गुड़गाँव में खुले में नमाज़ पढ़ने का मुद्दा नहीं सुलझ पा रहा- प्रेस रिव्यू

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पिछले एक महीने से खुले में नमाज़ पढ़ने के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे गुड़गाँव के सेक्टर-47 के निवासियों ने सोमवार को डिप्टी कमिश्नर (DC) से मुलाक़ात के बाद कम से कम दो सप्ताह के लिए अपने प्रदर्शन स्थगित कर दिए हैं.

अंग्रेज़ी अख़बार 'द इंडियन एक्सप्रेस' के मुताबिक़, रेसिडेंट वेलफ़ेयर एसोसिएशन (RWA) के सदस्यों ने DC से मुलाक़ात की जिन्होंने उन्हें भरोसा दिलाया कि इस मुद्दे को जल्द से जल्द सुलझा लिया जाएगा.

गुड़गाँव डीसी यश गर्ग ने कहा, "मैंने स्थानीय निवासियों से इस मुद्दे पर चर्चा की. आने वाले दिनों में हम सभी समुदाय के सदस्यों से इस मुद्दे को सुलझाने के लिए बातचीत करेंगे."

सेक्टर-47 RWA के अध्यक्ष सुनील यादव ने कहा, "हमने अपनी चिंताओं को लेकर DC से मुलाक़ात की. DC ने हमसे कहा कि हम दो सप्ताह के लिए दिवाली तक प्रदर्शन को बंद कर दें और इस मुद्दे को सुलझा लिया जाएगा. हमने अधिकारियों से निवेदन किया है कि वो जुमे की नमाज़ को किसी ओर जगह या सामुदायिक सेंटर में स्थानांतरित कर दें. हम इंतज़ार करेंगे और देखेंगे कि मुद्दा कब तक सुलझता है."

बीते चार सप्ताह से सेक्टर-47 पुलिस की सुरक्षा में नमाज़ पढ़ी जा रही थी और सार्वजनिक जगह पर नमाज़ पढ़ने को लेकर स्थानीय निवासी प्रदर्शन कर रहे थे. दो मौक़ों पर पुलिस को निवासियों की आपत्ति के कारण नमाज़ की जगह को कुछ मीटर दूर स्थानांतरित करना पड़ा था. प्रदर्शन के दौरान लोग पोर्टेबल स्पीकर और माइक के ज़रिए नारे लगा रहे थे और भजन गा रहे थे.

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स्थानीय निवासी सुरक्षा का दे रहे हवाला

स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सुरक्षा और ट्रैफ़िक चिंताएं बढ़ गई हैं. उनका कहना है कि सेक्टर-47 में जिस जगह पर नमाज़ पढ़ने की अनुमति दी गई है वो केवल एक दिन के लिए दी गई थी.

गुड़गाँव नागरिक एकता मंच (GNEM) नामक सिटिज़न फ़ोरम के सदस्यों ने मंगलवार को DC को एक पत्र दिया, जिसमें प्रशासन से निवेदन किया गया था कि वो लोगों और रेसिडेंट एसोसिएशन से बातचीत करें.

पत्र में कहा गया है कि लोगों और RWA संगठनों को 'गुमराह करके एक दुर्भावनापूर्ण अभियान का हिस्सा बनाया गया जो कि शहर की शांति के लिए एक ख़तरा है.'

पत्र में लिखा है, "GNEM ने हमेशा संकट के समय प्रशासन के साथ सहयोग किया और हम बातचीत के ज़रिए वर्तमान में नमाज़ के मुद्दे को सुलझाने में सहयोग करेंगे ताकि लोगों की गरिमा और अधिकारों के साथ समझौता न किया जाए."

पिछले सप्ताह इस मुद्दे को लेकर दोनों समुदायों के सदस्यों, स्थानीय निवासियों, पुलिस अधिकारियों और सब-डिविज़नल मैजिस्ट्रेट के बीच चर्चा हुई थी लेकिन यह गतिरोध जारी था.

सेक्टर-47 की यह जगह उन 37 तयशुदा जगहों में शामिल है, जहाँ पर खुले में नमाज़ पढ़ी जा सकती है. दरअसल, साल 2018 में हिंदू और मुस्लिम समुदायों में खुले में नमाज़ पढ़ने को लेकर हुए विवाद के बाद प्रशासन ने बातचीत के बाद ये जगहें तय की थीं. प्रदर्शनकारियों का दावा है कि प्रशासन की यह 'व्यवस्था' स्थायी नहीं थी और सिर्फ़ एक दिन के लिए यह अनुमति दी गई थी.

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अरुणाचल में चीन की सीमा के नज़दीक सेना बढ़ाई गई

पूर्वी लद्दाख में डेढ़ साल से तनाव के बीच चीनी सेना की अब अरुणाचल प्रदेश से सटी सरहद के भीतरी हिस्सों में सैन्य ड्रिल और तैनाती को लेकर भारत सतर्क है. 'अमर उजाला' अख़बार लिखता है कि भारतीय सेना ने सुरक्षा संबंधी किसी भी चुनौती से निपटने के लिए आपात योजना तैयार की है.

अख़बार लिखता है कि पूर्वी कमान के कमांडर लेफ़्टिनेंट जनरल मनोज पांडे ने बताया है कि चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी के सालाना प्रशिक्षण कार्यक्रम में भी इस बार गतिविधियां बढ़ी हैं, उसके सैनिकों को सीमावर्ती भीतरी इलाकों में तैनात किया जा रहा है.

लेफ़्टिनेंट जनरल पांडे ने यह भी बताया कि दोनों देश वास्तविक नियंत्रण रेखा के निकट बुनियादी ढांचे का विकास कर रहे हैं, इससे कुछ विवाद पैदा होते रहते हैं. सैन्य तैनाती भी बढ़ाई जा रही है.

चीन जिस तरह से पूर्वोत्तर भारत में भूटान के साथ कूटनीतिक रिश्ते बनाने की कोशिशें कर रहा है उससे भी भारत में चिंता है.

चीन-भूटान में दशकों पुराने सीमा विवाद पर हुए समझौते पर सीधे कुछ न कहते हुए लेफ़्टिनेंट जनरल ने उम्मीद जताई है कि इस समझौते पर सरकारी अधिकारियों की नज़र होगी.

वीडियो कैप्शन, उत्तराखंड में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, कम से कम 16 मौत

उत्तराखंड में तेज़ बारिश और भूस्खलन से 42 की मौत

'दैनिक भास्कर' लिखता है कि उत्तराखंड में मंगलवार को बाढ़ और बारिश की वजह से हुए हादसों में 42 लोगों की मौत हुई है. ज़्यादातर मौतें बादल फटने और लैंडस्लाइड की वजह से हुई हैं. कई लोग अब भी मलबे में दबे हुए हैं.

लगातार बारिश को देखते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रियों से अपील की है कि वे जहां हैं वहीं रहें. मौसम में सुधार होने से पहले अपनी यात्रा फिर से शुरू न करें.

डीआईजी नीलेश आनंद भरने ने न्यूज़ एजेंसी पीटीआई को बताया कि अकेले कुमाऊं क्षेत्र में मरने वालों की संख्या 40 के पार हो गई है. इस पहाड़ी राज्य में सोमवार को भी 5 मौतें हुई थीं.

मंगलवार को हुईं 42 मौतों में नैनीताल ज़िले में 28, अल्मोड़ा और चंपावत में 6-6 और पिथौरागढ़ और उधम सिंह नगर ज़िलों में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है.

नैनीताल का संपर्क राज्य के बाकी हिस्सों से कट गया है. यहां तक आने वाली तीनों सड़कें भूस्खलन के चलते ब्लॉक हो गई हैं. वहीं भारी बारिश के चलते नैनीताल ज़िले में काठगोदाम रेलवे स्टेशन को जोड़ने वाली रेलवे लाइन भी बह गई है.

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बाढ़ से मौत होने पर परिवार को 4 लाख रुपये और जिनका घर तबाह हो गया है, उन्हें 1.9 लाख रुपए सहायता राशि देने की घोषणा की है.

मुख्यमंत्री धामी के साथ कुमाऊं क्षेत्र के प्रभावित इलाकों के दौरे पर गए उत्तराखंड पुलिस के महानिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि नैनीताल के काठगोदाम और लालकुआं और उधमसिंह नगर के रुद्रपुर में सड़कें, पुल और रेल की पटरियों को नुकसान पहुंचा है. रेल ट्रैक की मरम्मत में कम से कम 4-5 दिन लगेंगे.

मोदी

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कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का आज उद्घाटन करेंगे पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन करेंगे.

'दैनिक जागरण' लिखता है कि 589 एकड़ में 260 करोड़ की लागत से बने इस हवाई अड्डे के लोकार्पण के साथ उत्तर प्रदेश सर्वाधिक हवाई अड्डों वाला राज्य बन जाएगा.

पीएम मोदी यहां 180.6 करोड़ रुपये की लागत से 12 परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण भी करेंगे. इसके अलावा 281 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले एक मेडिकल कॉलेज का भी शिलान्यास किया जाएगा.

बरवा फार्म में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनसभा को भी संबोधित करेंगे.

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