BBC Hindi: बीते हफ़्ते की वो ख़बरें, जो शायद आप मिस कर गए

प्रकाशित

नमस्ते.

उम्मीद है कि आप स्वस्थ और ख़ुश होंगे.

हमें मालूम है कि बीता हफ़्ता आपके लिए व्यस्त रहा होगा और इस दौरान आपसे कुछ ज़रूरी ख़बरें भी छूट गई होंगी.

ऐसे में हम आपके लिए लाए हैं बीते हफ़्ते की कुछ ख़ास ख़बरें.

अगर आपने ये पांच ख़बरें पढ़ लीं तो समझिए कि अहम ख़बरों से आप पूरी तरह से अपडेटेड हैं.

उद्धव और एकनाथ गुट के लिए सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के क्या हैं मायने?

महाराष्ट्र में पिछले साल उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे गुट के बीच सियासी घमासान मचा था. लड़ाई थी कि बहुमत किसके पास है, असल शिवसेना कौन है और सत्ता संभालने का हक़ किेसे है. मामला कोर्ट में पहुंचा. कई याचिकाएं दाखिल हुईं.

इन्हीं याचिकाओं पर सुनवाई के बाद गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि तत्कालीन राज्यपाल ने विधानसभा में फ़्लोर टेस्ट का जो आदेश दिया था वो नियमों के तहत नहीं था.

राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने 34 विधायकों की गुज़ारिश पर फ़्लोर टेस्ट का आदेश दिया था.

कोर्ट ने कहा कि राज्यपाल को जो जानकारी मौजूद थी वो इतनी नहीं थी कि ये फ़ैसला लिया जाए कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे विश्वास मत खो चुके हैं.

इस आदेश से क्या कुछ बदलेगा. पूरी कहानी यहां पढ़िए.

जब भारत ने किया था दूसरा परमाणु परीक्षण

एनडीए सरकार के सत्ता में आने के कुछ दिनों के अंदर ही नरसिम्हा राव ने नए प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से मुलाक़ात कर कहा था, "सामग्री तैयार है. आप आगे बढ़ सकते हैं."

संसद में विश्वास मत प्राप्त करने के एक पखवाड़े के अंदर ही वाजपेयी ने डॉक्टर कलाम और डॉक्टर चिदंबरम को बुलाकर परमाणु परीक्षण की तैयारी करने के निर्देश दे दिए थे.

तत्कालीन राष्ट्रपति केआर नारायणन 26 अप्रैल से 10 मई तक दक्षिण अमेरिकी देशों की यात्रा पर निकलने वाले थे. उनसे चुपचाप कहा गया कि वो अपनी यात्रा कुछ दिनों के लिए टाल दें.

डॉक्टर चिदंबरम की बेटी की शादी 27 अप्रैल को होने वाली थी. उस शादी को भी कुछ दिनों के लिए टाला गया क्योंकि शादी में चिदंबरम की ग़ैर-मौजूदगी से ये संकेत जाता कि कुछ बड़ा होने जा रहा है.

ये क्या बड़ा होने वाला था, पूरी कहानी यहां पढ़िए.

धोनी धोनी का शोर, दिल मांगे मोर...फ़ैन्स आख़िर चाहते क्या हैं?

माही यानी महेंद्र सिंह धोनी ने ये सब पहले भी किया है.

बल्ले से छक्के जड़े हैं. तेज़ी से रन बनाए हैं. उम्दा विकेटकीपिंग की है. कप्तानी में करिश्मा कर दिखाया है और अपनी टीम को मैच दर मैच जीत दिलाई है.

'कैप्टन कूल' धोनी आईपीएल 2023 यानी बीसीसीआई की ट्वेंटी-20 लीग के 16वें एडिशन में भी एक बार फिर वही सब कर रहे हैं जिसके लिए पूरी दुनिया में उनकी शोहरत का डंका बजता है.

लेकिन, इस बार कुछ अलग भी है. सिर्फ़ आठ हफ़्ते बाद धोनी 42 साल के हो जाएंगे. पूरी कहानी यहां पढ़िए.

ज़ंजीर ने कैसे एक फ़्लॉप हीरो को बनाया सुपरस्टार?

ये बात तो जगज़ाहिर है कि दिलीप कुमार, राज कुमार, देव आनंद सबने उस रोल को निभाने से इनकार कर दिया.

40 साल पहले 11 मई 1973 मई को रिलीज़ हुई ये वही फ़िल्म थी जिसने हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री को दिया 'एंग्री यंग मैन', एक नया सुपरस्टार जो आने वाले सालों में हिंदी फ़िल्मों की काया पलटने वाला था.

इसके साथ ही शुरु हुई प्रकाश मेहरा और अमिताभ बच्चन की जादुई जोड़ी जिसका जादू 1989 में फ़िल्म 'जादूगर' के साथ टूटा.

ज़ंजीर कहानी है अंदर ही अंदर ग़ुस्से और विद्रोह से भरे एक ईमानदार युवा पुलिस ऑफ़िसर विजय की जिसे न जाने किसी ज़ंजीर ने जकड़ा हुआ है. पूरी कहानी यहां पढ़िए.

जब बना था चाँद पर परमाणु बम फोड़ने का 'क्रेज़ी प्लान'

सन 1950 के दशक में जब ज़ाहिरी तौर पर सोवियत यूनियन अंतरिक्ष में सफलता प्राप्त करने की दौड़ में आगे निकल रहा था तो अमेरिकी वैज्ञानिकों ने एक अनोखी परियोजना के बारे में सोचना शुरू किया. यह परियोजना चांद पर परमाणु विस्फोट करके सोवियत यूनियन को डराने की थी.

अंतरिक्ष यात्री नील आर्मस्ट्रॉन्ग का सन 1969 में चांद की सतह पर क़दम रखने वाला क्षण मानव इतिहास के सबसे यादगार लम्हों में से एक है.

लेकिन अगर यही चांद जिस पर आर्मस्ट्रॉन्ग ने क़दम रखा, उस पर बड़े गड्ढे पड़े हुए होते और परमाणु हमले के कारण इसका वातावरण ज़हरीला होता तो क्या होता? पूरी कहानी यहां पढ़िए.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)