बुधवार, 22 अप्रैल, 2009 को 10:47 GMT तक के समाचार
आलोक कुमार
बीबीसी संवाददाता, बिहार
बिहार में पुलिस ने फ़िल्म निर्माता-निर्देशक और पश्चिम चंपारण से लोकजनशक्ति पार्टी (लोजपा) के उम्मीदवार प्रकाश झा के चुनाव कार्यालय और घर पर छापा मारकर दस लाख से अधिक रुपए बरामद किए हैं.
प्रकाश झा ने पुलिस की इस कार्रवाई को उन्हें चुनाव में हराने की राजनीतिक साज़िश बताया है.
राजनीतिक साज़िश
पश्चिम चंपारण ज़िले की पुलिस अधीक्षक केएस अनुपम ने बताया कि मंगलवार रात क़रीब पौने बारह बजे पुलिस ने एक सूचना के आधार पर प्रकाश झा के चुनाव कार्यालय और घर पर छापा मारा.
पुलिस ने उनके घर से सौ-सौ रुपए के नोटों के 46 बंडल सहित कुल दस लाख पच्चीस हज़ार पाँच सौ पैंतीस रुपए बरामद किए.
अनुपम ने बताया कि मंगलवार शाम पाँच बजे चुनाव प्रचार समाप्त होने के बाद वहाँ धारा-144 लागू थी. इसके बाद भी प्रकाश झा के घर पर 30 से ज़्यादा लोग जमा थे जिनमें से 29 लोगों को गिरफ़्तार कर लिया गया.
प्रकाश झा के ख़िलाफ़ बेतिया शहर थाने में मुक़दमा दर्ज कराया गया है.
बीबीसी से टेलीफ़ोन पर प्रकाश झा ने कहा कि विपक्षी दल उन्हें मिल रहे अपार जनसमर्थन से घबरा गए हैं इसलिए उन्हें हराने के लिए ऐसी साज़िश रची गई है.
उन्होंने इसके पीछे कांग्रेस उम्मीदवार साधु यादव और राज्य सरकार का हाथ बताया.
प्रकाश ने बताया कि जो रुपए बरामद किए गए हैं वो उनके निर्माणाधीन मौर्य शुगर मिल के मज़दूरों को देने के लिए बैंक से निकाले गए थे. जिसकी बैंक रसीद भी उनके पास है.
आयोग से शिकायत
प्रकाश झा ने पुलिस की इस कार्रवाई की शिकायत चुनाव आयोग को एक फ़ैक्स भेजकर कर दी है. आयोग को उन्होंने बैंक की रसीद भी भेजी है.
उन्होंने बताया कि उन्हें न तो अब तक चुनाव आयोग से कोई नोटिस मिला है और न ही एफ़आईआर की कॉपी ही मिली है.
उन्होंने कहा कि पुलिस की इस कार्रवाई विरोध में वे ज़मानत नहीं कराएँगे.
प्रकाश झा ने बताया कि गोपलागंज ज़िले से क़रीब दो दर्जन थानेदारों का ट्रासंफ़र बेतिया किया गया हैय ये थानेदार साधु यादव से मिले हुए हैं और मतदान में उन्हें लाभ पहुँचा सकते हैं.
उन्होंने ज़िला प्रशासन से माँग की कि बूथों पर होमगार्ड की जगह अर्धसैनिक बल तैनात किए जाएँ जिससे लोग निर्भय होकर मतदान कर सकें.
प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए प्रकाश झा ने कहा कि उनके जनसंपर्क करने पर रोक लगा दी गई है जबकि साधु यादव और भाजपा उम्मीदवार डॉक्टर संजय जायसवाल गाड़ियों में घूम-घूम कर प्रचार कर रहे हैं.