BBC Hindi: बीते हफ़्ते की वो ख़बरें, जो शायद आप मिस कर गए

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हेलो जी. कैसे हैं? उम्मीद है कि आप अच्छे होंगे.

आप अपनी व्यस्त ज़िंदगी से वक़्त निकालकर इस कहानी को पढ़ रहे हैं, आपका आभार.

हमें मालूम है कि बीता हफ़्ता आपके लिए काफ़ी व्यस्त रहा होगा.

ऐसे में कई ज़रूरी चीज़ों को करते हुए आपसे कुछ ख़बरें छूटी होंगी.

ऐसे में हम लाए हैं बीते सप्ताह की कुछ दिलचस्प और अहम ख़बरें, जिन पर शायद आपकी नज़र ना गई हो.

जयसुख पटेल

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मोरबी: ओरेवा ग्रुप के मालिक जयसुख पटेल की कहानी

गुजरात के मोरबी में रविवार को मच्छु नदी पर बने सस्पेंशन ब्रिज के गिरने से 135 लोगों की मौत हो गई.

पुलिस ने एफ़आईआर दर्ज कर पुल हादसे में अब तक कुल नौ लोगों को गिरफ़्तार किया है.

अभियुक्तों में ओरेवा कंपनी के दो मैनेजर भी शामिल हैं.

इस हादसे के बाद से ही ओरेवा ग्रुप ख़बरों में हैं. बहुत सारे लोग ये जानना चाह रहे हैं कि आख़िर कैसे ओरेवा ग्रुप को इस पुल की मरम्मत का काम मिला और कंपनी के मालिक कौन है?

इस कहानी में जानिए कि ओरेवा कंपनी के मालिक कौन हैं और उन्होंने कैसे इतना बड़ा साम्राज्य खड़ा किया? कहानी यहां पढ़िए.

एलन मस्क

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ट्विटर पर ब्लू टिक के लिए पैसे देने से नफ़ा या नुक़सान?

ट्विटर पर ब्लू टिक के लिए अब यूज़र्स को पैसे देने होंगे.

कंपनी के नए सीईओ एलन मस्क ने साफ़ शब्दों में ये बता दिया है कि चाहे कितनी भी शिकायत कर ली जाए, लेकिन यूज़र्स को ट्विटर पर ब्लू टिक के लिए हर महीने 8 डॉलर देने ही होंगे.

44 अरब डॉलर में ट्विटर के टेकओवर के बाद एलन मस्क ने कहा है कि सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर फ़र्ज़ी अकाउंट और फ़र्ज़ीवाड़े से निपटने के लिए ये ज़रूरी क़दम है.

अभी तक ट्विटर पर असली अकाउंट की पहचान यानी ब्लू टिक वेरिफ़िकेशन मुफ़्त में मिलता है.

ब्लू टिक के लिए पैसे देने से फ़ायदा होगा या नुक़सान? पूरी कहानी यहां पढ़िए.

ब्रेस्ट कैंसर

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ब्रेस्ट कैंसर: वो नई रिपोर्ट, जो आपको पता होनी चाहिए

अमेरिका में शोधकर्ताओं ने अफ़्रीकी मूल के लोगों और एक आक्रामक प्रकार के स्तन कैंसर के बीच जेनेटिक लिंक का पता लगाया है.

शोधकर्ताओं को उम्मीद है कि उन्होंने जो पता लगाया है उसके बाद अधिक संख्या में काले लोग क्लिनिकल ट्रायल में हिस्सा लेंगे ताकि बीमारी से ग्रसित लोगों को बचाने की संभावना को बढ़ाया जा सके.

न्यूयॉर्क में रहने वाली 53 वर्षीय अफ़्रीकी अमेरिकी लेवेरीन फांटलेरॉय कहती हैं, "मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे किसी बात की चिंता करने की ज़रूरत है."

इस रिपोर्ट में और क्या है? साथ ही ब्रेस्ट कैंसर की जांच कैसे करें? ये कहानी यहां पढ़िए.

चीनी नागरिक

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''जिमी जिमी आजा आजा...'' चीनी ये क्यों गा रहे हैं?

चीन में कोविड के सख़्त लॉकडाउन का सामना कर रहे लोग बप्पी लाहिड़ी के मशहूर गाने 'जिमी जिमी, आजा आजा' को अपने ग़ुस्से और झुंझलाहट का ज़रिया बना रहे हैं.

साल 1982 में आई फ़िल्म डिस्को डांसर का ये गाना चीन की सरकार की सख़्त ज़ीरो-कोविड पॉलिसी के विरोध का एक अहम माध्यम बनता जा रहा है.

चीन में टिक टॉक को डूयिन के साथ नाम से जाना जाता है. डूयिन पर बप्पी लाहिड़ी का कंपोज़ किया और पार्वती ख़ान का गाया गाना चीनी भाषा मैंडेरिन में 'जे मी, जे मी' की तर्ज़ पर वायरल है.

इन वीडियोज़ में और क्या कुछ दिखा? जानने के लिए पूरी कहानी यहां पढ़िए.

शी जिनपिंग

जिनपिंग के प्रभाव वाली दुनिया में रह पाएगा अमेरिका?

पिछले सप्ताह शी जिनपिंग ग्लोबल मीडिया के समक्ष बीते कई दशकों के सबसे ताक़तवर चीनी नेता के रूप में सामने आए.

चीन में विदेशी पत्रकारों के प्रति सरकार की असहिष्णुता बढ़ रही है जिससे चीन में वैश्विक मीडिया कुछ हद तक कमज़ोर भी हुई है.

जिनपिंग से पहले चीन में राष्ट्रपति के दो कार्यकाल की ही परंपरा रही है. लेकिन उन्होंने ये परंपरा तोड़ दी है. उनके हाथों में अब तीसरा कार्यकाल है, यानी उन्होंने चीन को अनिश्चितकाल के लिए अपनी पकड़ में ले लिया है.

लेकिन भले ही घरेलू स्तर पर जिनपिंग की पकड़ मज़बूत हो रही है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मंच पर चीन के लिए परिस्थिति इतनी अस्थिर शायद ही कभी दिखी हो. पूरी कहानी यहां पढ़िए.

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