों में से एक का नेतृत्व कर रहे हैं."
उनका कहना था, "कांग्रेस को लग रहा है कि वह चुनाव हार रही है और यह वो 16 मई से पहले ही ये मान रही है. नीतीश ने सब स्पष्ट कर दिया है, जिसे उनके समक्ष प्रस्ताव रखना हो वह रखता रहे."
उधर वामदलों ने भी राहुल गांधी के वामदलों के समर्थन के बारे में व्यक्त किए विश्वास पर कोई हामी नहीं भरी है.
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता सीतीराम येचुरी ने कहा, "ये अटकलें लगाने के समय नहीं है. हम इस चुनावी लड़ाई में ग़ैर-काग्रेस और ग़ैर-भाजपा सरकार बनाने में जुटे हैं - पूर्ण विराम!"
दूसरी ओर सीपीआई के महासचिव एबी बर्धन तो स्पष्ट जवाब दिया और कहा, "इस बार कांग्रेस को अवसर देने का हमारा कोई इरादा नहीं है."
सीपीआई के नेता डी राजा ने भी कहा, "कांग्रेस ने ये माना है कि वह हार रही है." उनका कहना था कि वामदलों के कांग्रेस से साथ कई मुद्दों पर गंभीर मतभेद हैं.