चारधाम यात्रा को लेकर जोशीमठ में रहने वाले परेशान- प्रेस रिव्यू

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भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने गुरुवार अपनी साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में बताया है कि भारत सरकार सूडान में फँसे भारतीयों को निकालने की दिशा में क्या कर रही है.
अंग्रेजी अख़बार द हिंदू में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक़, बागची ने बताया है कि भारत सरकार सूडान में संघर्ष कर रहे दोनों पक्षों से बात कर रही है ताकि भारतीयों को सुरक्षित निकाला जा सके.
केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर इस समय न्यूयॉर्क में हैं, जहाँ वे अलग-अलग देशों के साथ बात करके सूडान से भारतीयों को निकालने की कोशिश कर रहे हैं.
बागची ने कहा है, "(सूडान की राजधानी खार्तूम में स्थित) भारतीय दूतावास एयरपोर्ट के ठीक बगल में स्थित है. ये वो क्षेत्र हैं जहाँ पिछले कुछ दिनों से संघर्ष अपने चरम पर है. यहाँ गोलीबारी से लेकर भारी शेलिंग भी देखी गयी है. हमारा फ़ोकस फँसे हुए और हिंसा प्रभावित लोगों से संपर्क करना है. इस समय हमारे दूतावास में कोई भी मौजूद नहीं है. सभी अधिकारी अलग-अलग ठिकानों से काम कर रहे हैं."
ये कहते हुए उन्होंने सूडान में मौजूद भारतीयों से अपील की है कि वे दूतावास की ओर से न जाएँ.
उन्होंने ये भी कहा, "इस समय हमारी प्राथमिकता लोगों को सुरक्षित रखना है, फिर वे कहीं भी मौजूद हों. हम हालात पर नज़र बनाए हुए हैं और ज़मीन पर मौजूद लोगों के संपर्क में हैं."
सूडान में इस हफ़्ते की शुरुआत में ही सेना और अर्ध सैनिक बलों के बीच भीषण संघर्ष शुरू हुआ है, जिसमें दोनों पक्षों की ओर से हथियारों का इस्तेमाल किया जा रहा है.
सूडान की राजधानी खार्तूम से लेकर दूसरे शहरों के आसमान में लड़ाकू विमानों की गड़गड़ाहट सुनी जा सकती है. और ज़मीन पर टैंक चलते देखे गए हैं.
अब तक इस संघर्ष में मरने वालों की संख्या 300 हो गई है, जिनमें एक भारतीय शख़्स भी शामिल हैं.
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उत्तराखंड में चारधाम यात्रा कल से शुरू, जोशीमठ में रहने वाले परेशान
उत्तराखंड में आगामी शनिवार से वार्षिक चारधाम यात्रा शुरू होने जा रही है. राज्य सरकार देश भर से आने वाले श्रद्धालुओं का स्वागत करने के लिए तैयारियों में लगी है.
लेकिन इस सबके बीच जोशीमठ में रहने वालों की चिंताएँ बढ़ती जा रही है. ये वही कस्बा है जो कुछ महीने पहले अपनी ज़मीन धँसने की वजह से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में छाया हुआ था.
अंग्रेजी अख़बार द हिंदू में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक़, मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने बताया है कि इस बार चारधाम यात्रा में लगभग 50 लाख श्रद्धालुओं के पहुँचने की संभावना है.
इस यात्रा के तहत उत्तराखंड आने वाले यात्री बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के दर्शन करते हैं.
और बद्रीनाथ मंदिर पहुँचने का रास्ता जोशीमठ से होकर जाता है, जिसने यहाँ रहने वाले लोगों की चिंताओं को बढ़ा दिया है.
चमोली ज़िले के तहत आने वाला ये कस्बा ज़मीन धँसने की ख़बरें आने से पहले तक चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के रुकने की सबसे मनपसंद जगह हुआ करती थी.
लेकिन इस साल जनवरी के बाद से अब तक इस क़स्बे की 886 इमारतों को असुरक्षित घोषित कर दिया गया है.
इनमें से कई इमारतों को तोड़े जाने की कार्रवाई भी की गई है. इन इमारतों में ही जोशीमठ का मलारी इन होटल भी था, जिसके मालिक ठाकुर सिंह राणा होटल को नुक़सान पहुँचने के बाद से काफ़ी परेशान हैं.
राणा समेत जोशीमठ में रहने वाले ऐसे तमाम लोग, जिनके घरों को असुरक्षित करार दिया गया है, राज्य सरकार की ओर से पहुँचाई गई मदद को लेकर काफ़ी असंतुष्ट हैं.
अख़बार से बात करते हुए राणा कहते हैं, "मेरे होटल की कीमत पाँच से छह करोड़ रुपए थी. अब सरकार अपनी प्रस्तावित योजना के तहत पचास लाख रुपए से भी कम दे रही है. मैं इस पैसे का क्या करूँगा. ये मुआवज़ा नहीं बल्कि भीख है."
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ममता बनर्जी के भतीजे ने सेम-सैक्स मैरिज़ पर कही ये बात
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने बीते गुरुवार समलैंगिक विवाह के मुद्दे पर एक अहम बयान दिया है.
अंग्रेजी अख़बार हिंदुस्तान टाइम्स में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक़, अभिषेक बनर्जी ने समलैंगिक विवाह का समर्थन करते हुए कहा है कि हर व्यक्ति को अपना जीवनसाथी चुनने का अधिकार है.
इसके साथ ही उन्होंने इस मुद्दे को टाले जाने पर केंद्र सरकार की आलोचना भी की.
उन्होंने कहा, "ये मामला फ़िलहाल कोर्ट में हैं. और मैं इस पर बयान नहीं देना चाहूँगा. लेकिन मुझे लगता है कि मोहब्बत की कोई जाति, संप्रदाय या धर्म नहीं होता. अगर मैं एक पुरुष हूँ और मुझे पुरुष पसंद हैं या मैं एक महिला हूँ और मुझे महिला पसंद है तो भी सभी को प्यार करने का अधिकार है. सभी को अपना जीवनसाथी चुनने का अधिकार है चाहें फिर वह महिला हो या पुरुष."
भारत में समलैंगिक विवाह को क़ानूनी मान्यता देने पर विचार करने के लिए दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ बीती 18 अप्रैल से लगातार सुनवाई कर रही है.

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बंगाल में देश के सबसे ज़्यादा तालाब
भारत में पहली बार हुए वॉटरबॉडी सेंसस में पाया गया है कि पश्चिम बंगाल में देश के सबसे ज़्यादा जलाशय यानी तालाब और झीलें मौजूद हैं.
अंग्रेजी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक़, इसमें पाया गया है कि भारत में कुल जलाशयों की संख्या 24.24 लाख है जिनमें तालाब, टैंक और झीलें आदि शामिल हैं.
इनमें से सबसे ज़्यादा जलाशय पश्चिम बंगाल में हैं जिनकी संख्या 7.47 लाख है. वहीं, सबसे कम जलाशय उत्तर पूर्वी राज्य सिक्किम में हैं जिनकी संख्या 134 है.
ये भी सामने आया है कि भारत के शहरी क्षेत्रों में कुल जलाशयों के 2.9 फ़ीसदी और ग्रामीण क्षेत्रों में 97.1 फ़ीसदी जलाशय हैं.
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