कोरोना वायरस टेस्ट के लिए बनेंगे और 49 सेंटर- ICMR: आज की पांच बड़ी ख़बरें

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इंडियन काउंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के निदेशक बलराम भार्गव ने कहा है कि भारत कोरोना वायरस संक्रमण के दूसरे दौर में है और उम्मीद है कि भारत तीसरे स्तर तक नहीं पहुंचा है.
उन्होंने समझाया, किसी भी महामारी के फैलने के कुल चार स्तर होते हैं, तीसरे स्तर पर समुदाय में इसका व्यापक संक्रमण होता है लेकिन अभी भारत उस स्थिति तक नहीं पहुंचा है.
उन्होंने बताया कि फिलहाल विदेश से आने वाले हर व्यक्ति को उनके घर पर या किसी ख़ास आइसोलेशन सेंटर पर 14 दिनों के लिए क्वारंटीन किया जा रहा है और केवल लक्षण दिखने पर ही उनकी परीक्षा की जा रही है.
उन्होंने बताया कि फिलहाल आईसीएमआर के 72 परीक्षण केंद्रों में इस बीमारी के वायरस के परीक्षण की सुविधा है, लेकिन इस बारे में ग़ैर-आीसीएमआर सरकारी लैबोरेटरी से भी बात की जा रही है, जिसके बाद इस सप्ताह के अंत तक और 49 केंद्र ये परीक्षा करने लगेंगे. साथ ही निजी क्षेत्र में काम कर रही लैबोरेटरी को भी वायरस परीक्षण की इजाज़त दी जाएगी.
उन्होंने सभी निजी लैबोरेटरी से ये परीक्षण मुफ़्त में करने की भी अपील की है.
कोरोना वायरस से भारत में तीसरी मौत
कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से भारत में एक और मरीज़ ने दम तोड़ दिया है. इसके साथ ही अब तक कुल तीन लोगों की मौत हो चुकी है.
महाराष्ट्र के चिंचपोकली में 63 साल के व्यक्ति की मौत हुई है जिनका कुछ दिनों से इलाज चल रहा था.
अधिकारियों का कहना है कि जिस व्यक्ति की मौत हुई, उन्हें संक्रमण के साथ ही हाई ब्लड प्रेशर की भी दिक्कत थी, जिसकी वजह से उनकी धड़कन बहुत अधिक बढ़ गई थी. मृतक की पत्नी और बेटे को भी कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया है. अस्पताल में उनका भी इलाज चल रहा है. इस वजह से वो अंतिम संस्कार में भी नहीं जा सके.
महाराष्ट्र में मंगलवार को कोरोना संक्रमण के दो नए मामलों का पता चला. राज्य में कोरोना संक्रमण के पुष्ट मामलों की संख्या बढ़कर 41 हो गई है. भारत में कोरोना वायरस की वजह से पहली मौत कर्नाटक और दूसरी दिल्ली में हुई थी.

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भारतीयों को लाने ईरान-इटली जाएंगे और विमान
कोरोना वायरस के संक्रमण से बुरी तरह प्रभावित दो देशों इटली और ईरान में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए जल्द ही विमान भेजे जाएंगे.
ईरान में फंसे भारतीय छात्रों और तीर्थ यात्रियों में जो कोरोना वायरस से संक्रमित नहीं पाया जाएगा, उन्हें पहले वापस लाया जाएगा.
कोरोना वायरस के टेस्ट में जिन्हें संक्रमित पाया गया है, उनका ईरान के क़ोम या तेहरान के अस्पतालों में इलाज कराया जाएगा.
ईरान में 250 से अधिक भारतीयों में कोरोना वायरस के कथित संक्रमण की ख़बरों पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वो इसकी पुष्टि नहीं कर सकते हैं.
भारतीय विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव डी रवि ने इस बारे में कहा, "पुष्टि नहीं कर सकते कि ईरान में 250 भारतीयों में से किसी को कोरोना वायरस का संक्रमण हुआ है या नहीं."
भारतीय विदेश मंत्रालय के इस बयान से पहले ईरान की सरकार ने गंभीर चेतावनी जारी करते हुए कहा था कि यदि अनदेखी की गई तो कोरोना वायरस की वजह से ईरान में 'लाखों' लोग मर सकते हैं. वहीं भारतीय विदेश मंत्रालय का दावा है कि ईरान में जो भारतीय मौजूद हैं, भारतीय मिशन उनकी अच्छी तरह से देखभाल कर रहा है.



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'स्वतंत्र न्यायपालिका के प्रति आम लोगों का भरोसा डगमगाया'
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज, जस्टिस कुरियन जोसेफ़ का मानना है कि पूर्व चीफ़ जस्टिस रंजन गोगोई ने राज्यसभा के लिए नामांकन मंज़ूर करके ठीक नहीं किया और उनकी वजह से स्वतंत्र न्यायपालिका के प्रति आम लोगों का भरोसा ज़रूर डगमगाया है.
जस्टिस कुरियन जोसेफ़ का कहना है कि "उन्हें ये देखकर हैरानी हुई है कि पूर्व चीफ़ जस्टिस ने न्यायपालिका के सबसे बड़े सिद्धांतों स्वतंत्रता और निष्पक्षता से किस तरह समझौता कर लिया है."
जनवरी 2018 में जस्टिस जोसेफ़, जस्टिस गोगोई, जस्टिस चेलमेश्वरम और जस्टिस मदन बी लोकुर ने एक अप्रत्याशित कदम उठाते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस करके उस समय सुप्रीम कोर्ट के चीफ़ जस्टिस दीपक मिश्रा पर गंभीर सवाल खड़े किए थे.
जस्टिस जोसेफ़ ने उस समय जस्टिस गोगोई के साहस और अब राज्यसभा जाने के उनके फ़ैसले पर हैरानी जताई है.

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नौसेना में महिला अधिकारियों के लिए स्थायी कमीशन को मंजूरी
भारतीय नौसेना में पुरुष और महिला अधिकारियों के साथ समान व्यवहार किए जाने पर ज़ोर देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने महिला अधिकारियों के लिए स्थायी कमीशन को मंजूरी दे दी है.
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को तीन महीने का समय दिया है ताकि वो इसके लिए तौर-तरीके तय कर सके.
जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा है कि सैन्य बलों में महिलाओं को लैंगिक समानता नहीं देने के 101 बहाने नहीं हो सकते और उनके लिए समान अवसर की जरूरत है.
बेंच ने ये भी कहा कि महिलाओं की भर्ती की अनुमति देने के बाद नौसेना में उन्हें स्थायी कमीशन देने में लैंगिक भेदभाव नहीं किया जा सकता.

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