भारत-चीन सीमा विवाद: चीन ज़िम्मेदारी समझे और एलएसी के अपनी तरफ़ जाए- चीन में भारत के राजदूत

भारत चीन, लेह के नज़दीक भारतीय सेना
इमेज कैप्शन, लेह के नज़दीक एक पहाड़ के पास से गुज़र रही भारतीय सेना की टुकड़ी
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पढ़ने का समय: 3 मिनट

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार चीन में भारत के राजदूत ने कहा है कि भारत को उम्मीद है कि तनाव कम करने और डिसइंगेज करने के लिए चीन अपनी ज़िम्मेदारी समझते हुए एक्चुअल लाइन ऑफ़ कंट्रोल यानी एलएसी के अपनी तरफ़ वापस चला जाएगा.

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एजेंसी के अनुसार भारत के राजदूत विक्रम मिस्री ने कहा है कि "भारत हमेशा से एलएसी में अपनी तरफ रह कर काम किया है. ज़मीनी स्तर पर चीनी सैनिकों ने जो कदम उठाया है उससे दोनों देशों के रिश्तों में भरोसा कम हुआ है."

"ये पूरी तरह से चीन की ज़िम्मेदारी है कि वो द्विपक्षीय रिश्तों को गंभीरता से ले और ये तय करे कि उसे किस दिशा में आगे बढ़ना है."

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पीटीआई के अनुसार भारतीय राजदूत ने कहा कि "एलएसी पार कर भारत की तरफ आने और निर्माण कार्य करने की अपनी कोशिश को चीन को बंद करना चाहिए."

उन्होंने कहा कि एक्चुअल लाइन ऑफ़ कंट्रोल पर तनाव कम करने का एकमात्र रास्ता यही है कि चीन वहां नया निर्माण करना करना बंद करे.

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ग़ौरतलब है कि भारत-चीन लद्दाख सीमा पर 15-16 जून को गलवान घाटी में दोनों देशों के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें भारत के 20 सैनिक मारे गए थे. दोनों देशों के बीच इस विवाद को सुलझाने के लिए बैठकों का दौर जारी है.

19 जून को इस मुद्द पर चर्चा के लिए बृहुई सर्वदलीय में प्रधानमंत्री ने कहा था कि ना कोई हमारे क्षेत्र में घुसा है और ना किसी पोस्ट पर क़ब्ज़ा किया है. उन्होंने ये भी कहा था कि गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हुई हिंसा में देश के 20 जवान शहीद हुए हैं.

हालांकि इसके बाद भारतीय मीडिया में ऐसी तस्वीरें सामने आईं जिनमें जहां झड़प हुई थी वहां चीनी सैनिकों की मौजूदगी दिखी.

जिस जगह पर ये झड़प हुई, उसे भारत और चीन के बीच की वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी लाइन ऑफ़ एक्चुअल कंट्रोल के नाम से जाना जाता है. इस लाइन के आसपास दोनों देशों की सैनाओं की तरफ से चल रहे निर्माण कार्य को लेकर दोनों मुल्कों में तनाव है

भारत चीन सीमा के नज़दीक की सैटलाइट तस्वीर
इमेज कैप्शन, 22 जून 2020 की इस सैटलाइट तस्वीर में पूर्वी लद्दाख के गलवान घाटी के पास लाइन ऑफ़ एक्चुअल कंट्रोल के नज़दीक सड़क निर्माण का काम देखा जा सकता है.

अब भारत के राजदूत का बयान सामने आने के बाद विपक्षी कांग्रेस के तेवर एक बार फिर हमलावर हो रहे हैं.

कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने लिखा है कि "ये बयान साबित करता है कि बीजेपी सरकार और प्रधानमंत्री मोदी देश के लोगों के साथ पूरी तरह से ईमानदार नहीं है."

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