राहुल गांधी ने एक बार फिर मोदी पर साधा निशाना- आज की बड़ी ख़बरें

राहुल गांधी

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चीन के मुद्दे पर घेरने की कोशिश की है.

राहुल गांधी ने एक वीडियो शेयर कर मोदी से कहा कि 'देश आपसे सच सुनना चाहता है.'

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राहुल गांधी ने कहा कि कुछ दिनों पहले प्रधानमंत्री ने कहा था कि चीन ने भारत की एक इंच ज़मीन नहीं ली है, लेकिन सेना के रिटायर्ड अधिकारी और सैटेलाइट तस्वीरें कह रही हैं कि चीनी सैनिक भारतीय इलाक़े में घुसे हैं.

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को इस समय देश से सच बोलना चाहिए.

पीएम मोदी पर हमले का तरीक़ा क्या हो, इसपर कांग्रेस में कलह

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क्या कांग्रेस के भीतर सीनियर और जूनियर नेताओं के बीच का मतभेद सतह पर आ गया है? राज्यसभा सांसद और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने गुरुवार को कहा कि विचारधारा की स्पष्टता में अभाव के कारण पार्टी को नुक़सान हो रहा है.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के भीतर सीनियर और जूनियर में मतभेद की मनगढ़ंत मीडिया प्रायोजित कहानियों से ज़्यादा नुक़सान विचारधारा को लेकर स्पष्ट नहीं होने के कारण पार्टी का नुक़सान हो रहा है.

दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर कांग्रेस के भीतर चल रही उस बहस को आगे बढ़ा दिया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को किस तरह से निशाने पर लिया जाना चाहिए.

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दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर कहा, ''वैचारिक अस्पष्टता ही ढुलमुल रुख़ की वजह है. आरएसएस का सामना करने में हिचक क्यों है? ध्रुवीकरण की विभाजनकारी विचारधारा, ग़रीब विरोधी, किसान विरोधी और मज़दूर विरोधी नीतियों के कारण भारत की एकता और अखंडता बर्बाद हो रही है. इससे आर्थिक और सामाजिक सद्भावना भी ख़राब हो रही है.''

कांग्रेस के भीतर इस बात की बहस चल रही है कि नरेंद्र मोदी पर हमला कैसे किया जाना चाहिए. मंगलवार को यह बहस तब शुरू हुई जब पूर्व केंद्रीय मंत्री आरपीएन सिंह ने कहा कि मोदी सरकार की नीतियों की आलोचना होनी चाहिए न कि सीधे मोदी पर हमला किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री ऑफिस पर हमले से कहीं अर्थ का अनर्थ न हो जाए. ऐसा उन्होंने कांग्रेस वर्किंग कमिटी की बैठक में कहा था.

इकनॉमिक टाइम्स में रिपोर्ट छपी कि आरपीएन सिंह के इस तर्क को कांग्रेस के पूर्व प्रमुख राहुल गांधी ने ख़ारिज कर दिया. रिपोर्ट के मुताबिक़ राहुल ने कहा कि वो मोदी पर हमले से डरते नहीं हैं. उन्होंने कहा कि सरकार की हर नीति प्रधानमंत्री से होकर जाती है.

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दिग्विजय सिंह ने अपने अगले ट्वीट में कहा है, ''कांग्रेस के भीतर वो कौन है जो राहुल जी और प्रियंका जी का विरोध कर रहा है? कोई एक भी सीनियर नेता का नाम बताएगा? पूरी कांग्रेस नेहरू-गांधी परिवार के साथ खड़ी है. यह परिवार पूरी कांग्रेस को एकजुट रखता है. पार्टी नेताओं के भीतर सबसे ज़्यादा ज़रूरी यह है कि वो वैचारिक रूप से स्पष्ट रहें न कि सीनियर और जूनियर में उलझें.''

आपातकाल की 45वीं वर्षगांठ पर गृह मंत्री अमित शाह ने 23 जून को सीडब्ल्यूसी में हुई बहस का हवाला देते हुए ट्वीट कर लिखा था कि आपातकालीन मानसिकता का ही ये परिचायक है कि जो नेहरू-गांधी परिवार से संबंधित नहीं है वो बोल नहीं सकता.

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अमित शाह के ट्वीट के जवाब में लिखा, ''यह कोई छुपी हुई बात नहीं है कि पिछले तीन दशक से गांधी परिवार के किसी शख़्स ने किसी पावर वाले पद को नहीं लिया. इस परिवार ने हमेशा कैडर और ग्राउंड वर्कर को आगे बढ़ाया है. मैं भी इसका उदाहरण हूं. बीजेपी का अमित शाह और मोदी ने हाइजैक कर लिया है.''

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