BBC Hindi: बीते हफ़्ते की वो ख़बरें, जो शायद आप मिस कर गए

नलिनी
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नमस्ते. उम्मीद है कि आप अच्छे होंगे, खुश होंगे और सकारात्मक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रहे होंगे.

हम जानते हैं कि रोज़मर्रा की आपा-धापी के बीच आपके लिए देश-दुनिया की हर ख़बर पर नज़र रखना मुश्किल रहता होगा.

ऐसे में हम लाए हैं बीते सप्ताह की कुछ दिलचस्प और अहम ख़बरें, जिन पर शायद आपकी नज़र ना गई हो.

ये पाँच ख़बरें आपने पढ़ लीं तो ये समझिए कि आप पूरी तरह से अपडेटेड हो गए.

राजीव गांधी केस: जेल से 32 साल बाद बाहर निकली नलिनी ने क्या कहा?

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के मामले में सज़ायाफ़्ता नलिनी 32 साल बाद जेल से रिहा हुईं.

सुप्रीम कोर्ट ने बीते सप्ताह ही इस मामले में उम्र कैद की सज़ा काट रहे नलिनी और आरपी रविचंद्रन समेत सभी दोषियों को रिहा करने का आदेश दिया.

जिस दिन ये आदेश आया उसके एक घंटे के अंदर ही बाकी दोषियों के साथ नलिनी भी जेल से बाहर आ गईं.

इन छह दोषियों में से चार - संथन, मुरुगन, जयकुमार और रॉबर्ट पायस श्रीलंका से थे जिन्हें एक स्पेशल कैंप ले जाया गया.

बीबीसी से विशेष बातचीत में उस घटना पर सख़्त अफ़सोस ज़ाहिर करते हुए नलिनी ने कहा कि अब वो अपने परिवार को एकजुट करने और अपने पारिवारिक रिश्ते को मज़बूत करने पर ध्यान देंगी. पूरी ख़बर यहां पढ़ें.

मोहम्मद बिन सलमान के साथ पीएम मोदी

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सऊदी अरब ने भारतीयों के लिए वीज़ा नियमों में दी ये अहम छूट

सऊदी अरब ने फ़ैसला किया है कि अब भारतीय नागरिकों को वहां का वीज़ा हासिल करने के लिए पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट यानी पीसीसी जमा करने की ज़रूरत नहीं होगी.

इसकी जानकारी दिल्ली स्थित सऊदी दूतावास ने गुरुवार को ट्वीट करते हुए दी.

सऊदी दूतावास ने ट्वीट किया, "सऊदी अरब और भारत के बीच मज़बूतों रिश्तों और रणनीतिक साझेदारी को देखते हुए भारतीयों को पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट जमा करने से छूट दी गई है."

दूतावास ने कहा, "यह फ़ैसला दोनों देशों के रिश्तों को और मज़बूत बनाने की प्रयासों की कड़ी के तहत किया गया है."

इस निर्णय के बाद सऊदी अरब के लिए वीज़ा हासिल करने आसान हो जाएगा यानी वीज़ा लेने के इच्छुक भारतीयों को अब एक दस्तावेज़ कम बनाना पड़ेगा.

सऊदी क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान इसी महीने भारत की यात्रा पर आने वाले थे. अपनी प्रस्तावित भारत यात्रा के दौरान मोहम्मद बिन सलमान की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाक़ात भी होनी थी. लेकिन पीएम मोदी के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के कारण इस यात्रा को फ़िलहाल टाल दिया गया है. पूरी कहानी यहां पढ़ें.

फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप

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क़तर वर्ल्ड कप 2022: क्या 'भव्य आयोजन' उठ रहे सवालों को पीछे छोड़ देगा?

"नाऊ इज़ ऑल" यानी "वर्तमान ही सबकुछ है" क़तर विश्व कप का अधिकारिक नारा है. शायद ये संदेश है कि वर्तमान और खेल के मैदान पर ध्यान रखो, जहां जल्द ही मुक़ाबले शुरू होने वाले हैं. यानी पिछली बातों से आगे बढ़ा जाए. लेकिन क्या ये इतना आसान है?

बहुत से लोग क़तर 2022 वर्ल्ड कप को हालिया इतिहास का सबसे विवादित खेल आयोजन मान रहे हैं. बीते दो दशकों में चीन ने दो बार ओलंपिक खेलों का आयोजन किया है. रूस फ़ुटबॉल विश्व कप 2018 और शीत ओलंपिक की मेज़बानी कर चुका है.

रूस और चीन दोनों ही मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए बदनाम रहे हैं और ये चिंता पैदा हुई थी कि इतने बड़े खेल आयोजन यहां की तानाशाही सत्ता को और मज़बूत कर सकते हैं.

लेकिन निस्संदेह सबसे ज़्यादा विवाद क़तर की विश्वकप की मेज़बानी पर ही हो रहा है. बीते 12 सालों में बार-बार फ़ुटबॉल के सबसे बड़े आयोजन को क़तर को सौंपने को लेकर ग़ुस्से और बेचैनी का इज़हार किया जाता रहा है. पूरी ख़बर यहां पढ़ें.

विक्रम एस लॉन्च

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विक्रम एसः लॉन्च हुआ भारत का पहला निजी रॉकेट, नए युग की शुरुआत

भारत का पहला प्राइवेट रॉकेट विक्रम एस 18 नवंबर को लॉन्च कर दिया गया है.

इस रॉकेट को हैदराबाद की एक प्राइवेट स्टार्टअप कंपनी स्काईरूट ने बनाया है, जिसे श्रीहरिकोटा में इसरो के लॉन्चिंग केंद्र सतीश धवन स्पेस सेंटर से लॉन्च किया गया.

इसके साथ ही भारत के अंतरिक्ष तकनीक के मामले में निजी रॉकेट कंपनियों के प्रवेश की शुरुआत हो गई है.

भारत अब उन चंद देशों में शामिल हो गया है जहां निजी कंपनियां भी अपने बड़े रॉकेट लॉन्च करती हैं.

इसरो के संस्थापक डॉ. विक्रम साराभाई की याद में विक्रम एस का नाम दिया गया है.

विक्रम सिरीज़ में तीन प्रकार के रॉकेट लॉन्च किए जाने हैं, जिन्हें छोटे आकार के सैटेलाइट्स ले जाने के मुताबिक विकसित किया गया है.

विक्रम-1 इस सिरीज़ का पहला रॉकेट है. बताया जाता है कि विक्रम-2 और 3 भारी वज़न को पृथ्वी की निचली कक्षा में पहुंचा सकते हैं.

विक्रम एस तीन सैटेलाइट को पृथ्वी की निचली कक्षा में पहुंचा सकता है.

इन तीन में से एक विदेशी कंपनी का जबकि बाकी दो भारतीय कंपनियों के उपग्रह हैं.

स्काईरूट पहले ही बता चुका है कि मई 2022 में रॉकेट का सफल परीक्षण हो चुका है. कंपनी ने अपने इस मिशन का नाम 'प्रारम्भ' रखा है. पूरी कहानी यहां पढ़ें.

जैकलीन फर्नांडिस

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जैकलीन फ़र्नांडिस: गिफ़्ट स्कैंडल में फँसी अभिनेत्री को ज़मानत, जानिए पूरा मामला

दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फ़र्नांडिस को ज़मानत दे दी है.

37 वर्षीय अभिनेत्री जैकलीन के ख़िलाफ़ मनी लॉड्रिंग केस में प्रवर्तन निदेशालय की जांच चल रही है. ये एजेंसी वित्तीय अपराधों की तफ़्तीश करती है.

जैकलीन पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप हैं. उन पर सुकेश चंद्रशेखर से महंगे गिफ़्ट लेने और मनी लॉड्रिंग करने के आरोप लगे हैं.

ईडी ने अदालत से उनकी कस्टडी की मांग की थी.

फ़र्नांडिस के वकील प्रशांत पाटिल अपने मुव्वकिल पर लगे आरोपों से इनकार करते हुए कहते हैं कि उन पर केस का कोई क़ानूनी आधार नहीं है.

ये केस ख़बरों में इसलिए है क्योंकि फ़र्नांडिस एक जानी-मानी बॉलीवुड अभिनेत्री हैं. फ़र्नांडिस श्रीलंका में एक ब्यूटी कांटेस्ट की विजेता रही हैं. पूरी कहानी यहां पढ़ें.

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