भारत से ब्रह्मोस खरीदेगा फ़िलीपींस, 37.49 करोड़ डॉलर में हुआ सौदा - प्रेस रिव्यू

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भारत की ब्रह्मोस सुपरसॉनिक क्रूज़ मिसाइल को पहली बार निर्यात किया जाएगा और इसकी खरीदारी फिलीपींस करेगा. ये ख़बर अंग्रेज़ी अख़बार द हिंदू में प्रमुखता से छापी गई है.
फिलीपींस ने एंटी-शिप क्रूज़ मिसाइल ब्रह्मोस की खरीद को मंज़ूरी दे दी है. ये सौदा करीब 37.49 करोड़ डॉलर में हुआ है. दोनों देशों के बीच जल्दी ही इस समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे.
ब्रह्मोस मिसाइल के लिए ये पहला विदेशी ऑर्डर है. इसके अलावा कुछ और दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के साथ ब्रह्मोस को लेकर बातचीत की जा रही है.
फिलीपींस की नौसेना के तटीय रक्षा रेजिमेंट में सबसे पहले ब्रह्मोस मिसाइल की तैनाती की जाएगी. चीन के साथ दक्षिण चीन सागर में विवाद के बीच फिलीपींस ने भारत से ब्रह्मोस खरीदने का फ़ैसला किया है.

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भारत के किस फ़ैसले का नेपाल की पार्टियां कर रहीं विरोध
उत्तराखंड में लिपुलेख इलाक़े में भारत के सड़क चौड़ा करने के प्रस्ताव को लेकर नेपाल में नाराज़गी जताई गई है.
अंग्रेज़ी अख़बार टाइम्स ऑफ़ इंडिया के मुताबिक़ नेपाल के सत्ताधारी गठबंधन और विपक्ष की पार्टियों ने भारत से नेपाल की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को कम ना आंकने के लिए कहा है.
इससे पहले भी इस इलाक़े को लेकर भारत और नेपाल के बीच तनाव की स्थिति बन चुकी है.
नेपाल लिपुलेख, लिम्पियाधुरा और कालापानी को अपना हिस्सा मानता है. साल 2020 में नेपाल की कैबिनेट ने नया राजनीतिक नक़्शा जारी किया था जिसमें इन इलाक़ों को नेपाल की सीमा का हिस्सा दिखाया गया था.
नेपाल की कैबिनेट का फ़ैसला भारत की ओर से लिपुलेख इलाक़े में सीमा सड़क के उद्घाटन के दस दिनों बाद आया था. लिपुलेख से होकर ही तिब्बत चीन के मानसरोवर जाने का रास्ता है. इस सड़क के बनने के बाद नेपाल ने कड़े शब्दों में भारत के क़दम का विरोध किया था.
हालांकि, नेपाल सरकार अब तक इस मामले पर चुप है. पीएम नरेंद्र मोदी के पिछले महीने सड़क चौड़ीकरण की घोषणा के बाद नेपाल सरकार ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी.
गठबंधन की सरकार की मुख्य पार्टी नेपाली कांग्रेस ने शुक्रवार को बयान जारी किया की सड़क बढ़ाने का भारत का फ़ैसला आपत्तिजनक है. पार्टी ने भारत से उस इलाक़े से अपनी सेना हटाने के लिए भी कहा है.
बयान में कहा गया है, "नेपाली कांग्रेस इसे लेकर स्पष्ट है कि लिपुलेख, लिम्पियाधुरा और कालापानी नेपाल के इलाक़े हैं. नेपाल के पास इन्हें इस्तेमाल करने का अधिकार होना चाहिए. कालापानी में मौजूद भारतीय सेना को वापस जाना चाहिए."

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2,500 सपा कार्यकर्ताओं पर एफ़आईआर
उत्तर प्रदेश में बीजेपी सरकार में मंत्री रहे स्वामी प्रसाद मौर्य और धरम सिंह शुक्रवार को समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए. उनके साथ बीजेपी और अपना दल के पांच विधायक भी सपा में शामिल हुए.
सपा में शामिल करने के लिए ये आयोजन पार्टी के लखनऊ मुख्यालय पर हुआ था. वैसे तो ये एक वर्चुअल कार्यक्रम था लेकिन इसमें बड़ी संख्या में सपा समर्थक भी पहुंचे थे और भीड़ इकट्ठा हो गई थी.
इसके कारण शहर में टैफ़्रिक संबंधी समस्या बढ़ गई और कोरोना को फैलने से रोकने के लिए लगाए गए नियमों का उल्लंघन होने के आरोप भी लगे.
अंग्रेज़ी अख़बार टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने लिखा है कि इस मामले में सपा के 2,500 कार्यकर्ताओं के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज कराई गई है. उन पर चुनाव आयोग के रैलियों से जुड़ा आदेश देने के बावजूद कोरोना नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है.

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भारत आने वाले दो जहाज दुबई में टकराने से बचे
भारतीय विमानन नियामक डीजीसीए ने संयुक्त अरब अमीरात से भारत आने वाले दो यात्री विमानों की टक्कर की जांच की रिपोर्ट साझा करने को कहा है.
अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस लिखता है कि ये हादसा नौ जनवरी को दुबई हवाईअड्डे पर हुआ था.
एयरपोर्ट से उड़ान भरते हुए अमीरात के दोनों हवाई जहाज एक ही रनवे पर आ गए थे. अब नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने यूएई के नागर विमानन प्राधिकरण से इस घटना की विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी है.
डीजीसीए प्रमुख अरुण कुमार ने न्यूज़ एजेंसी पीटीआई से शुक्रवार को कहा, "दोनों ही उनके पंजीकृत एयरक्राफ़्ट हैं और उनके ही हवाई अड्डे पर ये घटना हुई है. वो इस मामले की जांच कर रहे हैं. हालांकि, हमने उन्हें जांच रिपोर्ट साझा करने के लिए कहा है."
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