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बुधवार, 29 अप्रैल, 2009 को 11:34 GMT तक के समाचार

अल्ताफ़ हुसैन
बीबीसी संवाददाता, श्रीनगर

कश्मीर में कर्फ़्यू जैसी स्थिति

जम्मू-कश्मीर में अलगाववादियों के चुनाव विरोधी प्रदर्शनों के मद्देनज़र भारी सुरक्षा तैनाती की वजह से 'घाटी में कर्फ़्यू जैसी स्थिति है'.

अनंतनाग लोकसभा सीट के लिए गुरूवार को मतदान होना है, जबकि घाटी के अधिकतर अलगाववादी संगठनों ने चुनावों के विरोध में दो दिनों के बंद का आह्वान किया है.

पुलिस ने चुनाव विरोधी प्रदर्शनों को रोकने के लिए अनंतनाग समेत श्रीनगर और घाटी के अधिकतर इलाक़ों में ज़बर्दस्त सुरक्षा इंतज़ाम किए हैं.

किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए पुलिस और केंद्रीय अर्ध सैनिक बलों (सीआरपीएफ़) ने लोगों की आवाजाही रोक रखी है.

अलगाववादी नेता सैय्यद अली शाह गिलानी, मीरवाइज़ उमर फ़ारूक़ और मोहम्मद यासीन मलिक को उनके घरों पर नज़रबंद कर दिया गया है जबकि अन्य कई नेताओं को हिरासत में ले लिया गया है.

विरोध और झड़प

मंगलवार की शाम श्रीनगर शहर से बाहर के एक इलाके में चुनाव विरोधी प्रदर्शनकारियों और पुलिस की बीच झड़पें हुईं थीं और प्रदर्शनकारियों के सीआरपीएफ़ की एक गाड़ी में आग लगा दी थी.

पुलिस ने कई स्थानों पर लोगों की आवाजाही रोकने के लिए कांटेदार तार लगा रखी है, जबकि शहर के कई हिस्सों में 'अघोषित कर्फ़्यू लागू कर दिया गया है'.

दिलचस्प बात यह है कि अलगाववादियों के चुनाव विरोधी प्रदर्शनों को छोड़े दें तो भारत समर्थक राजनीतिक पार्टियाँ अपनी चुनावी मुहिम और रैलियों के दौरान घाटी में काफ़ी लोगों को जुटाने में कामयाब रही हैं.

कांग्रेस पार्टी के महासचिव राहुल गांधी ने सोमवार को अनंतनाग के ख़ाननाबल में चुनावी जनसभाओं को संबोधित किया था और लोगों की अच्छी ख़ासी तादाद वहाँ पहुँची थीं.

दूसरी तरफ़ सत्ताधारी नेशनल कांफ़्रेस और विपक्षी पीपुल डेमोक्रेटिक पार्टी ने संसद में कश्मीर मुद्दे को सुलझाने का वादा किया है.

जबकि नेशनल कांफ़्रेस ने यह भी वादा किया है कि वो अलगववादी नेताओं और भारत सरकार के बीच बातचीत कराने की कोशश करेगी.