कोरोना ने अब तक भारत को पंहुचाया कितने का नुक़सान

ताजमहल पर कोरोना का असर
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13 मार्च रात बारह बजे से केंद्र सरकार का नया फ़रमान लागू होगा. 15 अप्रैल तक राजनयिक, आधिकारिक, अंतरराष्ट्रीय संगठनों, रोज़गार और प्रोजेक्ट वीज़ा को छोड़ कर दूसरे सभी वीज़ा पर रोक है. सरकार के इस फैसले के बाद से चर्चा इस बात की हो रही है कि इससे देश के ट्रैवल और टूरिज्म पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा.

पर्यटन व्यापार से जुड़े लोगों का मानना है कि एक विदेशी नागरिक जब भारत घूमने आता है तो सात लोगों को उससे रोज़गार मिलता है, जिसमें होटल से लेकर गाइड और खाना खिलाने वाले, सामान उठाने वाला और सैर कराने वाला सब शामिल है.

ताजमहल पर कोरोना का असर

इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूअर ऑपरेटर्स की मांग

इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूअर ऑपरेटर्स के मुताबिक 13 मार्च रात 12 बजे से जब सरकार का नया फ़रमान लागू होगा, तब इन रोज़गारों का क्या होगा?

बीबीसी से बातचीत में इंडियन एसोसेशन ऑफ टूअर ऑपरेटर्स के सचिव राजेश मुदगिल ने कहा, "सरकार से हमने कल पत्र लिख कर गुजारिश की है कि 10 दिन के बाद केंद्र अपने फैसले पर दोबारा विचार करे."

इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूअर ऑपरेटर्स (आईएटीओ), राष्ट्रीय स्तर की बॉडी है जिसमें देश भर के 1600 ऑपरेटर्स सदस्य है.

कोरोना

आईएटीओ के मुताबिक अगर सरकार ने फरमान पर 10 दिन में दोबारा विचार नहीं किया तो कम से कम 8500 करोड़ रुपए का नुक़सान होगा.

टूरिज्म एक ऐसी इंडस्ट्री है जिससे केवल होटल, गाड़ी और टूरिस्ट गाइड ही रोजगार के लिए नहीं जुड़े होते बल्कि कई ऐसे लोग रोज़ी रोटी के लिए जुड़े होते हैं जो बस एक सीज़न के लिए काम करते हैं. इसमें केरल के बोट वाले, कश्मीर के शिकारे वाले से लेकर डांस पार्टी में हिस्सा लेने वाले डांसर भी शामिल होते हैं.

ताजमहल पर कोरोना का असर

पर्यटक स्थलों पर असर

5 मार्च को ताजमहल देखने आए 5 लोगों में कोरोना वायरस पॉज़िटिव पाए जाने के बाद ताजमहल परिसर में भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है.

ताजमहल सुरक्षा के सीओ मोहसिन खान के मुताबिक होटलों और अन्य जगहों पर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, बाहर से आने वालों पर नज़र भी रखी जा रही है.

उन्होंने कहा,"ताज देखने के लिए आने वाले पर्यटकों की संख्या पर काफ़ी असर पड़ा है. ख़ासकर विदेशी पर्यटकों की संख्या पर. क़रीब एक चौथाई पर्यटक रह गए हैं अन्य दिनों की तुलना में. हम लोग पर्यटकों की संख्या में कमी का तुलनात्मक आँकड़ा तैयार कर रहे हैं लेकिन कमी काफ़ी आई है."

एक ग़ैर सरकारी आकलन के मुताबिक़ आगरा के पर्यटन उद्योग को पिछले दस दिनों में 25 करोड़ रुपये का नुक़सान हुआ है. आगरा के मेयर नवीन चंद्र जैन ने ताजमहल को फ़िलहाल बंद कर देने की माँग की है.

यही हाल तिरुपति बालाजी का भी है. आंकड़ों के मुताबिक फरवरी मार्च के महीने में अमूमन 60 हजार से 70 हजार लोग दर्शन के लिए आते हैं. पिछले तीन दिनों में ये संख्या घट कर 50 हजार के आस पास हो गई है.

केन्द्र सरकार के आंकड़ों के मुताबिक भारत में कोरोना के 73 मामले सामने आए है. देश में कोरोना की वजह से एक की मौत की खबर की पुष्टि के बाद अब लोगों में डर ज्यादा हो गया है.

गुरुद्वारा बंगला साहब

CII की रिपोर्ट

कोरोना वायरस के असर पर कंफेडरेशन ऑफ इंडस्ट्री (सीआईआई) ने भी एक स्टडी की है. उस स्टडी के मुताबिक भारत के टूरिज्म इंडस्ट्री पर आने वाले कई महीने भारी पड़ने वाले हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक टूरिज्म इंडस्ट्री में अक्टूबर 2019 से मार्च 2020 तक 28 अरब डॉलर के रेवेन्यू जेनरेट करने का अनुमान था, जिसपर कोरोना की वजह से 60 से 65 फीसदी असर पड़ने की उम्मीद है.

इतना ही नहीं, सीआईआई का अनुमान है कि इस साल मार्च तक 80 फीसदी होटल की बुकिंग कैंसिल की जा चुकी है.

आने वाले टूरिस्ट सीजन, अक्टूबर 2020 से मार्च 2021 के लिए होटल की बुकिंग आम तौर पर मार्च से शुरू हो जाती है. कोरोना वायरस के डर से अब तक वो बुकिंग भी लोगों ने शुरू नहीं की है.

सीआईआई का दावा है कि हर साल अप्रैल से सितंबर के महीने में विदेशों में बसे भारतीय भी अपने परिवार से मिलने भारत आते हैं, इस बार कोरोना की वजह से वो भी डरे सहमे है. कई भारतीय अपने टूर कैंसल करा रहे हैं.

कोरोना के बीच देश में पर्यटक

6 मार्च को सीआईआई ने अपना ये आकलन जारी किया है. सीआईआई के टूरिज्म कमेटी के चेयरमैन दीपक हक़सर के मुताबिक सरकार ने जो कदम उठाया है वो बिलकुल सही है.

बीबीसी से बातचीत में उन्होंने कहा कि भारत में कोरोना के जितने मामले सामने आए हैं उन सबकी विदेश से जुड़ी एक ट्रैवेल हिस्ट्री रही है. इसलिए सरकार के कदम का हम पूरी तरह स्वागत करते हैं.

पर्यटन पर कोरोना वायरस के असर का जिक्र करते हुए दीपक ने कहा, "सरकार ने तो वीज़ा बैन की बात कही है लेकिन हम देख रहे हैं कि देश के अंदर भी लोग एक जगह से दूसरे जगह जाने से हिचक कर रहे हैं. शादियां कैंसल हो रही है, सेमिनार की बुकिंग कैंसल हो रही है, कई लोग डेट आगे बढ़ाने के लिए आवेदन भेज रहे हैं.

आखिर कितने दिनों बाद पर्यटन का कारोबार पटरी पर लौटेगा, इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अभी इसका आंकलन मुश्किल है. लेकिन भारत में सब कुछ पटरी पर आना इस बात पर भी निर्भर करेगा कि विदेश में स्थिति कब ठीक होती है.

दिल्ली में मास्क पहन कर घूमते लोग

टूरिज्म और हॉस्पिटेलिटी - दोनों सेक्टर क्या कह रहे हैं

फेडरेशन ऑफ एसोसिएशन ऑफ इंडियन टूरिज्म एंड होस्पिटेलिटी (FAITH) के जनरल सेक्रेटरी सुभाष गोयल ने आज पर्यटन मंत्री से इस बारे में मुलाकात की. मंत्री से मिलकर उन्होंने कोरोना वायरस से जुड़े सरकारी आदेश को एक हफ्ते बाद दोबारा रिव्यू करने की बात की.

ये एसोसिएशन होटल, ट्रेवल और टूअर ओपरेटर सभी के साथ मिल कर काम करता है. उनका कहना है कि पर्यटन मंत्री से मिल कर उन्होंने साल भर के लिए टूरिज्म सेक्टर को टेक्स फ्री करने की मांग की है. साथ ही उन्होंने आने वाले दिनों में चार अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर विदेशी मेहमानों के आने की प्रक्रिया दोबारा शुरु करने की सरकार के गुजारिश की है.

हालांकि उनका मानना है कि कोरोना से निपटने के लिए सरकार ने जो सावधानी से कदम उठाए हैं, उनका ये फेडरेशन स्वागत करता हैं लेकिन सरकार को अपने नुकसान के बारे में भी अवगत कराना भी उनका कर्तव्य है.

कोरोना का कहर

होटल पर असर

राजेन्द्र कुमार, पूर्व निदेशक, फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्तरां इंडस्ट्री के मुताबिक होटल वालों पर कोरोना का सबसे ज्यादा असर है. होटल और रेस्तरां में अब लंच और डिनर के लिए लोग नहीं आ रहे. ऐसी हालात में उन्होंने कर्मचारियों की एक शिफ्ट लगा दी है.

राजेन्द्र कुमार इसे फ़ीयर साइकोसिस इंपेक्ट कहते हैं. उनके मुताबिक सरकार ने स्कूल, कॉलेज, सिनेमाघर, विदेश यात्रा जो सब बैन किया है उससे लोग पैनिक में आ गए हैं. उनके मुताबिक, "भले ही ये पीक टूरिस्ट सीजन नहीं हैं लेकिन मार्च और अप्रैल की 80 फीसदी बुकिंग कैंसल हो चुकी है. अब हम सबको इंतज़ार है गर्मी के मौसम का, शायद तब स्थिति थोड़ी बेहतर हो."

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कोरोना वायरस

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