शनिवार, 02 मई, 2009 को 08:45 GMT तक के समाचार
राम दत्त त्रिपाठी
बीबीसी संववाददात, लखनऊ
भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष राज नाथ सिंह का कहना है कि लोकसभा चुनाव के बाद उनकी पार्टी केंद्र में सरकार गठन के लिए बहुजन समाज पार्टी या समाजवादी पार्टी से किसी प्रकार का गठबंधन नहीं करेगी.
बीबीसी से एक बातचीत में अपने गृह राज्य उत्तर प्रदेश के संबंध में चर्चा करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा '' उत्तर प्रदेश पहले भाजपा का गढ़ था. मतदाताओं का रुझान देखने के बाद मैं इस निष्कर्ष पर पहुँचा हूँ कि चुनाव नतीजे के बाद उत्तर प्रदेश एक बार फिर भाजपा का गढ़ बनने जा रहा है.''
राजनाथ सिंह ने विश्वास व्यक्त किया कि इस लोकसभा चुनाव में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को स्पष्ट बहुमत भी मिलेगा.
जब मैंने कहा कि ज़्यादातर राजनीतिक विश्लेशक त्रिशंकु संसद का अनुमान लगा रहे हैं और यह भी कहा जा रहा है कि बहुमत न मिलने की स्थिति में भाजपा मायावती को प्रधानमंत्री बनाने के लिए समर्थन दे सकती है.
इस पर राजनाथ सिंह ने कहा, ''कोई प्रश्न ही नहीं उठता. इसका कोई औचित्य नही और यह संभव नहीं.''
फ़ायदा या नुक़सान
जब मैंने पूछा कि बसपा ने देश भर में लगभग सभी सीटों पर प्रत्याशी खड़े करके कांग्रेस को नुक़सान और भाजपा को फ़ायदा पहुंचा रही है?
राजनाथ सिंह ने इस धारणा को ग़लत बताया और कहा, "कौन कहता है कि बसपा मदद कर रही है, भुगत लिया भाजपा ने एक बार समर्थन देकर. अब ग़लती नही दोहराई जाएगी."
उन्होंने कहा कि कोई सवाल ही नहीं उठता सपा या बसपा के साथ किसी तालमेल का.
मायावती भाजपा के ही समर्थन से उत्तर प्रदेश में पहली बार 1995 में मुख्यमंत्री बनी और उसके बाद वे दो बार भाजपा के साथ साझा सरकार चला चुकी हैं.
संघ परिवार में यह सोच रही है कि बसपा के साथ होने से हिंदू एकजुट हो सकते हैं और भाजपा से सवर्ण जातियों की पार्टी होने का ठप्पा भी हट जाएगा.