कोरोना के इलाज के लिए दिल्ली के किन अस्पतालों में हैं कितने बेड

कोरोना वायरस के बारे में जानकारी

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    • Author, मानसी दाश
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता
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दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा है कि देश भर में अकेले राजधानी दिल्ली में 31 जुलाई तक कोरोना वायरस संक्रमण के साढ़े पांच लाख मरीज़ हो जाएंगे.

मंगलवार को उन्होंने कहा कि दिल्ली में 15 जून तक 44 हज़ार, 15 जुलाई तक 2.25 लाख और 31 जुलाई तक 5.50 लाख मामले हो जाएंगे. उनके अनुसार 31 जुलाई तक मरीज़ों के इलाज के लिए अस्पतालों में 80 हज़ार बेड्स की आवश्यक्ता होगी.

अस्पतालों में बेड को लेकर विवाद

दिल्ली के अस्पतालों को लेकर प्रदेश सरकार बीते कई दिनों से चर्चा में है. इन अस्पतालों में कोरोना मरीज़ों को बेड न मिलने के बारे में हाल में सोशल मीडिया में कई ख़बरें आईं.

इसके बाद केजरीवाल ने कुछ निजी अस्पतालों पर कोरोना महामारी के दौर में बेड की ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि ये अस्पताल लोगों की सेवा के लिए बनाए गए थे न कि पैसे कमाने के लिए.

इसके बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जब तक कोरोना महामारी जारी है, जब तक दिल्ली सरकार के अस्पतालों में सिर्फ़ यहां रहने वालों के लिए कोरोना के बेड सुरक्षित होने चाहिए. दिल्ली में निजी अस्पताल कोरोना महामारी तक केवल दिल्लीवालों के लिए रिज़र्व होंगे.

उनका कहना था कि दिल्ली में केंद्र सरकार के 10,000 बेड्स हैं वहां कोई भी इलाज करा सकता है.

हालांकि उनके इस फ़ैसले को बाद में उप-राज्यपाल अनिल बैजल ने ये कहते हुए पलट दिया है कि किसी भी मरीज़ को स्वास्थ्य सेवाएं देने से इस आधार पर मना नहीं किया जा सकता कि वो दिल्ली का निवासी नहीं.

इसे पहले दिल्ली के अस्पतालों में बेड की कमी सुलझाने की कोशिश में प्रदेश सरकार ने एक एंड्रायड मोबाइल ऐप 'दिल्ली कोरोना' जारी किया जिससे लोगों को दिल्ली के अस्पतालों में कुल खाली बेड की संख्या और कुल खाली वेन्टिलेटर वाले बेड की संख्या का पता चले.

इन सभी विवाद के बीच आइये आपको बताते हैं कि दिल्ली में कोरोना हेस्पलाइन या एंबुलेंस हेल्पलाइन क्या है.राजधानी में दिल्ली सरकार के कितने अस्पताल हैं जहां इलाज कराया जा सकता है, कहां कहां कोरोना का टेस्ट हो रहा है.

दिल्ली सरकार के कोरोना हेल्पलाइन नंबर - 011-22391014, 011-22301028, 011-22302441, 011-22307133, 011-22304568, 011-22307745, 011-22307135, 011-22307145, 11-22300012, 011-22300036

दिल्ली सरकार का डेडिकेटड कोरोना व्हाट्सऐप हेल्पलाइन नंबर जो सरकार का दावा है कि रात-दिन काम करता है - 8287 97 2050

कैट्स एम्बुलेंस के लिए कंट्रोल रूम का नंबर - 102

एम्बुलेंस के लिए इन नंबरों से भी संपर्क किया जा सकता है - 7291000071, 7291000078, 7291000093, 7291000094

दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार प्रदेश सरकार के 37 अस्पताल हैं. हालांकि कांग्रेस के नेता अजय माकन का कहना है कि दिल्ली सरकार के पास कुल 38 अस्पताल हैं.

दिल्ली कोरोना मोबाइल ऐप में राज्य सरकार के अस्पताल, केंद्र सरकार के अस्पताल और निजी अस्पतालों में मौजूद बेड की सूची है.

अस्पताल में बेड की मौजूदगी बताने के लिए दिल्ली सरकार ने एक कोरोना डैशबोर्ड भी बनाया है. इसके अनुसार प्रदेश के अस्पतालों में 8877 बेड कोरोना मरीज़ों के लिए हैं जबकि 507 बेड हैं जिनमें वेन्टिलेटर सुविधा है.

कोरोना बेड

कोविड-19 के मरीज़ों के लिए दिल्ली में सरकारी कोविड अस्पताल

  • लोक नायक अस्पताल , जीबी पंत अस्पताल - 2000 बेड
  • राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल - 500 बेड
  • गुरु तेग बहादुर अस्पताल - 1500 बेड
  • दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल
  • डॉक्टर बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल

कोविड-19 के इलाज के लिए दिल्ली में और सरकारी अस्पताल

  • एम्स झज्जर - 700 बेड
  • सफदरजंग - 283 बेड
  • दीप चंद बंधु - 176 बेड
  • राम मनोहर लोहिया - 137 बेड
  • लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज - 80 बेड
  • ऐम्स दिल्ली - 250 बेड
  • सत्यवादी राजा हरीश्चंद्र अस्पताल - 168 बेड

कोविड-19 के मरीज़ों के लिए दिल्ली में प्राइवेट कोविड अस्पताल

  • महा दुर्गा चैरिटेबल ट्रस्ट अस्पताल - 100 बेड
  • सर गंगाराम सिटी , राजेंद्र नगर - 129 बेड
  • सर गंगाराम कोलमत - 34 बेड
  • सर गंगाराम - 124 बेड
  • इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल - 121 बेड
  • मैक्स अस्पताल, साकेत - 200 बेड
  • मैक्स अस्पताल, पटपड़गंड - 80 बेड
  • फोर्टिस अस्पताल, शालीमार बाग - 56 बेड
  • फोर्टिस एस्कॉर्ट्स अस्पताल - 69 बेड
  • फोर्टिस अस्पताल, वसंत कुंज -32 बेड
  • सरोज मेडिकल इंसटीट्यूशन, रोहिणी - 154 बेड
  • खुशी अस्पताल, द्वारका - 50 बेड
  • मूलचंद खैरातीराम अस्पताल -28 बेड
  • बत्रा अस्पताल एचंड रीसर्च सेंटर, तुगलकाबाद - 99 बेड
  • हकीम अब्दुल हमीद सेंटिनरकी अस्पताल - 94 बेड
  • बीएल कपूर अस्पताल- 93 बेड
  • महाराजा अग्रसेन अस्पताल, पंजाबी बाग़ - 81 बेड
  • राजीव गांधी कैंसर इंस्टीट्यूट - 72 बेड
  • होली फैमिली अस्पताल -69 बेड
  • पार्क अस्पताल - 53 बेड
  • बंसल ग्लोबल अस्पताल - 50 बेड
  • श्री बलाजी एक्शन अस्पताल - 50 बेड
  • वेंकेटेश्वर अस्पताल - 50 बेड
  • जयपुर गोल्डेन अस्पताल- 48 बेड
  • माता छानन देवी अस्पताल - 42 बेड
  • सिग्नस ऑर्थोकोयर अस्पताल - 17 बेड
  • धर्मशिला नारायाण अस्पताल - 40 बेड
  • पीएसआरआी- 40 बेड
  • आकाश हेल्थकेयर - 40 बेड
  • मनिपाल अस्पताल - 40 बेड
  • तीर्थ राम शाह चौधरी अस्पताल - 40 बेड
  • इंडियन सपाइनल कॉर्ड इन्ज्यूरी सेंटर - 37 बेड
  • आयुष्मान अस्पताल - 32 बेड
  • संत प्रमोद अस्पताल - 30 बेड
  • भगवति अस्पताल - 31 बेड
  • मधुकर रेनबो अस्पताल - 26 बेड
  • कुकरेजा अस्पताल - 24 बेड
  • प्राइमस सुपर स्पेशलिटी अस्पताल - 24 बेड
  • कालरा अस्पताल - 23 बेड
  • सन्तोम अस्पताल - 21 बेड
  • गोयल हॉस्पिटल एंड यूरोलॉजी सेंटर - 21 बेड
  • सेहगर नियो अस्पताल - 20 बेड
  • नवजीनव अस्पताल - 20 बेड
  • ऐक्शन कैंसर अस्पताल - 20 बेड
  • राठी अस्पताल , नांगलोई - 20 बेड
  • एनकेएस अस्पताल - 20 बेड
  • ब्रह्म शक्ति अस्पताल - 20 बेड
  • मेडियोर अस्पताल, द्वारका - 20 बेड
  • जीवन अनमोल अस्पताल - 20 बेड
  • दिल्ली हार्ट एंड लीवर इंस्टीट्यूट - 19 बेड
  • माता रूप रानी मग्गू अस्पताल, उत्तम नगर - 18 बेड
  • विम्हन्स - 18 बेड
  • भगत चंद्र अस्पताल - 17 बेड
  • तारक अस्पताल , उत्कतम नगर - 15 बेड
  • नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूड - 15 बेड
  • आईबीएस अस्पताल , लजपत नगर - 15 बेड
  • जीनव माला अस्पताल, रोहतक रोड - 15 बेड
  • महाराजा अग्रसेन अस्पताल, द्वारका - 14 बेड
  • सिग्नसल सोनिया - 14 बेड
  • एमजीएस अस्पताल - 14 बेड
  • सीताराम भारतीया इंस्टीट्यूट - 14 बेड
  • मलिक रेडिक्स अस्पताल - 14 बेड
  • कपिल मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल, नाथुपुरा - 10 बेड
  • गोयल अस्पताल, पश्चिम विहार - 10 बेड
  • सूर्या अस्पताल, कृष्णा नगर - 10 बेड
  • यूनिवर्सल सेंटर ऑफ़ हेल्थ सर्विसेस - 10 बेड
  • जीवन मोतीखेड़ा अस्पताल, नांगलोई - 10 बेड
  • एसएमएस अस्पताल, गगन विहार - 10 बेड
  • बेनसुपस अस्पताल, द्वारका - 10 बेड
  • कॉसमॉस सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, विकास मार्ग - 10 बेड
  • अंसारी अस्पताल, सागरपुर - 10 बेड
  • पुष्पांजली मेडिकल सेंटर, विकास मार्ग - 10 बेड
  • विकास हॉस्पिटल - 10 बेड
  • भाटिया ग्लोबल हॉस्पिटल, पशअचिम विहार - 10 बेड
  • टरन अस्पताल, नज़फगढ़ - 10 बेड
  • सीडी ग्लोबल हॉस्पिटल, नज़फगढ़ - 10 बेड
  • संजीवन अस्पताल - 10 बेड
  • श्री अग्रसेन इंटरनेशनल अस्पताल - 10 बेड
  • खंडेलवाल अस्पताल - 10 बेड
  • भगवान महावीर अस्पताल - 10 बेड
  • एपेक्स सिटी अस्पताल, वेस्ट विनोद नगर - 10 बेड
  • समर अस्पताल, द्वारका - 10 बेड
  • पीजीएच अस्पताल, विकास नगर - 10 बेड
  • पंचशील अस्पताल, यमुना विहार - 10 बेड
  • डॉक्टर चौधरी मोरल अस्पताल, यमुना विहार - 8 बेड
  • आर्डेन्ट गणपति अस्पताल - 8 बेड
  • गांधी नर्सिंग होम, उत्तम नगर - 7 बेड
  • मेडियोर, कुतुब इंस्टीट्यूशनल एरिया - 7 बेड
  • इशान अस्पताल, रोहिणी - 4 बेड
  • आरएलकेसी मेट्रो अस्पताल - 20 बेड
  • सेंट स्टीफ़न्स अस्पताल - 66 बेड
कोरोना वायरस के बारे में जानकारी

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कोरोना की टेस्टिंग के लिए दिल्ली सरकार के 17 टेस्टिंग सेंटर की लिस्ट दी है -

  • एम्स, श्री ओरोबिंदो मार्ग
  • माइक्रोबायोलॉजी विभाग, एम्स, नई दिल्ली
  • लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, कनॉट प्लेस
  • रेस्पीरेटरी वायरस लैब, नेशनल सेंटर फ़ॉर डिज़ीज़ कंट्रोल, सिविल लाइंस
  • बायोटेक्नोलॉजी लैब, नेशनल सेंटर फ़ॉर डिज़ीज़ कंट्रोल, सिविल लाइंस
  • राम मनोहर लोहिया अस्पताल
  • इंस्टीट्यूट ऑफ़ लिवर एंड बाइलीनियरी साइंसेस, वसंत कुंज
  • आर्मी हॉस्पिटल रीसर्च एंड रेफेरल, धौला कुंआ
  • मौलाना आज़ाद मेडिकल कॉलेज, बहादु शाह ज़फ़र मार्ग
  • वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज और सफदरजंग अस्पताल, अंसारी नगर
  • स्टेट डीब ड्रेनिंग एंड डेमॉन्स्ट्रेशन संटर, दिल्ली गेट
  • माइक्रोबायोलॉजी विभाग, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ डीबी एंट रेस्पीरेटरी डिज़ीज़ेस
  • यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ़ मेडिकल साइंसेज
  • आर्मी बेस हॉस्पिटल
  • IGIB, CSIR, नई दिल्ली
  • राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, ताहिरपुर
  • वल्लभभाई पटेल चेस्ट इंस्टीट्यूट (VPCI), दिल्ली

कोरोना की टेस्टिंग के लिए दिल्ली सरकार ने 17 प्राइवेट टेस्टिंग सेंटर की लिस्ट जारी की है -

  • डॉ लाल पैथलैब्स, नेशनल रेफरेन्स लेबोरेटरी, सेक्टर 18 रोहिणी
  • डॉक्टर डांग्स लैब, श्री ओरोबिंदो मार्ग
  • लेबोरेटरी सर्विसेस, इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल, सरिता विहार
  • मैक्स लैब, मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, साकेत
  • सर गंगाराम अस्पताल कलिनीकल लेबोरेटरी सर्विसेस, राजेंद्र नगर
  • ONCQUEST लेबोरेटरीज़, सफदरजंग अस्पताल
  • प्रोग्लनोसिस लैबोरेटरीज़, द्वारका
  • सिटी एक्स रे एंड स्कैन क्लिनिक प्राइवेट लिमिटेड, तिलक नगर
  • लाइफलाइन लैबोरेटरी, ग्रीन पार्क एक्सटेंशन
  • डिपार्टमेंट ऑफ़ लैबोरेटरी सर्विसेस, डॉक्टर बी.एल. कपूर मेमोरियल अस्पताल, पूसा रोड
  • डिपार्टमेंट ऑफ़ लैबोरेटरी सर्विसेस, ऐक्शन केंसर हॉस्पिटल, पश्चिम विहार
  • स्टार इमेजिंग एंड पैथ लैब प्राइवेट लिमिटेड, तिलक नगर
  • जेनेस्ट्रिंग्स डायगोनिस्टिक सेंटर प्राइवेट लिमिटेड, गीतांजली एन्क्लेव
  • स्टर्लिंग एक्यूरिस डायगोनिस्टिक्स, ओखला
  • सीआरएल डायगोनिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड, पश्चिम विहार, रोहतक रोड
  • डिपार्टमेंट ऑफ़ लैब मेडीसिन, मनिपाल हॉस्पिटल, द्वारका
  • डॉक्टर पी भसीन पैथ लैब्स, जीके

सवाल और जवाब

कोरोना वायरस के बारे में सब कुछ

आपके सवाल

  • कोरोना वायरस क्या है? लीड्स के कैटलिन से सबसे ज्यादा पूछे जाने वाले

    कोरोना वायरस एक संक्रामक बीमारी है जिसका पता दिसंबर 2019 में चीन में चला. इसका संक्षिप्त नाम कोविड-19 है

    सैकड़ों तरह के कोरोना वायरस होते हैं. इनमें से ज्यादातर सुअरों, ऊंटों, चमगादड़ों और बिल्लियों समेत अन्य जानवरों में पाए जाते हैं. लेकिन कोविड-19 जैसे कम ही वायरस हैं जो मनुष्यों को प्रभावित करते हैं

    कुछ कोरोना वायरस मामूली से हल्की बीमारियां पैदा करते हैं. इनमें सामान्य जुकाम शामिल है. कोविड-19 उन वायरसों में शामिल है जिनकी वजह से निमोनिया जैसी ज्यादा गंभीर बीमारियां पैदा होती हैं.

    ज्यादातर संक्रमित लोगों में बुखार, हाथों-पैरों में दर्द और कफ़ जैसे हल्के लक्षण दिखाई देते हैं. ये लोग बिना किसी खास इलाज के ठीक हो जाते हैं.

    कोरोना वायरस के अहम लक्षणः ज्यादा तेज बुखार, कफ़, सांस लेने में तकलीफ़

    लेकिन, कुछ उम्रदराज़ लोगों और पहले से ह्दय रोग, डायबिटीज़ या कैंसर जैसी बीमारियों से लड़ रहे लोगों में इससे गंभीर रूप से बीमार होने का ख़तरा रहता है.

  • एक बार आप कोरोना से उबर गए तो क्या आपको फिर से यह नहीं हो सकता? बाइसेस्टर से डेनिस मिशेल सबसे ज्यादा पूछे गए सवाल

    जब लोग एक संक्रमण से उबर जाते हैं तो उनके शरीर में इस बात की समझ पैदा हो जाती है कि अगर उन्हें यह दोबारा हुआ तो इससे कैसे लड़ाई लड़नी है.

    यह इम्युनिटी हमेशा नहीं रहती है या पूरी तरह से प्रभावी नहीं होती है. बाद में इसमें कमी आ सकती है.

    ऐसा माना जा रहा है कि अगर आप एक बार कोरोना वायरस से रिकवर हो चुके हैं तो आपकी इम्युनिटी बढ़ जाएगी. हालांकि, यह नहीं पता कि यह इम्युनिटी कब तक चलेगी.

    यह नया वायरस उन सात कोरोना वायरस में से एक है जो मनुष्यों को संक्रमित करते हैं.
  • कोरोना वायरस का इनक्यूबेशन पीरियड क्या है? जिलियन गिब्स

    वैज्ञानिकों का कहना है कि औसतन पांच दिनों में लक्षण दिखाई देने लगते हैं. लेकिन, कुछ लोगों में इससे पहले भी लक्षण दिख सकते हैं.

    कोविड-19 के कुछ लक्षणों में तेज बुख़ार, कफ़ और सांस लेने में दिक्कत होना शामिल है.

    वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (डब्ल्यूएचओ) का कहना है कि इसका इनक्यूबेशन पीरियड 14 दिन तक का हो सकता है. लेकिन कुछ शोधार्थियों का कहना है कि यह 24 दिन तक जा सकता है.

    इनक्यूबेशन पीरियड को जानना और समझना बेहद जरूरी है. इससे डॉक्टरों और स्वास्थ्य अधिकारियों को वायरस को फैलने से रोकने के लिए कारगर तरीके लाने में मदद मिलती है.

  • क्या कोरोना वायरस फ़्लू से ज्यादा संक्रमणकारी है? सिडनी से मेरी फिट्ज़पैट्रिक

    दोनों वायरस बेहद संक्रामक हैं.

    ऐसा माना जाता है कि कोरोना वायरस से पीड़ित एक शख्स औसतन दो या तीन और लोगों को संक्रमित करता है. जबकि फ़्लू वाला व्यक्ति एक और शख्स को इससे संक्रमित करता है.

    फ़्लू और कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए कुछ आसान कदम उठाए जा सकते हैं.

    • बार-बार अपने हाथ साबुन और पानी से धोएं
    • जब तक आपके हाथ साफ न हों अपने चेहरे को छूने से बचें
    • खांसते और छींकते समय टिश्यू का इस्तेमाल करें और उसे तुरंत सीधे डस्टबिन में डाल दें.
  • आप कितने दिनों से बीमार हैं? मेडस्टोन से नीता

    हर पांच में से चार लोगों में कोविड-19 फ़्लू की तरह की एक मामूली बीमारी होती है.

    इसके लक्षणों में बुख़ार और सूखी खांसी शामिल है. आप कुछ दिनों से बीमार होते हैं, लेकिन लक्षण दिखने के हफ्ते भर में आप ठीक हो सकते हैं.

    अगर वायरस फ़ेफ़ड़ों में ठीक से बैठ गया तो यह सांस लेने में दिक्कत और निमोनिया पैदा कर सकता है. हर सात में से एक शख्स को अस्पताल में इलाज की जरूरत पड़ सकती है.

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मेरी स्वास्थ्य स्थितियां

आपके सवाल

  • अस्थमा वाले मरीजों के लिए कोरोना वायरस कितना ख़तरनाक है? फ़ल्किर्क से लेस्ले-एन

    अस्थमा यूके की सलाह है कि आप अपना रोज़ाना का इनहेलर लेते रहें. इससे कोरोना वायरस समेत किसी भी रेस्पिरेटरी वायरस के चलते होने वाले अस्थमा अटैक से आपको बचने में मदद मिलेगी.

    अगर आपको अपने अस्थमा के बढ़ने का डर है तो अपने साथ रिलीवर इनहेलर रखें. अगर आपका अस्थमा बिगड़ता है तो आपको कोरोना वायरस होने का ख़तरा है.

  • क्या ऐसे विकलांग लोग जिन्हें दूसरी कोई बीमारी नहीं है, उन्हें कोरोना वायरस होने का डर है? स्टॉकपोर्ट से अबीगेल आयरलैंड

    ह्दय और फ़ेफ़ड़ों की बीमारी या डायबिटीज जैसी पहले से मौजूद बीमारियों से जूझ रहे लोग और उम्रदराज़ लोगों में कोरोना वायरस ज्यादा गंभीर हो सकता है.

    ऐसे विकलांग लोग जो कि किसी दूसरी बीमारी से पीड़ित नहीं हैं और जिनको कोई रेस्पिरेटरी दिक्कत नहीं है, उनके कोरोना वायरस से कोई अतिरिक्त ख़तरा हो, इसके कोई प्रमाण नहीं मिले हैं.

  • जिन्हें निमोनिया रह चुका है क्या उनमें कोरोना वायरस के हल्के लक्षण दिखाई देते हैं? कनाडा के मोंट्रियल से मार्जे

    कम संख्या में कोविड-19 निमोनिया बन सकता है. ऐसा उन लोगों के साथ ज्यादा होता है जिन्हें पहले से फ़ेफ़ड़ों की बीमारी हो.

    लेकिन, चूंकि यह एक नया वायरस है, किसी में भी इसकी इम्युनिटी नहीं है. चाहे उन्हें पहले निमोनिया हो या सार्स जैसा दूसरा कोरोना वायरस रह चुका हो.

    कोरोना वायरस की वजह से वायरल निमोनिया हो सकता है जिसके लिए अस्पताल में इलाज की जरूरत पड़ सकती है.
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अपने आप को और दूसरों को बचाना

आपके सवाल

  • कोरोना वायरस से लड़ने के लिए सरकारें इतने कड़े कदम क्यों उठा रही हैं जबकि फ़्लू इससे कहीं ज्यादा घातक जान पड़ता है? हार्लो से लोरैन स्मिथ

    शहरों को क्वारंटीन करना और लोगों को घरों पर ही रहने के लिए बोलना सख्त कदम लग सकते हैं, लेकिन अगर ऐसा नहीं किया जाएगा तो वायरस पूरी रफ्तार से फैल जाएगा.

    क्वारंटीन उपायों को लागू कराते पुलिस अफ़सर

    फ़्लू की तरह इस नए वायरस की कोई वैक्सीन नहीं है. इस वजह से उम्रदराज़ लोगों और पहले से बीमारियों के शिकार लोगों के लिए यह ज्यादा बड़ा ख़तरा हो सकता है.

  • क्या खुद को और दूसरों को वायरस से बचाने के लिए मुझे मास्क पहनना चाहिए? मैनचेस्टर से एन हार्डमैन

    पूरी दुनिया में सरकारें मास्क पहनने की सलाह में लगातार संशोधन कर रही हैं. लेकिन, डब्ल्यूएचओ ऐसे लोगों को मास्क पहनने की सलाह दे रहा है जिन्हें कोरोना वायरस के लक्षण (लगातार तेज तापमान, कफ़ या छींकें आना) दिख रहे हैं या जो कोविड-19 के कनफ़र्म या संदिग्ध लोगों की देखभाल कर रहे हैं.

    मास्क से आप खुद को और दूसरों को संक्रमण से बचाते हैं, लेकिन ऐसा तभी होगा जब इन्हें सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए और इन्हें अपने हाथ बार-बार धोने और घर के बाहर कम से कम निकलने जैसे अन्य उपायों के साथ इस्तेमाल किया जाए.

    फ़ेस मास्क पहनने की सलाह को लेकर अलग-अलग चिंताएं हैं. कुछ देश यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि उनके यहां स्वास्थकर्मियों के लिए इनकी कमी न पड़ जाए, जबकि दूसरे देशों की चिंता यह है कि मास्क पहने से लोगों में अपने सुरक्षित होने की झूठी तसल्ली न पैदा हो जाए. अगर आप मास्क पहन रहे हैं तो आपके अपने चेहरे को छूने के आसार भी बढ़ जाते हैं.

    यह सुनिश्चित कीजिए कि आप अपने इलाके में अनिवार्य नियमों से वाकिफ़ हों. जैसे कि कुछ जगहों पर अगर आप घर से बाहर जाे रहे हैं तो आपको मास्क पहनना जरूरी है. भारत, अर्जेंटीना, चीन, इटली और मोरक्को जैसे देशों के कई हिस्सों में यह अनिवार्य है.

  • अगर मैं ऐसे शख्स के साथ रह रहा हूं जो सेल्फ-आइसोलेशन में है तो मुझे क्या करना चाहिए? लंदन से ग्राहम राइट

    अगर आप किसी ऐसे शख्स के साथ रह रहे हैं जो कि सेल्फ-आइसोलेशन में है तो आपको उससे न्यूनतम संपर्क रखना चाहिए और अगर मुमकिन हो तो एक कमरे में साथ न रहें.

    सेल्फ-आइसोलेशन में रह रहे शख्स को एक हवादार कमरे में रहना चाहिए जिसमें एक खिड़की हो जिसे खोला जा सके. ऐसे शख्स को घर के दूसरे लोगों से दूर रहना चाहिए.

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मैं और मेरा परिवार

आपके सवाल

  • मैं पांच महीने की गर्भवती महिला हूं. अगर मैं संक्रमित हो जाती हूं तो मेरे बच्चे पर इसका क्या असर होगा? बीबीसी वेबसाइट के एक पाठक का सवाल

    गर्भवती महिलाओं पर कोविड-19 के असर को समझने के लिए वैज्ञानिक रिसर्च कर रहे हैं, लेकिन अभी बारे में बेहद सीमित जानकारी मौजूद है.

    यह नहीं पता कि वायरस से संक्रमित कोई गर्भवती महिला प्रेग्नेंसी या डिलीवरी के दौरान इसे अपने भ्रूण या बच्चे को पास कर सकती है. लेकिन अभी तक यह वायरस एमनियोटिक फ्लूइड या ब्रेस्टमिल्क में नहीं पाया गया है.

    गर्भवती महिलाओंं के बारे में अभी ऐसा कोई सुबूत नहीं है कि वे आम लोगों के मुकाबले गंभीर रूप से बीमार होने के ज्यादा जोखिम में हैं. हालांकि, अपने शरीर और इम्यून सिस्टम में बदलाव होने के चलते गर्भवती महिलाएं कुछ रेस्पिरेटरी इंफेक्शंस से बुरी तरह से प्रभावित हो सकती हैं.

  • मैं अपने पांच महीने के बच्चे को ब्रेस्टफीड कराती हूं. अगर मैं कोरोना से संक्रमित हो जाती हूं तो मुझे क्या करना चाहिए? मीव मैकगोल्डरिक

    अपने ब्रेस्ट मिल्क के जरिए माएं अपने बच्चों को संक्रमण से बचाव मुहैया करा सकती हैं.

    अगर आपका शरीर संक्रमण से लड़ने के लिए एंटीबॉडीज़ पैदा कर रहा है तो इन्हें ब्रेस्टफीडिंग के दौरान पास किया जा सकता है.

    ब्रेस्टफीड कराने वाली माओं को भी जोखिम से बचने के लिए दूसरों की तरह से ही सलाह का पालन करना चाहिए. अपने चेहरे को छींकते या खांसते वक्त ढक लें. इस्तेमाल किए गए टिश्यू को फेंक दें और हाथों को बार-बार धोएं. अपनी आंखों, नाक या चेहरे को बिना धोए हाथों से न छुएं.

  • बच्चों के लिए क्या जोखिम है? लंदन से लुइस

    चीन और दूसरे देशों के आंकड़ों के मुताबिक, आमतौर पर बच्चे कोरोना वायरस से अपेक्षाकृत अप्रभावित दिखे हैं.

    ऐसा शायद इस वजह है क्योंकि वे संक्रमण से लड़ने की ताकत रखते हैं या उनमें कोई लक्षण नहीं दिखते हैं या उनमें सर्दी जैसे मामूली लक्षण दिखते हैं.

    हालांकि, पहले से अस्थमा जैसी फ़ेफ़ड़ों की बीमारी से जूझ रहे बच्चों को ज्यादा सतर्क रहना चाहिए.

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