ममता बनर्जी ने कोरोना संक्रमण के मद्देनज़र पश्चिम बंगाल में बाक़ी सभी सीटों पर एक साथ चुनाव कराने की अपील की

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार शाम एक ट्वीट करके कोरोना संक्रमण के मद्देनज़र पश्चिम बंगाल में आठ चरणों में विधानसभा चुनाव कराने के फ़ैसले का एक बार फिर विरोध किया और बाक़ी सभी सीटों पर एक साथ चुनाव कराने की माँग की.
अपने ट्वीट में ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग से आग्रह किया है कि कोरोना संक्रमण के तेज़ी से बढ़ते मामलों को ध्यान में रखते हुए बाक़ी बचे चरणों का मतदान एक ही चरण में कराया जाए.
ममता बनर्जी का कहना है कि एक चरण में बाक़ी मतदान कराने से लोगों को कोरोना संक्रमण की चपेट में आने से बचाया जा सकेगा.
ग़ौरतलब है कि चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों के लिए आठ चरणों में चुनाव कराने का फ़ैसला किया था.
चार चरण के चुनाव हो चुके हैं और पाँचवे चरण का चुनाव शनिवार को होने वाला है.
आयोग के इस फ़ैसले का ममता बनर्जी ने पहले भी विरोध किया था और अब उनका कहना है कि देशभर में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए कम से कम बचे हुए बाक़ी तीन फ़ेज़ के चुनाव एक साथ कर दिए जाएं.
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असम में तीन चरणों में चुनाव हुए जबकि केरल, तमिलनाडु और पुद्दुचेरी में एक ही चरण में पूरे चुनाव हो गए.
पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त डॉक्टर एसवाई क़ुरैशी ने एक ट्वीट किया है जिसमें उन्होंने पश्चिम बंगाल में आख़िरी तीन फेज़ के चुनाव एक साथ कराने के विचार का समर्थन किया है.
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समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, पश्चिम बंगाल में एक दिन में अब तक के सबसे अधिक 6,769 मामले गुरुवार को सामने आए हैं जहां 22 मरीज़ों ने दम तोड़ा है.
और अगर देश भर की बात की जाए तो गुरुवार को दो लाख से ज़्यादा संक्रमण के मामले सामने आए और मरने वालों की संख्या भी एक हज़ार के पार चली गई.
कई राज्यों में आंशिक लॉकडाउन या कई तरह की पाबंदियां लगा दी गईं हैं.
ऐसे में बहुत से लोग इस बात को उठा रहे हैं कि राजनीतिक दल चुनावी रैलियों को करने से बाज़ क्यों नहीं आ रहे हैं.
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ममता बनर्जी के ट्वीट के पहले तृणमूल कांग्रेस पार्टी की सांसद महुआ मोइत्रा ने भी एक ट्वीट किया था जिसमें उन्होंने कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच आठ चरणों में विधानसभा चुनाव कराने के फ़ैसले को इलेक्शन कमीशन की ''आपराधिक लापरवाही'' बताया था.
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इससे पहले, कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी सीपीएम ने बुधवार को घोषणा की थी कि वो कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनज़र कोई भी बड़ी रैली का आयोजन नहीं करेंगे.
देश में पाँच राज्यों में चुनाव की घोषणा फ़रवरी के अंत में हुई थी. पश्चिम बंगाल को छोड़ कर बाक़ी के चार राज्यों (असम, तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी) में चुनाव ख़त्म हो चुके हैं.
इससे पहले चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष पर चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने के लिए 24 घंटे का प्रतिबंध लगा दिया.
प्रतिबंध की वजह से दिलीप घोष गुरुवार शाम सात बजे से शुक्रवार शाम सात बजे तक चुनाव प्रचार नहीं कर पाएंगे.
दिलीप घोष ने सितलकूची में बीते दिनों हुई हिंसा के संबंध में कहा था कि कई अन्य जगहों पर भी ऐसी ही हिंसा होगी. सितलकुची में चौथे चरण के मतदान के दौरान हिंसा में चार लोग मारे गए थे.
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