कोविड से जुड़ी कई पोस्ट ट्विटर ने सरकार के कहने पर हटाई- प्रेस रिव्यू

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हिंदुस्तान टाइम्स में छपी ख़बर के मुताबिक, भारत सरकार ने ट्विटर, फ़ेसबुक और इंस्टाग्राम पर कोविड-19 संबंधी कथित 'भड़काऊ सामग्री' हटाने का आदेश दिया है. ट्विटर के एक प्रवक्ता ने स्पष्टीकरण दिया है कि कंपनी जायज़ क़ानूनी आग्रहों पर इस तरह की कार्रवाई करती है.

ख़बर में कहा गया है कि इनमें तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के आधिकारिक फेसबुक पेज से किए गए कुछ पोस्ट भी शामिल हैं.

नाम ज़ाहिर नहीं करने की शर्त पर एक आला सरकारी अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि कोविड संबंधी ऐसी पोस्ट जिनमें श्मशान की उकसाने वाली तस्वीरें और संदेश हैं, जो लोगों को भड़का सकती हैं, जिसकी वजह से चिकित्साकर्मियों पर हमले हो सकते हैं, उन्हें हटा दिया गया है.

सरकार के इस आदेश से जिनके सोशल मीडिया अकाउंट प्रभावित हुए हैं, उनमें कांग्रेस सांसद आर रेड्डी, टीएमसी के मलय घटक, पश्चिम बंगाल के एक राज्यमंत्री, दो फिल्ममेकर्स विनोद कापड़ी और अविनाश दास शामिल हैं.

फ़ेसबुक ने इस बारे में कोई टिप्पणी करने से मना कर दिया है.

सूचना एवं तकनीक अधिनियम के सेक्शन 69 (ए) के तहत संबंधित मंत्रालय ने शुक्रवार को इस आशय का आदेश जारी किया और शनिवार को उस पर पूरी तरह से अमल किया गया.

तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने इस आदेश के लिए सरकार की कड़ी आलोचना की है. मोदी-शाह को फांसीवादी बताते हुए डेरेक ओ ब्रायन कहते हैं कि हारने वाले आलोचना बर्दाश्त नहीं कर पाते हैं. ट्विटर अकाउंट ब्लॉक करने पर नाराज़ क्यों हो रहे हैं, उन्होंने तो हांफते नागरिकों की ऑक्सीजन बंद कर दी.''

18साल से ऊपर हैं तो कोरोना वैक्सीन के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराएं

टाइम्स ऑफ इंडिया की ख़बर के मुताबिक, 18 से 45 आयुवर्ग के लोगों को कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए कोविन एप पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा.

ख़बर में कहा गया है कि इस आयु वर्ग के लोगों को वैक्सीन लगवाने के लिए पहले से समय लेना होगा और कोई भी बिना समय लिए यूं ही वैक्सीन नहीं लगवा पाएगा.

हो सकता है कि बाद में इस नियम को शिथिल कर दिया जाए, लेकिन मुहिम के शुरुआती हफ्तों में कोविन एप पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बिना वैक्सीन नहीं मिलेगी.

इससे पहले, 45 और 60 साल से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन के लिए इस तरह की बाध्यता नहीं थी और वो सरकारी क्लीनिक में कभी भी जाकर टीका लगवा सकते थे. इससे टीका लगवाने के लिए बड़ी संख्या में लोग सरकारी क्लीनिक पहुंचे.

अधिकारियों को उम्मीद है कि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की वजह से सरकारी क्लीनिकों में एकदम से उमड़ने वाली भीड़ से बचा जा सकेगा. बिना योजना के टीकाकरण की वजह से अव्यवस्थाएं हो सकती हैं.

ऑक्सीजन आपूर्ति में बाधा डालने वाले को 'लटका' देंगे

जनसत्ता की ख़बर के मुताबिक, दिल्ली उच्च न्यायालय ने मई में कोविड-19 की दूसरी लहर चरम पर पहुंचने की आशंका से निपटने के लिए तैयारियों के बारे में केंद्र से जानकारी तलब करते हुए मामलों में तेज़ बढ़ोतरी को 'सुनामी' बताया है और चेतावनी दी है कि अस्पतालों में ऑक्सीजन की आपूर्ति में बाधा डालने वालों को 'लटका' दिया जाएगा.

न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की पीठ ने दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी के मुद्दे पर छुट्टी वाले दिन भी सुनवाई करते हुए चिंता जताई कि 'जिन लोगों को बचाया जा सकता है, वे भी मर रहे हैं.'

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर की एक टीम ने अपने अध्ययन में कहा है कि कोविड-19 की दूसरी लहर मई के मध्य में चरम पर होगी. इस अध्ययन का हवाला देते हुए उच्च न्यायालय ने कहा कि ये लहर नहीं बल्कि 'सुनामी' है.

अनिल देशमुख के ख़िलाफ़ सीबीआई ने दर्ज की एफ़आईआर

दैनिक जागरण में छपी ख़बर के मुताबिक, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने 100 करोड़ की कथित वसूली मामले में महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख के ख़िलाफ़ आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है. एफ़आईआर में अनिल देशमुख पर पद का दुरुपयोग करते हुए भ्रष्टाचार में शामिल होने का आरोप लगाया गया है.

एफ़आईआर दर्ज करने के बाद सीबीआई ने शनिवार को देशमुख के मुंबई और नागपुर स्थित परिसरों पर छापे मारे हैं. सीबीआई ने देशमुख के ख़िलाफ ठोस सबूत मिलने के बाद मामला दर्ज किया है और हो सकता है कि उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाए.

सीबीआई ने बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद अनिल देशमुख पर मामला दर्ज किया है. मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने तत्कालीन गृहमंत्री अनिल देशमुख पर पुलिस अधिकारियों से हर महीने 100 करोड़ रूपये वसूली करवाने का आरोप लगाय था

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