मंगलवार, 21 अप्रैल, 2009 को 07:12 GMT तक के समाचार
उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती के निशाने पर एक बार फिर से कांग्रेस पार्टी और चुनाव आयोग हैं.
मायावती ने मंगलवार को एक प्रेस कांफ्रेंस करके कहा कि राज्य में जिस तरह की राजनीति अन्य दलों की ओर से हो रही है उसमें उन्हें ख़तरा है कि कोई दल चुनाव के दौरान उनकी हत्या भी करवा सकते हैं.
उन्होंने कहा, "मुझे और बहुजन समाज पार्टी को आगे बढ़ने से रोकने के लिए कांग्रेस और अन्य पार्टियां किसी भी हद तक जा सकती हैं. कांग्रेस केंद्र में अपनी सत्ता का नाजायज़ फ़ायदा उठा रही है."
मायावती ने कहा कि राज्य में कुछ दल अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं. ऐसे दल चुनावों के दौरान सांप्रदायिक या जातिगत हिंसा करवा सकते हैं. कुछ दल पर्दे के पीछे रहकर आतंकवादी या नक्सलवादी हमले भी करवा सकते हैं.
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी में यह बेचैनी कांग्रेस के घटते जनाधार और बसपा के प्रभावी होने के कारण है.
चुनाव आयोग भी
मायावती के निशाने पर मंगलवार को जितनी कांग्रेस पार्टी नज़र आई उससे ज़्यादा चुनाव आयोग.
उन्होंने कहा कि जिस आयोग को पहले चरण में शांतिपूर्ण ढंग से चुनाव संपन्न कराने के लिए राज्य सरकार की पीठ थपथपानी चाहिए, वो बेवजह राज्य सरकार को परेशान कर रहा है.
मायावती ने कहा, "सभी राज्यों में छिटपुट हिंसा हुई पर उत्तर प्रदेश ही अकेला प्रदेश था जिसमें कोई हिंसा पहले चरण के मतदान के दौरान नहीं हुई. फिर भी आयोग के दो आयुक्त, नवीन चावला और एसवाई कुरैशी राज्य में डेरा डाले हुए थे. वे उन राज्यों में क्यों नहीं गए जहाँ हिंसा हुई."
उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त गोपालास्वामी ने मंगलवार से पदभार संभाल चुके नए मुख्य चुनाव आयुक्त नवीन चावला के ऊपर जो आरोप लगाए थे, उनमें उन्हें सच्चाई नज़र आती है.
मायावती इससे पहले भी चुनाव आयोग पर तब भड़की थीं जब उनकी राज्य सरकार के एक सचिव सहित कई आला अधिकारियों का तबादला चुनाव आयोग के निर्देश पर कर दिया गया था.