ट्रंप की ईरान के सर्वोच्च नेता को चेतावनी- 'शब्द बड़े ध्यान से चुनें' : पाँच बड़ी ख़बरें

डोनल्ड ट्रंप

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अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्लाह अली ख़मेनेई को अपने शब्दों को लेकर 'बहुत सतर्क' रहने की चेतावनी दी है.

ट्रंप ने शुक्रवार को ट्वीट किया, "ईरान के तथाकथित 'सर्वोच्च नेता' जो हाल के दिनों में सर्वोच्च नहीं रहे, उन्होंने अमरीका और यूरोप के बारे में कुछ घटिया बातें कहीं हैं. उनकी अर्थव्यवस्था बिखर रही है, उनके अपने लोग तकलीफ़ में हैं. उन्हें अपने शब्दों को लेकर बहुत सर्तक रहना चाहिए."

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ट्रंप का ये ट्वीट ख़मेनेई के शुक्रवार के भाषण के बाद आया है. अपने भाषण में ख़मेनेई ने यूक्रेन का यात्री विमान 'ग़लती से' मार गिराने के लिए अपनी सेना का बचाव किया था.

उन्होंने कहा था, ''हमारे दुश्मन इस दुर्घटना से उतने ही ख़ुश थे जितने हम दुखी थे. वे ख़ुश थे कि उन्हें रेवॉल्यूशनरी गार्ड और हमारी सेनाओं पर सवाल उठाने के लिए कोई मुद्दा मिल गया.''

दुश्मन से उनका इशारा अमरीका और उनके सहयोगी देशों की ओर था जिनके साथ ईरान की तनातनी जनरल क़ासिम सुलेमानी की मौत के बाद शुरू हुई थी.

अमरीका ने ईरान की कुद्स फ़ोर्स के प्रमुख जनरल क़ासिम सुलेमानी को इराक़ में बग़दाद हवाई अड्डे के बाहर एक ड्रोन हमले में मार डाला था. इसके बाद से दोनों देशों में तनाव बढ़ गया है.

दिल्ली पुलिस

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दिल्ली में राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून लागू

दिल्ली के उप-राज्यपाल अनिल बैजल ने एक अधिसूचना जारी कर दिल्ली पुलिस आयुक्त को 19 जनवरी से 18 अप्रैल 2020 के बीच आपातकालीन स्थिति में किसी भी व्यक्ति को हिरासत में लेने का अधिकार दे दिया है.

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दिल्ली के पुलिस आयुक्त को यह अधिकार राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून (एनएसए), 1980 की धारा तीन (3) के तहत दिया गया है. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार यह अधिसूचना 10 जनवरी को जारी की गई थी.

यह फ़ैसला ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में नागरिकता संशोधन क़ानून (सीएए) और नेशनल रजिस्टर ऑफ़ सिटिजन्स (एनआरसी) के ख़िलाफ़ लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं.

हालांकि, दिल्ली पुलिस का कहना है कि 'ये नियमित आदेश है और मौजूदा हालात से इसका कोई लेना-देना नहीं है.' एनएसए क़ानून के तहत किसी व्यक्ति को बिना वजह बताए हिरासत में लिया जा सकता है और अधिकतम 12 महीने तक हिरासत में रखा जा सकता है.

इस क़ानून के तहत प्रशासन और अधिकारियों को ऐसे किसी भी शख़्स को हिरासत में लेने का अधिकार है जिसे वो क़ानून-व्यवस्था और देश की सुरक्षा के लिए ख़तरा समझते हों.

असम

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असम: शांति की ओर लौटा विद्रोही संगठन

असम में प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन एनडीएफ़बी के नेता बी. सौरीगरवा के नेतृत्व वाला 'खेमा' पड़ोसी देशों के शिविरों से वापस असम लौट आया है.

बातचीत के विरोधी रहे इस धड़े ने हिंसा छोड़ने और सरकार के साथ शांति वार्ता में शामिल होने के समझौते पर दस्तख़त किये हैं.

असम के पुलिस महानिदेशक भास्कर ज्योति मरहंता ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. महंता ने बताया कि सरकार ने इस संगठन के ख़िलाफ़ जारी अभियानों को फ़िलहाल रोक दिया है.

पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, "एनएडीएफ़बी का जो खेमा वापस लौटा है उसमें 27 अन्य कैडर भी हैं जिन्हें गुप्त जगहों पर रखा गया है. एनएडीएफ़बी के जो लोग असम लौटे हैं उनमें सौरीगरवा के अलावा संगठन के महासचिव बीआर फेरंगा और वित्त सचिव बी. दवमविलु भी शामिल हैं."

उन्होंने ये भी बताया कि संगठन के दो प्रमुख सदस्य वापस नहीं आए हैं.

वापस ना आने वालों में संगठन के मुख्य कमांडर बी. बिदाई और बी. बाठा शामिल हैं. महंता ने कहा, "हम उनसे मुख्यधारा में लौटने और शांति प्रक्रिया में हिस्सा लेने की अपील करते हैं.''

महंता ने ये नहीं बताया कि इस प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन के शिविर किस पड़ोसी देश में हैं.

जेपी नड्डा

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'CAA पर 10 वाक्य बोलकर दिखाएं राहुल गांधी'

बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया है कि 'वे नागरिकता संशोधन क़ानून (सीएए) के बारे में देश को ग़ुमराह कर रहे हैं'.

उन्होंने राहुल गांधी को सीएए के बारे में 10 वाक्य बोलने की चुनौती भी दी है.

शुक्रवार को सीएए के समर्थन में आयोजित एक कार्यक्रम में नड्डा ने कहा, "उस राहुल गांधी के बारे में क्या कहें जो सीएए पर 10 वाक्य तक नहीं बोल सकते. मैं उन्होंने सीएए के बारे में 10 वाक्य और इसके विरोध में दो वाक्य बोलने की चुनौती देता हूँ."

नड्डा ने कहा कि 'यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोग बिना पूरे मसले को समझे लोगों को ग़ुमराह करने के लिए 'ज्ञान देने' लगते हैं.'

वायरस संक्रमण

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चीन में वायरस संक्रमण, भारत की एडवाइज़री

भारत ने चीन की यात्रा पर जाने और चीन से वापस आने वाले लोगों के लिए एक ट्रेवल एडवाइज़री जारी की है.

सरकार ने ये एडवाइज़री चीन में फैले कोरोना वायरस संक्रमण की ख़बरें आने के बाद जारी की है. इसके मद्देनज़र हवाई अड्डों पर भी निगरानी रखी जा रही है और यात्रियों की स्वास्थ्य जाँच की जा रही है.

चीन के वुहान शहर में इस वायरस की चपेट में आकर दो लोगों की मौत हो चुकी है और लगभग 1700 लोग इसके शिकार हो चुके हैं.

चीन और विश्व स्वास्थ्य संगठन के अधिकारियों का कहना है कि 'ये कोरोना वायरस का संक्रमण है. इस संक्रमण के शिकार के लोगों में आम तौर पर सर्दी-ज़ुकाम की समस्या होती है जो कई बार साँस की गंभीर समस्या में बदल जाती है.'

अभी इस वायरस और इससे होने वाली बीमारियों के बारे में बहुत ज़्यादा जानकारी नहीं है. विशेषज्ञों का कहना है कि इस सम्बन्ध में और शोध किए जाने की ज़रूरत है.

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