कोरोना वायरस: भारत में इलाज के बाद 10 इतालवी हुए ठीक- प्रेस रिव्यू

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कोरोना वायरस से संक्रमित होने वाले ठीक भी हो रहे हैं. सोमवार को गुड़गाँव के मेदांता हॉस्पिटल के आइसोलेशन वॉर्ड से इटली के 10 नागरिकों को रिकवरी के बाद छुट्टी दे दी गई.
इन्हें दिल्ली के आईटीबीपी कैंप से यहां लाया गया था. ये तीन हफ़्तों तक मेदांता के आइसोलेशन वॉर्ड में रहे. हिन्दुस्तान टाइम्स ने इस ख़बर को पहले पन्ने पर छापा है.
इटली से आए इस समूह में कुल 14 लोग थे और सभी कोरोना वायरस से संक्रमित थे. एक व्यक्ति को पहले ही अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी. बाकी तीन अभी मेदांता में ही हैं. इनमें से एक वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं.
70 साल की एमिलिया ग्युसेपिना एंतोइनेते के पति जांच में निगेटिव पाए जाने के बाद इटली चले गए थे. एमिलिया ने हिन्दुस्तान टाइम्स से कहा, ''हममें कोरोना के कोई लक्षण नहीं थे. न बुख़ार था और न ही कफ़. ब्लड प्रेशर की भी कोई समस्या नहीं थी. केवल तीन ऐसे लोग थे जो अच्छा महसूस नहीं कर रहे थे. इसके बाद हम सभी कोरोना से संक्रमित पाए गए थे.''
अख़बार ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि इस ग्रुप में एमिलिया एकमात्र हैं जो अंग्रेज़ी बोलती हैं. एमिलिया ने कहा,"हम लोग के लिए यह अच्छा हुआ कि हम यहां थे. जब हम लोग इटली से चले थे तो वायरस के बारे में कुछ पता नहीं था. एक दोस्त को फ्लू था लेकिन उसने इटली में डॉक्टर के पास जाने से मना कर दिया था. हालांकि तब हमें कोरोना वायरस के बारे में पता भी नहीं था."
इस ग्रुप के सभी लोग 60 से 80 साल के बीच के हैं. ये लोग 20 फ़रवरी को भारत आए थे. एमिलिया ने कहा, "मेरे पति दुखी थे. हालांकि जब मैंने उन्हें बताया कि हमलोग का इलाज बहुत बढ़िया से हो रहा है और डॉक्टर भी क़ाबिल हैं तब जाकर वो आश्वस्त हुए."

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आयुष्मान भारत पर केजरीवाल का यू-टर्न
दैनिक जागरण की एक रिपोर्ट के अनुसार 'आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना' को लागू करने से इनकार कर चुकी दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने आगामी वित्त वर्ष में इसे लागू करने का फ़ैसला किया है. इसके तहत ग़रीबों को निजी और सरकारी अस्पतालों में पाँच लाख रुपए तक का मुफ़्त इलाज हो सकेगा.
दिल्ली सरकार इसके अलावा मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना और दिल्ली स्वास्थ्य विधेयक भी लेकर आएगी ताकि स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर की जा सकें. अरविंद केजरीवाल सरकार ने सोमवार को पेश किए बजट में स्वास्थ्य के लिए 7704 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जो पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 219 करोड़ ज़्यादा है.
मौजूदा समय में 451 मोहल्ला क्लीनिक, 45 पॉली क्लीनिक हैं. मोहल्ला क्लीनिकों की संख्या बढ़ाकर एक हजार की जाएगी. इसी तरह 94 डिस्पेंसरियों को पॉली क्लीनिक में विकसित किया जाएगा.
इस योजना पर 365 करोड़ खर्च किए जाएंगे. सरकारी अस्पतालों में बेड 10 हज़ार से बढ़ाकर 26 हजार किए जाएंगे. नए अस्पतालों के निर्माण और 16 मौजूदा अस्पतालों के विस्तार के लिए 2576 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई है. परियोजना पूरी होने पर 16 हज़ार नए बेड अस्पतालों में जुड़ जाएंगे. इसके लिए 724 करोड़ का प्रावधान किया गया है.

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25 मार्च से देश में हवाई यात्रा पर रोक
ट्रेन और मेट्रो के बाद अब घरेलू उड़ानों पर पाबंदी लग गई है. आज मंगलवार आधी रात 12 बजे के बाद कोई घरेलू फ्लाइट नहीं उड़ेगी. नवभारत टाइम्स ने इस ख़बर को पहले पन्ने पर छापा है. केंद्र सरकार ने सोमवार को आदेश जारी किया कि मंगलवार रात 11:59 बजे के बाद कोई विमान उड़ान नहीं भरेगा. पाबंदी 31 मार्च तक रहेगी. हालांकि कार्गो विमान उड़ते रहेंगे.
दिल्ली सरकार ने रविवार को ही इस रोक का ऐलान किया था. लेकिन थोड़ी देर बाद केंद्र ने IGI एयरपोर्ट से घरेलू उड़ानों को जारी रहने का सर्कुलर जारी किया था. कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार को सभी घरेलू उड़ानों पर पाबंदी का फैसला लेना पड़ा. विदेश से आने वाले विमानों पर रविवार से ही पाबंदी है.
संसद के दोनों सदन सोमवार को अनिश्चितकाल के लिए टल गए. हाई कोर्ट समेत दिल्ली की सभी अदालतें चार अप्रैल तक बंद हैं. सुप्रीम कोर्ट में दो बेंच वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई करेंगी. सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों से उन कैदियों को 4 से 6 हफ्तों के परोल पर छोड़ने पर विचार करने को कहा है, जो 7 साल या इससे कम की सजा भुगत रहे हैं या फिर इतनी सजा के मामलों में विचाराधीन है.

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लॉकडाउन का पालन करें, वरना सख्ती: केजरीवाल
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए सहयोग देने की अपील करते हुए कहा है कि लोग मंगलवार से लॉकडाउन का पालन करें. अगर इसका कड़ाई से पालन नहीं किया तो सरकार को सख्ती करनी पड़ेगी. आवश्यक सेवाओं के लिए कार्यरत कर्मचारियों को हुई दिक़्क़त को देखते हुए यह भी घोषणा की कि अब मंगलवार को 25 की बजाय 50 फ़ीसदी बसें चलाई जाएंगी. टाइम्स ऑफ इंडिया ने इस ख़बर को प्रमुखता से छापा है.
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह वायरस बहुत तेज़ी से फैलता है. दिल्ली का ज़िक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में अभी इस वायरस के 30 केस हैं. इनमें से 23 विदेश से आए हैं यानी दिल्ली के सिर्फ़ सात लोगों में ही इन 23 से वायरस गया है. इस लिहाज़ से दिल्ली की स्थिति कंट्रोल में है, लेकिन आगे अभी बड़ी चुनौती है. उन्होंने कहा कि वायरस से बचने का कारगर तरीक़ा यही है कि कुछ दिन अपने घर में ही बैठा जाए. इसी वजह से लॉकडाउन करना पड़ा है.
मुख्यमंत्री ने कहा, ''इस लॉकडाउन का कई लोग पालन कर रहे हैं लेकिन कुछ लोग ऐसा नहीं कर रहे. ऐसे लोगों को समझना चाहिए कि यह आपकी, आपके परिवार और बच्चों की सेहत के लिए किया जा रहा है. यह वायरस पूरी दुनिया में फैल गया है. मुख्यमंत्री ने लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सरकार ने पूरी ताक़त लगा दी है, आप भी मदद करें. अगर मंगलवार से लॉकडाउन का पालन नहीं किया तो फिर सख्ती करनी पड़ेगी.''
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिर्फ़ लोगों को कोरोना वायरस से बचाने का मतलब यह नहीं कि लोग भूख से मर जाएं. इसलिए सरकार 72 लाख लोगों को राशन देने जा रही है. 30 मार्च तक उनका राशन दुकानों तक पहुंच जाएगा. इसके अलावा बुजुर्गों और विधवाओं को भी पेंशन दी जाएगी. आंगनबाड़ी बंद हो गए लेकिन मिड डे मील के लिए बच्चों का खाना घर भेजा जाएगा. इसी तरह से रैन बसेरों में रहने वालों को दो वक्त का भोजन मुहैया कराया जाएगा.

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