जम्मू कश्मीर में 4जी इंटरनेट सेवाएं दोबारा बहाल होंगी

इमेज स्रोत, NurPhoto
जम्मू कश्मीर प्रशासन के प्रवक्ता रोहित कंसल ने शुक्रवार को जानकारी दी है कि पूरे जम्मू कश्मीर में 4जी इंटरनेट सेवा बहाल की जा रहीं हैं.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 1
5 अगस्त 2019 को भारत सरकार ने जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को ख़त्म कर दिया था और इसे जम्मू, कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया था.
तभी से यहां मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया गया था.
हालांकि कुछ समय बाद सरकार ने सबसे पहले लैंडलाइन फ़ोन सेवा शुरू की थी. जनवरी 2020 में जम्मू और कश्मीर घाटी के कुछ इलाक़ों में 2जी इंटरनेट सेवाएं बहाल कर दी गईं थीं, लेकिन हाईस्पीड इंटरनेट अधिकतर जगहों पर नहीं पहुंचा था.
बीते साल अगस्त में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के एक साल बाद यहां के दो जिलों में 4जी इंटरनेट सेवा बहाल की गई थी.
'4जी मुबारक'
जम्मू कश्मीर में 4जी इंटरनेट बहाल करने के भारत सरकार के फ़ैसले पर जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्लाह ने तंज़ कसा है.
उन्होंने ट्विटर पर लिखा है, "4जी मुबारक, अगस्त 2019 के बाद पहली बाद पूरे जम्मू कश्मीर में 4जी मोबाइल सेवा शुरू हो रही हैं. देर आए दुरुस्त आए."
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 2
फ़िल्म निर्माता विवेक अग्निहोत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा, "शानदार. ये अब तक की सबसे बढ़िया ख़बर है. किसी भी समाज के लिए इंटरनेट बंद करना अच्छी बात नहीं है. कश्मीर को इसके लिए काफी लंबा इंतज़ार करना पड़ा."
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 3
कश्मीर से अनुच्छेद 370 ख़त्म करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि बहुत सोच-समझकर ये फ़ैसला लिया है. उन्होंने कहा था , "मैं इसे लेकर पूरी तरह निश्चिंत हूं. इससे आने वाले दिनों में लोगों का भला होगा."
हालांकि महीनों तक यहां इंटरनेट सेवाएं बंद रहने को लेकर मोदी सरकार को आलोचना का सामना भी करना पड़ा.
कश्मीरी पत्रकार अनुराधा भसीन ने सुप्रीम कोर्ट में इंटरनेट पर जारी पाबंदियों को हटाने के लिए याचिका दाख़िल की थी.
इस मामले में फरवरी 2020 को सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा इंटरनेट को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता अधिकार को इस्तेमाल करने के लिए ये ज़रूरी चीज़ है, लेकिन साथ ही कोर्ट ने ये भी कहा कि इंटरनेट बंद किए जाने से जुड़े आदेश और प्रक्रियाएं तार्किक होने चाहिए.
कोर्ट ने अपने आदेश में सरकार को इस निर्णय की समीक्षा करने को कहा था लेकिन जम्मू-कश्मीर में इंटरनेट पर पाबंदी को ख़त्म करने का आदेश नहीं दिया था.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)






















