सेनाध्यक्ष के खिलाफ सीबीआई जाँच की मांग

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सेनाध्यक्ष जनरल वीके सिंह और रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल तेजिंदर सिंह के बीच चल रहा विवाद अब सुप्रीम कोर्ट पहुँच गया है.
तेजिंदर सिंह ने इस मामले में अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि सेनाध्यक्ष जनरल वीके सिंह के खिलाफ सीबीआई जाँच कराई जाए.
तेजिंदर सिंह ने वीके सिंह के खिलाफ सीबीआई जाँच की मांग करते हुए आरोप लगाया है कि उन्होंने रक्षा मंत्रालय के फोन की गैर कानूनी निगरानी के लिए आदेश दिए थे.
तेजिंदर सिंह ने ये भी मांग की कि सेनाध्यक्ष जनरल वीके सिंह और उनके रिश्तेदारों के घरों और कार्यालयों पर छापे मारे जाए.
मुकदमा
जनरल वीके सिंह ने तेजिंदर सिंह पर घूस की पेशकश का आरोप लगाया था, जिसके बाद तेजिंदर सिंह ने उनके खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दर्ज किया है.
सेनाध्यक्ष जनरल वीके सिंह ने एक लिखित शिकायत में घटिया ट्रक खरीदने के लिए घूस की पेशकश का आरोप लगाया है. ये बात उन्होंने रक्षा मंत्री एके एंटनी को भी बताई थी और तेजिंदर सिंह का नाम लिया था.
सीबीआई इस मामले में वेक्ट्रा के सीईओ रवि ऋषि से कई बार पूछताछ की है. वेक्ट्रा ही सेना का टाट्रा ट्रक उपलब्ध कराती है.
सेनाध्यक्ष के आरोप के बाद काफी विवाद हुआ था और रक्षा मंत्री को संसद में बयान देना पड़ा था. काफी शोर-शराबे और हंगामे के बाद मामले की जाँच सीबीआई को सौंपी गई थी.
मार्च में सेना ने एक प्रेस बयान जारी करके आरोप लगाया था कि तेजिंदर सिंह वेक्ट्रा की ओर से घूस की पेशकश कर रहे थे.























