बुधवार, 22 अप्रैल, 2009 को 09:22 GMT तक के समाचार
मुस्लिम समुदाय के ख़िलाफ़ कथित टिप्पणियों के कारण विवादों में घिरे वरुण गांधी ने बुधवार को पीलीभीत से भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी के रूप में नामांकन पत्र दाख़िल किया है.
उन्होंने नामांकन भरने के बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि वे 'पीलीभीत की जनता के बच्चों को बचाने और आप लोगों के सम्मान की रक्षा करने के लिए जेल गए.'
हाल में वरुण की कथित कट्टरपंथी टिप्पणी के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने उनके ख़िलाफ़ राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून के अंतर्गत मामला दर्ज किया था और उन्हें गिरफ़्तार कर जेल भेजा था.
इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने इंदिरा गांधी के पोते वरुण गांधी की याचिका पर सुनवाई करते हुए उनकी सशर्त रिहाई का आदेश दिया था. अदालत ने शर्त रखी है कि वरुण गांधी कोई भड़काऊ भाषण नहीं देंगे.
पीलीभीत में 13 मई को मतदान होना है. इस सीट से वरुण गांधी की माँ और कांग्रेस के दिवंगत नेता संजय गांधी की पत्नी मेनका गांधी चुनाव जीतती रही हैं.
'आपके सम्मान की रक्षा'
पीलीभीत में नामांकन पत्र दाख़िल करने बाद वरुण ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, "मैं आपके बच्चों को बचाने, आपके सम्मान की रक्षा करने के लिए जेल गया था."
उन्होंने कहा, "मेरा अपमान-सम्मान बड़ा मुद्दा नहीं है. ग़रीबों, किसानों महिलाओं का अपमान होगा तो मैं सहन नहीं करुँगा. मेरा पिता के बारे में कहा जाता था कि वे बात के पक्के हैं. अब आप जान लीजिए वरुण जो कहता है - वह पत्थर पर लकीर है. जब मुझे जेल भेजा गया तो जो उत्पीड़न मैंने सहा है, वह मैं ही जानता हूँ."
अपने भाषण के बीच उन्होंने ये भी कहा कि किसी को मारने की बात तो और मैंने तो मच्छर भी नहीं मारा. उन्होंने आरोप लगाया, "मेरा मनोबल तोड़ने के लिए मुझे 200 क़ैदियों के साथ और फिर बिलकुल सबसे अलग रखा गया. सूर्यनमस्कार के लिए लोटा तक नहीं दिया गया...."
वरुण ने कहा, "हमें जातिवाद, क्षेत्रवाद के ज़हर को ख़त्म करना है. ये हाथ केवल किसी व्यक्ति की रक्षा के लिए ही उठेगा, फिर वह व्यक्ति किसी भी मज़हब-धर्म का क्यों न हो."
आयोग ने दोषी पाया था
वरुण गांधी को जेल में 20 दिन बिताने के बाद दो हफ़्ते के लिए सशर्त रिहा किया गया था.
ग़ौरतलब है कि मुसलमानों के ख़िलाफ़ कथित भड़काऊ भाषण के मामले में भारतीय चुनाव आयोग के निर्देश पर ही पीलीभीत के ज़िलाधिकारी ने वरुण गाँधी के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की थी.
चुनाव आयोग पहले ही वरुण गांधी को भड़काऊ भाषण देने का दोषी ठहरा चुका है.
पीलीभीत में नामांकन पत्र दाख़िल करने से पहले वरुण गांधी ने भाजपा के एक कार्यालय में पार्टी समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा था, "मैं सदा किसानों और ग़रीबों के लिए लड़ता रहूँगा. मुझे जेल जाने से डर नहीं लगता. मैं अहिंसा और मानवता में विश्वास रखता हूँ."