कोरोना: राजस्थान का भीलवाड़ा सेंटर क्यों बन रहा

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    • Author, मोहर सिंह मीणा
    • पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए, राजस्थान से
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राजस्थान में कोरोना वायरस के पॉजिटिव मामले बढ़कर 30 मार्च तक 83 पहुंच गए हैं.

राज्य और ज़िलों की सभी सीमाएं सील हैं और कई इलाक़ों में कर्फ़्यू लगा दिया गया है. देश में लॉकडाउन के दौरान भी मीडिया पर सख़्ती नहीं की गई और कर्फ़्यू पास भी जारी किए हैं.

लेकिन अब भीलवाड़ा राजस्थान का ही नहीं बल्कि देश का एकमात्र ऐसा ज़िला होगा, जहां मीडिया कर्मियों को बैन किया जाएगा, कर्फ़्यू में जारी पास भी रद्द किए जाएंगे. किसी के भी बाहर निकलने पर पूर्णरूप से पाबंदी लागू की जाएगी.

ज़िला कलेक्टर राजेंद्र भट्ट ने बीबीसी को बताया, "तीन से 13 अप्रैल तक पूर्णरूप से सब कुछ बंद रहेगा. अगले 10 दिन भीलवाड़ा के लिए बहुत अहम हैं. मीडियाकर्मी और एनजीओ भी बैन रहेंगे. ज़रूरी सामानों की दुकान और सभी कुछ बंद रहेगा. सबको मना कर दिया गया है. हम बैरिकेडिंग की तैयारी कर रहे हैं. पुलिस व्यवस्था रहेगी, फिर भी ज़रूरत पड़ी तो सेना की टुकड़ी बुला सकते हैं."

राजस्थान के भीलवाड़ा में सर्वाधिक पॉज़िटिव मामले होने के कारण यहां 20 मार्च से ही कर्फ़्यू लगा हुआ है. ज़िले की सीमाएं सील होने के साथ ही धारा 144 लागू है.

लेकिन अब 3 से 13 अप्रैल तक प्रशासन और अधिक सख़्ती करने जा रहा है.

भीलवाड़ा के एक निजी बांगड़ अस्पताल के एक डॉक्टर से फैलना शुरू हुआ कोरोना अब पूरे ज़िले के लिए ख़तरा बन गया है. 2 हज़ार मेडिकल टीमों से ज़िलेभर के लोगों की स्क्रीनिंग कराई गई है.

राजस्थान में 30 मार्च तक कोरोना के 79 मामले सामने आए हैं और अब तक 17 पॉज़िटिव मरीज़ ठीक भी हो चुके हैं.

अकेले भीलवाड़ा से मिले 26 पॉजिटिव मामलों में 11 मरीज़ों के इलाज के बाद कोविड-9 रिपोर्ट निगेटिव आई है. लेकिन प्रशासन को अब भी बड़ी संख्या में पॉजिटिव मामले आने की आशंका सता रही है, जिसके चलते और सख़्ती की जा रही है.

भीलवाड़ा में कोरोना के कारण नारायण सिंह और सुवालाल जाट की मौत भी हो चुकी है. हालांकि डॉक्टर्स ने इनकी मौत का कारण अन्य बीमारियां भी बताया है.

अजमेर रेंज के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस (आईजी) हवा सिंह घुमारिया ने भीलवाड़ा में 3 से 13 अप्रैल तक की सख़्ती के सवाल पर कहा, "कलेक्टर और एसपी को लग रहा है कि हमें कर्फ़्यू और बढ़ाना है तो हम उनके फ़ैसले को सपोर्ट करेंगे."

आईजी घुमारिया का कहना है, "डीम ने कहा है तो हम उसको इंपोज करेंगे. जितना वहां स्ट्रिक्ट किया है उसके परिणाम भी आ रहे हैं, हम कम्युनिटी स्प्रेडिंग को रोके हुए हैं. वर्ना स्थिति और ख़राब हो सकती है."

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गांवों में खाना नहीं मिलने की शिकायत

भीलवाड़ा के ग्रामीण इलाक़ों में लोगों को खाद्य सामग्री नहीं मिलने की शिकायतें भी आ रही हैं. लोगों की शिकायत है कि पिछले 8 दिन में जो बचा था सब ख़त्म हो गया है. अब उनके पास खाने के लिए कुछ नहीं है.

असल में यहां ग्रामीण इलाक़ों में मज़दूर वर्ग के लोग अधिक हैं. लॉकडाउन और धारा 144 लागू होने के कारण इनके पास काम नहीं है और खाने के लिए पैसे भी नहीं बचे हैं. ऐसे में इन मज़दूरों के लिए आने वाले समय में बिना खाद्य सामग्री के यह पाबंदी भारी पड़ सकती है.

बिजौलिया ब्लॉक के सुखपुरा गांव के निवासी महेंद्र का कहना है, "हमारे गांव और आस पास के कई गांव में अधिकतर दिहाड़ी मज़दूर हैं, इनको कई दिन से खाना नहीं मिला है. लोगों के पास काम न होने से अब संकट हो गया है."

बिजौलिया के ब्लॉक विकास अधिकारी महेश चंद मान ने बताया, "हम खाने की व्यवस्था करा रहे हैं. सभी गांवों में एक-एक व्यक्ति नियुक्त किया गया है, जो सूचना देता है कितने लोगों को खाना देना है. हम यहां से खाद्य सामग्री वाले पैकट भी गांवों तक भिजवा रहे हैं."

बीडीओ मान ने कहा कि, कुछ लोगों की इस संबंध में ऑनलाइन शिकायत मिली थी, जिसकी जांच के बाद सुविधा दी गई है. लोगों के लिए खाने की व्यवस्था करने के लिए एक समिति बनाई गई है जिसमें गांव, पंचायत और ब्लॉक स्तर पर लोगों की ड्यूटी लगाई गई है.

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14 हज़ार लोगों को आईडेंटिफा किया गया

राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने बीबीसी को बताया, "हमने भीलवाड़ा में संक्रमण को कंट्रोल किया है. 28 लाख लोगों की स्क्रीनिंग की है, ताकि कम्युनिटी स्प्रेड को रोका जाए. भीलवाड़ा के कुछ कोरोना पॉजिटिव मरीज़ इलाज से ठीक भी हुए हैं."

मंत्री शर्मा का कहना है कि पूरे राज्य में 3 करोड़ 26 लाख लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है और अगले 3 दिन में बाक़ी बचे लोगों की स्क्रीनिंग करने का मैकेनिज्म मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को सजेस्ट किया गया है.

राजस्थान स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव रोहित कुमार सिंह ने बताया, "इस बीमारी का एक ही इलाज है सोशल डिस्टेंसिंग और कंटेनमेंट. हमने 14 हज़ार लोग 'इंफ्लुएंजा लाइक इलनेस' की कैटेगरी में आईडेंटिफाई किया है. अब हमें मालूम है कि कहां फ़ोकस करना है."

क्वारेंटाइन में रखे गए भीलवाड़ा के 6445 लोगों की मोबाइल ऐप से निगरानी भी की जा रही है. लोगों को इस ऐप पर रोज़ाना स्थिति अपडेट करनी होती है. क्वारेंटीन शख्स या घर का कोई और सदस्य बाहर निकलता है तो कंट्रोल रूम को इसकी जानकारी मिल जाती है.

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क्यों ज़रूरी है ज़्यादा सख़्ती

हाल ही में गुजरात से पलायन कर 50 हज़ार से ज्यादा मज़दूर राजस्थान के डूंगरपुर, बांसवाड़ा, भीलवाड़ा समेत अन्य ज़िलों में पहुंचे हैं.

पहले से ही संक्रमित लोगों के संपर्क या बाहर से आए लोगों में किसी के संक्रमित होने पर अन्य लोग संक्रमित न हो जाएं. इसलिए प्रशासन कड़े क़दम उठा रहा है.

एसीएस रोहित सिंह ने बताया, "बाहर से आए लोगों की लिस्ट हमारे पास है, कौन कहां आया है, 90 प्रतिशत लोगों की जानकारी हमारे पास है. हम निगरानी रख रहे हैं."

महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के प्रिंसिपल डॉ अरुण गौड़ का कहना है, "जो भी बांगड़ अस्पताल के कॉन्टैक्ट में रहे हैं, उन मरीज़ों को हम ट्रेस कर सैंपलिंग करा रहे हैं. अब तक 900 लोगों की सैंपलिंग की जा चुकी है. सोशल डिस्टेंसिंग न होने से अगले 14 दिनों में और लोग संक्रमित न हो जाएं इसलिए प्रशासन की ओर से ऐसे क़दम उठाए जा रहे हैं."

कलेक्टर राजेंद्र भट्ट ने कहा, "हमने भीलवाड़ा में 20 मार्च से कर्फ़्यू लगाया है, जिसे 3 अप्रैल को 14 दिन हो रहे हैं. जिनमें लक्षण नहीं थे, उनमें इन 14 दिन के अंदर लक्षण आ गए हैं, जैसे बांगड़ अस्पताल से मिला पॉजिटिव मामला. लेकिन अगर उनसे कोई संक्रमित हुए होंगे तो उनमें अगले 14 दिन में लक्षण आ जाएंगे."

"ऐसे संक्रमित लोगों को आईसोलेट कर चेन ब्रेक करेंगे तो वायरस पर क़ाबू हो सकेगा. हमारा मक़सद चेन ब्रेक करना है."

बांगड़ अस्पताल से मिले कोरोना पॉजिटिव डॉक्टर और स्टाफ के संपर्क में आए क़रीब 5 हज़ार लोगों में से सभी की जांच अब तक नहीं हो पाई है.

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भीलवाड़ा में से बिगड़े हालात

कोरोना का संक्रमण सबसे पहले बांगड़ अस्पताल के एक डॉक्टर को हुआ जो सऊदी अरब से आए अपने मित्र से मिले थे. संक्रमित डॉक्टर ने अस्पताल में लगातार कई दिनों तक मरीज़ों का इलाज किया.

कोरोना की जांच के दौरान इसी अस्पताल से जुड़े 24 पॉजिटिव मामले सामने आए. इसमें डॉक्टर, स्टाफ़ और यहां इलाज करा रहे मरीज़ शामिल हैं.

राज्य में 30 मार्च तक पॉजिटिव लोगों का आंकड़ा 79 पहुंच गया है. पिछले 24 घंटे में यहां 20 पॉजिटिव मामले मिले, इनमें ईरान से लाए गए लोगों में से 7 पॉजिटिव मामले भी शामिल हैं.

जयपुर में पिछले दिनों पॉजिटिव मिले 35 वर्षीय युवक के परिवार के 8 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. इसके साथ ही अजमेर में भी एक ही परिवार के 4 लोग पॉजिटिव मिले हैं. हालांकि लगातार पॉजिटिव मिल रहे भीलवाड़ा से 1 ही मामला मिला है और यहां अब तक 11 की रिपोर्ट नेगेटिव आई है.

राजस्थान में इलाज के बाद 4 लोगों को डिस्चार्ज भी कर दिया गया है. जबकि अभी राज्य में 444 सैंपल जांच की रिपोर्ट आना बाक़ी है.

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