भारत-चीन के बीच आज सैन्य वार्ता, पहली बार चीनी राजनयिक भी शामिल: प्रेस रिव्यू

इमेज स्रोत, SOPA IMAGES
टाइम्स ऑफ़ इंडिया में छपी एक ख़बर के अनुसार पूर्वी लद्दाख में भारत-चीन सीमा पर जारी तनाव कम करने के लिए आज कमांडर स्तर की सातवें दौर की बातचीत होगी जिसमें पहली बार चीन के प्रतिनिधि के तौर पर सीनियर डिप्लोमैट शामिल होंगे.
अख़बार के अनुसार बैठक में चीनी प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्रालय के अधिकारी और राजनीतिक कमिश्नर शामिल हो सकते हैं.
इससे पहले 21 सितंबर को हुई छठे दौर की बातचीत में भारत की तरफ से एक वरिष्ठ राजनयिक, संयुक्त सचिव (पूर्वी एशिया) नवीन श्रीवास्तव ने शिरकत की थी.
10 सितंबर को भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर और उनके चीनी समकक्ष वाँग यी के बीच मॉस्को में हुई मुलाक़ात में पाँच बिंदुओं पर सहमति बनी थी. लेकिन ज़मीनी स्तर पर इसके कार्यान्वयन में समानता न दिखने के बाद भारत ने अगली बैठक में एक वरिष्ठ राजनयिक को शामिल किया था.
एक अधिकारी के हवाले से अख़बार लिखता है, "जब तक चीन पेगॉन्ग त्सो झील के उत्तरी हिस्से और फिंगर एरिया से अपनी सेना नहीं हटाता और पूर्वी लद्दाख के पूरे इलाक़े में डी-एस्केलेशन नहीं करता तब तक इस बैठक से कोई नतीजा निकलेगा ऐसा कहा नहीं जा सका."
इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट YouTube समाप्त
किसे पहले मिलेगी वैक्सीन, दो आधार पर तय होगा
कोरोना वायरस की वैक्सीन उपलब्ध होने के बाद भारत के सभी नागरिकों को ये मिल सके ये सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार एक से अधिक वैक्सीन निर्माताओं के साथ क़रार करेगी.
हिंदुस्तान टाइम्स के पहले पन्ने पर छपी ख़बर के अनुसार स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने रविवार को ये बात कही है.
साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि जो लोग अधिक कमज़ोर हैं उन्हें सबसे पहले वैक्सीन दी जाएगी.
अख़बार के अनुसार डॉक्टर हर्षवर्धन ने कहा कि दो आधार पर ये तय किया जाएगा कि किसे वैक्सीन पहले दी जाए- पहला, अपने काम के कारण जिन्हें संक्रमण का ख़तरा अधिक है और दूसरा, जो पहले ही दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं और जिनमें संक्रमण के कारण गंभीर बीमारी होने का डर है.
उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत में जो वैक्सीन बन रही हैं उनमें से भारत बायोटेक और सीरम इंस्टीट्यूट की वैक्सीन दो डोज़ वाली वैक्सीन हैं जबकि कैडिला की वैक्सीन तीन डोज़ वाली वैक्सीन है.
अख़बार के अनुसार उन्होंने कहा कि भारत की आबादी ज़्यादा है और एक वैक्सीन या फिर एक ही वैक्सीन निर्माता पूरे देश की ज़रूरत को पूरा नहीं कर सकते. इसलिए सरकार देश में कोरोना की कई वैक्सीन लाने के बारे में विचार कर सकती है.
उन्होंने स्पष्ट किया कि माना जा रहा है कि शुरूआती दौर में कोविड-19 की वैक्सीन सीमित मात्रा में उपलब्ध हो सकेगी, ऐसे में कुछ लोगों को पहले ये दी जाएगी.
हाथरस मामले में सीबीआई ने दर्ज की एफ़आईआर
उत्तर प्रदेश के हाथरस में दलित लड़की के साथ हुए बलात्कार मामले में केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) ने रविवार को प्राथमिकी दर्ज कर ली है.
जनसत्ता अख़बार में छपी ख़बर के अनुसार मामले की जांच सीबीआई की गाज़ियाबाद इकाई की विशेष टीम करेगी.
सीबीआई के अधिकारियों के हवाले से अख़बार ने बताया है कि रविवार सवेरे इस मामले में इंडियन पीनल कोड की धारा 376 (डी) )सामूहिक बलात्कार), धारा 307 (हत्या की कोशिश), और धारा 302 (हत्या) समेत एससीएसटी क़ानून की धारा 3(2)(पांच) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है.
इस मामले में पीड़िता का परिवार सोमवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के सामने पेश होगा. अदालत ने हाथरस के ज़िलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक समेत कई अधिकारियों को भी उपस्थित होने के लिए कहा है.
बीते महीने की 14 तारीख को हाथरस के एक गांव में 19 साल की एक दलित लड़की के साथ कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार का मामला सामने आया था.
29 सितंबर को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में लड़की की मौत हो गई थी. इसके बाद जल्दबाज़ी में हाथरस जिला प्रशासन ने आधी रात लड़की का अंतिम संस्कार कर दिया.
बाद में उत्तर प्रदेश सरकार के कहने पर और भारत सरकार की अधिसूचना के बाद सीबीआई ने इस मामले में एफ़आई दर्ज की है.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)
























