कोरोना वायरस: तीन महीने EMI टालना क्या वाकई फ़ायदेमंद है

कोरोना वायरस

इमेज स्रोत, Raj K Raj/Hindustan Times

    • Author, दिनेश उप्रेती
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता
  • प्रकाशित

कई सरकारी बैंक रिज़र्व बैंक की सलाह के मुताबिक़ अपने ग्राहकों को ईएमआई टालने का विकल्प दे रहे हैं.

- तीन महीने तक नहीं चुकानी होगी EMI

- लोगों को बड़ी राहत, तीन महीने तक EMI से मिली मुक्ति

टेलीविज़न स्क्रीन पर इन बड़ी-बड़ी हेडलाइन पर आपका ध्यान ज़रूर गया होगा.

दावा ये किया गया कि अब आपको तीन महीने तक अपने घर, कार या दूसरे लंबी अवधि के क़र्ज़ की मासिक किस्त यानी ईएमआई नहीं चुकानी होगी.

कोरोना वायरस की महामारी को देखते हुए 1 मार्च, 2020 से लेकर 31 मई, 2020 तक पड़ने वाले टर्म लोन की किस्तें और कैश क्रेडिट फैसिलिटी पर ब्याज की उगाही को टालने का फ़ैसला किया गया है.

कोरोना वायरस

इमेज स्रोत, EPA/JAIPAL SINGH

बैंकिंग सिस्टम के हालात

पिछले हफ्ते भारतीय रिज़र्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने जब ये घोषणा की तो लोग तमाम सवाल करने लगे कि इस घोषणा का मतलब क्या है, ये किसके लिए है और कौन इसके योग्य है.

हालांकि जानकारों का कहना है कि बैंकिंग रेग्युलेटर आरबीआई का बैंकों को ये सुझाव है और ये कोई आदेश नहीं है. यानी बैंकों को विकल्प दिया गया है कि उन्हें ख़ुद तय करना होगा कि वो ग्राहकों को इसका फ़ायदा कैसे देंगे.

बैंकिंग सिस्टम में अभी जो हालात हैं और डूबते कर्जों की न ख़त्म होती कहानी जारी है, उसे देखते हुए कई बैंक (ख़ासकर निजी बैंक) अपनी वित्तीय सेहत का हवाला देते हुए रिज़र्व बैंक की सलाह की अनदेखी भी कर सकते हैं.

रिज़र्व बैंक ने ये भी कहा कि कैसे करना है, ये बैंकों को अपने स्तर पर तय करना है.

अब देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक ने कहा है कि वो रिज़र्व बैंक की घोषणा पर अमल करेगा. एसबीआई के अलावा कई अन्य सरकारी बैंक भी हैं जिन्होंने लोन की किश्त पर मैरिटोरियम की पेशकश की है.

इनमें इंडियन बैंक, यूको बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया, इंडियन ओवरसीज बैंक और आईडीबीआई बैंक शामिल हैं.

कोरोना वायरस
कोरोना वायरस
कोरोना वायरस

इमेज स्रोत, PRAKASH SINGH/AFP via Getty Images

क्या है फ़ायदे का सौदा

पहला तो ये कि क्योंकि कुछ बैंकों ने मार्च महीने की आख़िरी तारीख़ यानी 31 मार्च को इस मसले पर दिशानिर्देश जारी किए हैं, यानी अब अधिकांश ग्राहकों के पास सिर्फ़ दो ही किस्तें (अप्रैल और मई की) की किस्तें टालने का विकल्प होगा.

लेकिन ख़ास बात ये है कि बैंकों की ओर से भले ही आपकी ईएमआई को होल्ड कर दिया जाए, लेकिन ब्याज का मीटर चलता ही रहेगा और बाद में आपसे इसकी भरपाई की जाएगी.

जानकारों का मत है कि अगर आपके पास वाकई पैसों की तंगी है तभी ईएमआई टालने का विकल्प चुनना समझदारी होगा, वर्ना इसका असर आपकी जेब पर ही पड़ेगा.

बैंकिंग एक्सपर्ट बताते हैं कि पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड के मामले में तो इसकी चपत और भारी होगी. दरअसल, होम लोन और ऑटो लोन के मुक़ाबले पर्सनल लोग अधिक महंगे होते हैं, जाहिर है ब्याज के तौर पर आपको अधिक रकम चुकानी होगी.

इससे ग्राहकों को दोहरी चपत लगेगी. एक तो कर्ज की अवधि तीन महीने आगे खिसक जाएगी (बढ़ जाएगी) और दूसरा कर्ज़ की राशि में भी बढ़ोतरी होगी.

मसलन, अगर आपका लोन 1 मार्च 2025 को ख़त्म हो रहा है तो अब ये 1 जून 2025 को ख़त्म होगा. जिन लोगों ने मार्च की किस्त जमा कर दी है उन मामले में ये अवधि दो महीना ही बढ़ेगी. हालाँकि कुछ बैंकों ने इसमें भी ग्राहकों को राहत दी है. बैंक ऑफ़ बड़ौदा का कहना है कि वो मार्च की किस्त ग्राहकों को वापस लौटा देगा.

कोरोना वायरस

इमेज स्रोत, Vishal Bhatnagar/NurPhoto via Getty Images

क्या और कितना नुक़सान

रिज़र्व बैंक की अधिसूचना के मुताबिक़ भारतीय स्टेट बैंक ने स्पष्ट किया है कि इस अवधि का ब्याज ग्राहकों से ही वसूला जाएगा.

अपनी वेबसाइट पर बैंक ने इसे उदाहरण के तौर पर समझाया भी है. अगर किसी ग्राहक का कर्ज अगले 15 साल में पूरा होना है और उसने 30 लाख रुपये का लोन ले रखा है तो इन तीन महीनों की कर्ज राशि 2.35 लाख रुपये यानी तकरीबन आठ ईएमआई के बराबर होगी. (अभी स्टेट बैंक की होमलोन ब्याज दर 7.2 फ़ीसदी है)

क्रेडिट कार्ड के मामले में तो ईएमआई टालना बेहद नुकसान का सौदा है. क्रेडिट कार्ड दूसरे कर्ज़ के मुकाबले बहुत अधिक ब्याज वसूलते हैं और ये दर 36 फ़ीसदी सालाना तक हो सकती है. यानी अगर आपके पास फंड है तो मौरिटोरियम की सुविधा के बावजूद आपको क्रेडिट कार्ड का बिल तय तारीख से पहले चुका देना चाहिए.

क्रेडिट कार्ड आधारित पेमेंट ऐप CRED ने भी अपने सभी यूजर्स को इस बारे में बताया कि अगर वो अपनी किस्त का भुगतान नहीं करते हैं तो इसके क्या नतीजे हो सकते हैं.

संदेश में कहा गया है, "सीआरईडी चाहेगा कि अगर संभव हो तो 36 से 42 फ़ीसदी के चक्रवृद्धि ब्याज से बचने के लिए आपको देय धनराशि चुका देनी चाहिए."

कोरोना वायरस के बारे में जानकारी
लाइन
कोरोना वायरस हेल्पलाइन

इमेज स्रोत, GoI

कोरोना वायरस के बारे में जानकारी

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)