सेना का खर्च घटाने की तैयारी में सरकार, नए प्रस्ताव से मची हलचल-प्रेस रिव्यू

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अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस ने भारतीय सेना में होने वाले बड़े बदलावों से जुड़ी एक महत्वपूर्ण रिपोर्ट प्रकाशित की है.
रिपोर्ट के मुताबिक़, भारत सरकार ने सेना का 'खर्च घटाने' और 'संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल' के लिए कई बदलावों का प्रस्ताव सामने रखा है. अख़बार का कहना है कि इससे सेना में हलचल मच गई है.
इस प्रस्ताव में 15 जनवरी (थल सेना दिवस) को होने वाले आर्मी डे समारोह को बंद करने, नौ अक्टूबर को होने वाली अलग-अलग रेजीमेंट्स की परेड बंद करने, सैन्य अधिकारियों के लिए निजी मेस बंद करने और पीस स्टेशन यूनिट्स में सीएसडी कैंटीन बंद करने जैसे सुझाव दिए गए हैं.
ये सुझाव सेना की आंतरिक व्यवस्था की समीक्षा के मद्देनज़र तैयार की गई एक रिपोर्ट का हिस्सा हैं.
इस रिपोर्ट का शीर्षक है: ऑप्टिमाइज़ेशन ऑफ़ मैनपावर ऐंड रिसोर्सेज़: रिव्यू ऑफ़ प्रैक्टिसेज़ ऐंड फ़ेसिलिटीज़ इन आर्मी' है.
अख़बार का कहना है कि यह रिपोर्ट सेना के प्रमुख मुख्यालयों और बोर्ड्स में भेजी गई है.
प्रस्ताव में गणतंत्र दिवस और बीटिंग रीट्रीट सेरिमनी में इस्तेमाल होने वाले आर्मी बैंड्स, पाइप और ड्रम की संख्या 30 से घटाकर 18 करने को कहा गया.
इसके पीछे तर्क दिया गया है कि परेडों में हिस्सा लेने वाले कॉन्टिन्जेंट्स की संख्या तो 12 से छह कर दी गई लेकिन बैंड्स की संख्या इस अनुपात में नहीं घटाई गई.
प्रस्ताव में ये भी कहा गया है कि विजय दिवस और कारगिल विजय दिवस को होने वाले कार्यक्रम कम से कम तड़क-भड़क के साथ आयोजित किए जाएं.
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कोरोना की वैक्सीन बनाने के क़रीब पहुंचा भारत: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने शुक्रवार को कहा कि कोरोना महामारी पर काबू पाने के अभियान के तहत भारत में तीन वैक्सीन विकसत होने के एडवांस स्टेज में हैं.
इनमें से एक वैक्सीन क्लिनिकल ह्यूमन ट्रायल के दूसरे और एक अन्य वैक्सीन ट्रायल के तीसरे चरण में है.
अंग्रेज़ी अख़बार हिंदुस्तान टाइम्स ने इस ख़बर को प्रमुखता से प्रकाशित किया है.
अख़बार लिखता है कि पीएमओ के मुताबिक़, प्रधानमंत्री ने देश के सभी नागरिकों तक वैक्सीन जल्दी पहुँचाने की तैयारी सुनिश्चित करने के लिए भी कहा है.
पीएम मोदी ने कहा कि जैसे हम चुनाव की तैयारी करते हैं, वैसे ही वैक्सीन हमें बांटने की तैयारी भी करनी होगी.
उन्होंने कहा, "चुनाव आयोजन की तरह टीका वितरण की ऐसी प्रणाली विकसित हो जिसमें सरकारी और नागरिक समूहों की हर स्तर पर भागीदारी हो."
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भारत में रूप नहीं बदल रहा है कोरोना वायरस
कोविड-19 से ही जुड़ी एक अन्य ख़बर टाइम्स ऑफ़ इंडिया में है.
अख़बार के भारत सरकार ने शनिवार को बताया कि कोरोना वायरस के जीनोम सम्बन्धी दो अध्ययनों में पाया गया है कि यह आनुवंशिक रूप से स्थिर है और इसके स्वरूप में कोई बड़ा बदलाव (म्यूटेशन) नहीं आया है.
यह भारत के लिए अच्छी ख़बर है क्योंकि वैज्ञानिक आशंका जता रहे थे कि अगर कोरोना वायरस अपना स्वरूप बदलता है तो वैक्सीन का प्रभाव कम हो सकता है.
वहीं, कोविड-19 के कुल मामलों के मामले में भारत एक बार फिर दुनिया में दूसरे नंबर पर आ गया है. ऐसा अमरीका में संक्रमण के मामले बढ़ने की वजह से हुआ है.
जॉन्स हॉप्किन्स यूनिवर्सिटी के आँकड़ों के अनुसार अमरीका में कोरोना संक्रमण के कुल 81,00,662 मामले हैं और भारत में कुल 74,32,680 मामले.
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