सोमवार, 27 अप्रैल, 2009 को 16:48 GMT तक के समाचार
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी का कहना है कि पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ वामपंथी पार्टियों की 'तानाशाही' चल रही है और सरकार पिछले 32 सालों के शासन में ग़रीबों के लिए काम करने में 'नाकाम' रही है.
पिछले आठ सालों में पहली बार तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी के साथ मंच पर एक साथ दिखी सोनिया ने राज्य सरकार को जमकर खरी-खोटी सुनाते हुए कहा कि वामपंथी पार्टियों के शासन के दौरान लोगों की समाजिक और आर्थिक स्थिति ख़राब हुई है.
सोनिया गाँधी ने जंगीपुर लोकसभा क्षेत्र में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा, "लोकतंत्र के नाम पर सत्तारुढ़ वामपंथी दल तानाशाही चला रहे हैं.... राजनीतिक विरोधियों पर ज़ुल्म हो रहा है और जनता न्यायसंगत अधिकारों से महरूम है."
जॉब कार्ड का मामला
सोनिया ने कहा है कि राज्य सरकार राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार योजना को लागू करने में भी नाकाम रही है. उन्होंने दावा किया, "एक लाख जॉब कार्ड भी नहीं बाँटे गए हैं."
उन्होंने जनता से आह्वान किया, "आपको इस सरकार से पूछना चाहिए कि क्यों ये सरकार सही काम करने में नाकाम रही है, क्यों इसने लोकतंत्र को कमज़ोर किया है."
सोनिया ने वामपंथी पार्टियों के भारत-अमरीका परमाणु समझौता का विरोध करने और केंद्र सरकार की ओर से चलाई जाने वाले योजनाओं को लागू करने में नाकाम रहने के लिए जमकर आलोचना की.
राहुल गाँधी को लेकर वामपंथी पार्टियों की आलोचना पर बोलते हुए सोनिया ने कहा, "मैं पश्चिम बंगाल में ग़रीबों की स्थिति देख कर शर्मिंदा महसूस करती हूँ."
पिछले दिनों बंगाल में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गाँधी ने कहा था कि राज्य सरकार केंद्र से मिले पैसों को वर्षों तक इस्तेमाल नहीं कर सकी है, जिस पर वामपंथी पार्टियों ने राहुल पर पलटवार किया था.
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के पोलित ब्यूरो के सदस्य सीताराम येचुरी ने राजीव गाँधी के एक बयान का उदाहरण देते हुए कहा था, "राजीव गाँधी ने एक बार कोलकाता को मरता हुआ शहर कहा था. और आपको याद होगा कि उसके बाद (चुनाव में) क्या हुआ था. अब उनका बेटा भी बंगाल के बारे में वैसी ही बातें कह रहा है."