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सोमवार, 27 अप्रैल, 2009 को 09:29 GMT तक के समाचार

'राजनीति नहीं, दोस्ती करने आया हूँ'

भारत प्रशासित जम्मू कश्मीर में ताज़ा चुनावी मौसम में राहुल गांधी का पहुँचना पहला मौका था जब किसी राष्ट्रीय स्तर का नेता घाटी में लोगों से चुनाव में अपनी बात कहने आया.

राहुल नेशनल कांफ्रेंस के समर्थन में वोट माँगने के लिए आए थे. उन्होंने अनंतनाग में राज्य के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के साथ जनसभा को संबोधित किया.

अभी तक कांग्रेस या किसी अन्य राष्ट्रीय दल का कोई भी राष्ट्रीय स्तर का नेता घाटी में लोगों को संबोधित करने या उनसे रूबरू होने नहीं पहुँचा है.

सोमवार को अनंतनाग में रैली को संबोधित करते हए राहुल ने कहा कि वो किसी राजनीतिक नेता के रूप में लोगों के बीच नहीं आए हैं बल्कि यहाँ के लोगों से दोस्ती करने आए हैं.

'दोस्ती का हाथ'

उन्होंने कहा, "मैं युवा हूँ और कश्मीर के युवाओं से दोस्ती करने आया हूं. इस दोस्ती के लिए मैं आपकी तरफ़ दोस्ती का हाथ बढ़ा रहा हूँ."

राहुल गांधी ने जहाँ एक ओर यूपीए की उपलब्धियों और राज्य में केंद्र सरकार की ओर से किए गए कामों का ज़िक्र किया वहीं यह चेतावनी भी दे गए कि आडवाणी और एनडीए गुस्से की राजनीति करते हैं, तोड़ने की राजनीति करते हैं.

उन्होंने कहा, "मेरा कश्मीर से पारिवारिक रिश्ता है. जब मैं बहुत छोटा था तब से यहाँ आता रहा हूँ. मैं यहाँ अपनी दादी (इंदिरा गांधी) के साथ आता था. उनकी मौत से 6-7 दिन पहले भी हम यहाँ थे."

सलाम के साथ भाषण शुरू करते हुए राहुल ने लोगों को संकेत दिया कि उनकी योजना क्षेत्र के लिए लंबे समय तक विकास कार्यों को चलाने की है. साथ ही यह भी कहा कि क्षेत्रीय स्तर पर वोटों को बाँटकर न देखें बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर और प्रधानमंत्री के सवाल पर मतदान करें.

रैली को संबोधित करते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा कि घाटी के लोगों को धर्मनिरपेक्षता, भारत पाक संबंधों औऱ विकास जैसे मुद्दों को ध्यान में रखकर मतदान करना चाहिए.