मंगलवार, 21 अप्रैल, 2009 को 11:08 GMT तक के समाचार
विवादों में घिरे रहे नवीन चावला ने भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त का पद संभाल लिया है और अब भारत में अगले चार चरणों के चुनाव के संपादन की कमान उनके हाथ में होगी.
तीन सदस्यीय चुनाव आयोग में नवीन चावला के स्थान पर अब वी एस संपत चुनाव आयुक्त होंगे. एसवाई क़ुरैशी पहले से ही चुनाव आयुक्त हैं.
दूसरी तरफ़ उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने नवीन चावला और चुनाव आयोग को जमकर भला-बुरा कहा है.
मायावती ने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग केंद्र की सत्ताधारी कांग्रेस के इशारे पर काम कर रहा है और ऐसे में चुनाव निष्पक्षता से नहीं हो सकता.
नवीन चावला को लेकर चुनाव से ऐन पहले काफ़ी विवाद हुआ था जब मुख्य चुनाव आयुक्त एन गोपालस्वामी ने चावला पर राजनीतिक पक्षपात का आरोप लगाते हुए उन्हें चुनाव आयोग से हटाने की सिफ़ारिश की थी.
लेकिन मंत्रिमंडल की सलाह पर राष्ट्रपति ने इसे अस्वीकार कर दिया था.
नवीन चावला 29 जुलाई 2010 तक मुख्य चुनाव आयुक्त रहेंगे.
मायावती बरसीं
मायावती ने लखनऊ में एक संवाददाता सम्मेलन में चुनाव आयोग और इसके अधिकारियों की जमकर आलोचना की.
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के अधिकारी कांग्रेस और इसके सहयोगियों के इशारे पर काम कर रहे हैं और राजनीतिक दबाव के तहत बीएसपी को सत्ता में आने से रोकने की कोशिश की जा रही है.
उन्होंने कहा,"ऐसी स्थिति में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव होना संभव नहीं है. मैं चुनाव आयोग की हरकतों की कड़ी निंदा करती हूँ".
उन्होंने नवीन चावला पर सीधा प्रहार करते हुए कहा कि जौनपुर में एक प्रत्याशी की हत्या के बाद जिस तरह से पुलिस अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया उससे पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एन गोपालस्वामी की ओर से नवीन चावला की कर्तव्यनिष्ठा को लेकर जताए गए संदेह उजागर हो गए हैं.
मायावती ने कहा कि इससे पूर्व में देश में कभी भी किसी मुख्य निर्वाचन आयुक्त की भूमिका को लेकर इतने गंभीर आरोप नहीं लगाए गए थे.
मायावती ने कहा,"चावला को ऐसी परिस्थितियों में स्वयँ पद से हट जाना चाहिए था. दुर्भाग्यवश ऐसा नहीं हो सका".
इससे पहले सोमवार को मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने एक बार फिर नवीन चावला की नियुक्ति पर आपत्ति प्रकट करते हुए माँग की थी कि चावला के बारे में गोपालस्वामी की शिकायत को सार्वजनिक किया जाए.