भारत आज से करेगा जी-20 की अध्यक्षता, पीएम मोदी ने बताया एजेंडा - प्रेस रिव्यू

पीएम मोदी

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हिंदी अख़बार दैनिक भास्कर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक लेख प्रकाशित हुआ है जिसमें उन्होंने भारत की जी-20 की अध्यक्षता पर बात की है.

पीएम मोदी ने इस लेख में उनके नेतृत्व वाली सरकार की उपलब्धियों और आने वाले उद्देश्यों की तरफ़ ध्यान दिलाया है.

ये लेख 'नरेंद्र मोदी का कॉलम' नाम के एक सेक्शन में दिया गया है. इसका शीर्षक है 'भारत की जी-20 की अध्यक्षता दुनिया में एकता की भावना को बढ़ावा देने की ओर काम करेगी'.

इस बार जी-20 की अध्यक्षता की ज़िम्मेदारी भारत के पास है जिसकी शुरुआत आज से हो रही है. भारत की अगुवाई में जी-20 शिखर बैठक का आयोजन होगा.

मोदी का कहना है कि भारत 'एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य' की थीम के साथ भारत 50 से अधिक शहरों में 200 से ज्यादा बैठकों का आयोजन करेगा.

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पीएम ने अपने लेख में कहा, "जी-20 की पिछली 17 अध्यक्षताओं के दौरान आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करने, अंतरराष्ट्रीय कराधान (टैक्स सिस्टम) को तर्कसंगत बनाने, विभिन्न देशों के सिर से कर्ज़ के बोझ को कम करने समेत कई महत्वपूर्ण परिणाम सामने आए. हम इन उपलब्धियों से लाभान्वित होंगे, यहां से आगे बढ़ेंगे."

"पूरे इतिहास के दौरान मानवता का जो स्वरूप होना चाहिए था, उसमें एक प्रकार की कमी दिखी. हम सीमित संसाधनों के लिए लड़े, क्योंकि हमारा अस्तित्व दूसरों को उन संसाधनों से वंचित कर देने पर निर्भर था. दुर्भाग्य से हम आज भी उसी मानसिकता में अटके हुए हैं. हम इसे तब देखते हैं, जब आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति को हथियार बनाया जाता है, जब कुछ लोगों द्वारा टीकों की जमाखोरी की जाती है, भले ही अरबों लोग बीमारियों के कारण असुरक्षित हों. कुछ लोग यह तर्क दे सकते हैं कि टकराव और लालच मानवीय स्वभाव है. मैं इससे असहमत हूं."

उन्होंने लिखा, "अगर मनुष्य स्वाभाविक रूप से स्वार्थी है तो हम सभी में मूलभूत एकात्मता की हिमायत करने वाली आध्यात्मिक परंपराओं के स्थायी आकर्षण को कैसे समझा जाए? आज हमें अस्तित्व के लिए लड़ने की जरूरत नहीं है- इस युग को युद्ध का युग होने की जरूरत नहीं. आज हम जलवायु परिवर्तन, आतंकवाद, महामारी जैसी जिन चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, उनका समाधान मिलकर काम करके ही निकाल सकते हैं."

"सामूहिक निर्णय लेने की सबसे पुरानी ज्ञात परंपराओं वाली सभ्यता होने के नाते भारत दुनिया में लोकतंत्र के मूलभूत डीएनए में योगदान देता है. लोकतंत्र की जननी के रूप में भारत की राष्ट्रीय सहमति किसी आदेश से नहीं, करोड़ों स्वतंत्र आवाजों को एक सुरीले स्वर में मिलाकर बनाई गई है. आज भारत सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है."

पीएम मोदी ने जी-20 के एजेंडे के बारे में लिखते हुए कहा, "हमारी जी-20 प्राथमिकताओं को न केवल हमारे जी-20 भागीदारों, बल्कि दुनिया के दक्षिणी हिस्से में हमारे साथ चलने वाले देशों, जिनकी बातें अक्सर अनसुनी कर दी जाती हैं, के परामर्श से निर्धारित किया जाएगा. हमारी प्राथमिकताएं हमारी 'एक पृथ्वी' को संरक्षित करने, हमारे 'एक परिवार' में सद्भाव पैदा करने और हमारे 'एक भविष्य' को आशान्वित करने पर केंद्रित होंगी."

"हम खाद्य, उर्वरक और चिकित्सा उत्पादों की वैश्विक आपूर्ति को गैर-राजनीतिक बनाने की कोशिश करेंगे, ताकि भू-राजनीतिक तनाव मानवीय संकट का कारण न बने. हम बड़े पैमाने पर विनाश के हथियारों से पैदा होने वाले जोखिमों को कम करने और वैश्विक सुरक्षा बढ़ाने पर शक्तिशाली देशों के बीच एक ईमानदार बातचीत को प्रोत्साहन प्रदान करेंगे. भारत का जी-20 एजेंडा समावेशी, महत्वाकांक्षी, कार्रवाई-उन्मुख और निर्णायक होगा."

उर्वरक

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रूस से खाद खरीदने को लेकर भारत ने क्या कहा

उर्वरक विभाग के सचिव अरुण सिंघल ने कहा है कि जब तक संभव होगा भारत रूस से खाद खरीदता रहेगा. यहां तक कि भारत प्राकृतिक गैस के बढ़ते दामों के असर को कम करने के लिए रूस से गैस का आयात बढ़ा सकता है.

अरुण सिंघल ने अंग्रेज़ी अख़बार द इंडियन एक्सप्रेस को दिए एक साक्षात्कार में ये बातें कहीं.

उन्होंने कहा, "हम रूस से एनपीके (नाइट्रोजन, फ़ॉसफ़ोरस और पोटेशियम) आयात किया करते थे. हम हर साल 100 लाख मेट्रिक टन एनपीके उत्पादित करते हैं और सिर्फ़ 10-15 लाख मेट्रिक टन एनपीके ही आयात करते हैं. जो हम आयात करते हैं उसमें रूस का बढ़ा हिस्सा होता है."

"60-70 प्रतिशत एनपीके रूस से आता है. हालांकि, ये आयात बहुत ज़्यादा नहीं है. एक समय ऐसा भी था कि हम चीन से यूरिया आयात किया करते थे. हम ओमान, मिस्र, मोरक्को और कई जगहों से फ़ॉसफ़ेटिक उर्वरकों का आयात करते हैं. इसके बाद पीएम मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाक़ात के बाद उन्होंने ये फ़ैसला लिया कि खादों पर भी व्यापार के एक क्षेत्र के तौर पर ध्यान दिया जाए."

अरुण सिंघल ने अख़बार को बताया, "रूस में फ़ॉसफ़ोरस, पोटाश और यूरिया का बड़े स्तर पर उत्पादन होता है. यूक्रेन-रूस युद्ध के चलते प्राकृतिक गैस महंगी मिल रही है. हम रूस से आयात करके इसका प्रभाव करने की सोच रहे हैं. हम सफलतापूर्वक यूरिया आयात करते आ रहे हैं. इस बार रूस से. हमें रूस से फ़ॉसफ़ेटिक उर्वरक और कुछ डीएपी (डाईअमोनियम फ़ॉस्फेट) मिल रहे हैं. जब तक संभव हो हम ऐसा करते रहेंगे क्योंकि हम अपना आधार बढ़ाना चाहते हैं."

भारत का ये फ़ैसला रूस पर लगे प्रतिबंधों के बीच बेहद अहम माना जा रहा है. 24 फरवरी को यूक्रेन-रूस युद्ध शुरू होने के बाद से अमेरिका ने रूस के साथ व्यापार पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए हैं.

पश्चिमी देशों ने रूस और बेलारूस आने वाले उवर्रकों के शिपमेंट पर प्रतिबंध लगाए थे जिससे अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में उर्वरकों के दाम भी बढ़ गए. रूस और बेलारूस उर्वरकों के बड़े आयतकों में से शुमार हैं.

सीएम अरविंद केजरीवाल

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दिल्ली आबकारी नीती मामले में 'आप' के विजय नायर

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दिल्ली सरकार की शराब नीति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में आम आदमी पार्टी के मीडिया प्रभारी विजय नायर का नाम सामने आया है. ये ख़बर द इंडियन एक्सप्रेस में दी गई है.

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने स्पेशल कोर्ट को बुधवार को बताया कि विजय नायर को "आप नेताओं की ओर से" कम से कम 100 करोड़ रुपये की रिश्वत मिली थी.

ईडी ने कहा कि ये पैसा साउथ ग्रुप नाम के एक समूह से आया है जिसे सारथ रेड्डी, के कविता, मगुंता श्रीनिवासुलु रेड्डी चलाते हैं. ईडी ने अब तक के कविता की पहचान की पुष्टि नहीं की है.

हालांकि इस साल अगस्त में बीजेपी नेता परवेश वर्मा और मनजिंदर सिंह सिरसा ने आरोप लगाया था कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की बेटी के कविता और विधान परिषद के एक सदस्य का दिल्ली की शराब नीति को आगे बढ़ाने में भूमिका है.

उस वक्त के कविता ने इन आरोपों से इनकार करते हुए मानहानी का मुकदमा करने की बात कही थी. साउथ ग्रुप का नाम आने के बाद अख़बार की के कविता से बात नहीं हो पाई है.

ईडी ने अदालत को बताया कि उसकी जांच से पता चला है कि दिल्ली आबकारी नीति (2021-22) अवैध पैसा इकट्ठा करने के लिए 'आप' नेताओं का बनाया एक 'ज़रिया' था, जिसमें दिल्ली सरकार के कुछ लोग भी शामिल थे.

गुजरात चुनाव

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गुजरात में आज मतदान का पहला चरण

बीबीसी हिंदी

गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए आज मतदान का पहला चरण है. पहले चरण में 89 सीटों पर मतदान होना है और कुल 2.3 करोड़ मतदाता आज 788 उम्मीदवारों में से चुनाव करेंगे.

अंग्रेज़ी अख़बार टाइम्स ऑफ़ इंडिया के मुताबिक मतदान की शुरुआत सुबह आठ बजे से हो गई है और ये शाम पांच बजे तक चलेगी.

चुनाव का दूसरा चरण पांच दिसंबर को होगा और नतीजे आठ दिसंबर को आएंगे.

गुजरात में कुल 182 विधानसभा सीटें हैं और बहुमत के लिए 92 सीटों की ज़रूरत है.

गुजरात चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस मुख्यतौर पर आमने-सामने हैं. वहीं, आम आदमी पार्टी भी पहली बार राज्य में विधानसभा चुनाव लड़ रही है. वहीं, असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम भी चुनावी अख़ाड़े में उतरी है.

पीएम मोदी ने आज ट्वीट किया है, "आज गुजरात चुनाव का पहला चरण है. मैं आज मतदान करने वाले सभी लोगों, विशेष रूप से पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं से रिकॉर्ड संख्या में अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अपील करता हूं."

वहीं, मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा था, "तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. अब मतदाताओं से घरों से आकर मतदान करने की अपील करने का समय है. लोकतंत्र के त्योहार में हिस्सा हैं, आनंद लें और मतदान करें. सुरक्षाबल हर जगह तैनात कर दिए गए हैं. निष्पक्ष चुनाव के लिए बढ़े स्तर पर निगरानी की जा रही है."

इस चरण में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटले, आप के सीएम उम्मीदवार इसुदान गढ़वी, कांग्रेस छोड़ बीजेपी से जुड़े हार्दिक पटले, अल्पेश ठाकोर, आप के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल इटालिया और गुजरात के गृह मंत्री हर्ष सांघवी जैसे कई बड़े उम्मीदवारों की किस्मत का फ़ैसला होना है.

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