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मंगलवार, 21 अप्रैल, 2009 को 05:52 GMT तक के समाचार

बाद में तय होगा प्रधानमंत्रीः लालू

राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष और रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने कहा है कि यूपीए के घटक दल मिलकर तय करेंगे कि 15वीं लोकसभा का प्रधानमंत्री कौन बनेगा.

दिलचस्प बात यह है कि हाल फिलहाल तक लालू प्रसाद मनमोहन सिंह के प्रशंसक रहे और उनको कांग्रेस की ओर से प्रधानमंत्री पद पर दोबारा लाने की बात से सहमत भी.

पर मंगलवार को पटना में पत्रकारों से बातचीत में लालू प्रसाद के स्वर बदले नज़र आए. उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह अच्छे व्यक्ति हैं पर प्रधानमंत्री कौन होगा, यह एक पार्टी नहीं, यूपीए के सभी घटक मिलकर तय करेंगे.

उन्होंने कहा कि यूपीए का मतलब केवल कांग्रेस नहीं है. इसमें और भी कई दल हैं. सब मिलकर चुनाव के बाद बैठेंगे और प्रधानमंत्री कौन बनेगा, यह तय करेंगे. साथ ही अगला न्यूनतम साझा कार्यक्रम भी तय किया जाएगा.

उन्होंने बातचीत के दौरान भाजपा की ओर से प्रस्तावित प्रधानमंत्री पद के दावेदार लालकृष्ण आडवाणी पर भी सीधा हमला किया और कहा कि आडवाणी ने गुजरात दंगों की जाँच का काम गंभीरता से नहीं लिया. लालू यह तक कह गए कि आडवाणी भी दंगों के लिए दोषी हैं.

नाराज़ तो नहीं लालू

लालू के बयानों का मतलब सत्ता के गलियारों में इस तरह निकाला जा रहा है कि क्या लालू कांग्रेस से नाराज़ हैं और इसी लिए पार्टी के फैसलों पर सवाल उठाते जा रहे हैं.

इसकी एक वजह यह बताई जा रही है कि बिहार की 40 लोकसभा सीटों में से 39 सीटों पर कांग्रेस अपने प्रत्याशियों को खड़ा करके मुख्य रूप से राष्ट्रीय जनता दल और लोक जनशक्ति पार्टी गठबंधन यानी राजद-लोजपा के ही आधार वोट को चोट पहुंचा रही है.

पहले दौर के मतदान के बाद राजद-लोजपा गठबंधन को ये लगने लगा है कि कांग्रेस ने उनके परंपरागत मुस्लिम मतों में सेंध लगाई है.

कांग्रेस से लालू की नाराज़गी की दूसरी वजह भी है. राज्य के छोटे-बड़े सभी कांग्रेसी नेता बिहार में लालू-राबड़ी शासन काल को राज्य के लिए 'काला अध्याय' बता रहे हैं.