बुरहान की बरसी पर जम्मू-कश्मीर में हाई अलर्ट- पांच बड़ी ख़बरें

बुरहान
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आज हिजबुल मुजाहिदीन के स्थानीय कमांडर बुरहान वानी की तीसरी बरसी है. किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए घाटी में हाईअलर्ट जारी किया गया है.

अलगाववादियों ने घाटी में बंद का ऐलान किया है. जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षाबल अलर्ट पर हैं और दक्षिण कश्मीर के चार ज़िलों में मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है.

अलगाववादियों ने कश्मीरी लोगों से बुरहान वानी के पक्ष में विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है. जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाइवे पर भारी संख्या में सुरक्षा बल के जवानों की तैनाती की गई है. प्रशासन इसलिए भी मुस्तैद है क्योंकि इस वक़्त अमरनाथ यात्रा जारी है जो 15 अगस्त तक चलेगी.

हिजबुल मुजाहिदीन के स्थानीय कमांडर बुरहान वानी को 8 जुलाई 2016 को सुरक्षा बलों ने एक लंबी मुठभेड़ के बाद मार दिया था. जिसके बाद कश्मीर घाटी में हालात लंबे समय तक ख़राब रहे थे. बुरहान की मौत के बाद हुई हिंसक घटनाओं में कई लोगों की जाने गई थीं.

एचडी कुमारस्वामी

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सरकार बचाने में जुटे कांग्रेस-जेडीएस

कर्नाटक में जनता दल (सेक्युलर) और कांग्रेस अपनी गठबंधन सरकार बचाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं.

सरकार के 13 विधायक इस्तीफ़ा दे चुके हैं जिसमें से 10 कांग्रेस और तीन जेडीएस के हैं. इनमें से दस विधायक मुंबई के एक होटल में रुके हैं और अब भी स्पीकर की ओऱ से इस्तीफ़ा स्वीकारे जाने का इंतज़ार कर रहे हैं.

कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि गठबंधन सरकार अपने विधायकों को मनाने के लिए उन्हें मंत्री पद देने का वादा कर रही है. बागी विधायकों को लुभाने के लिए उनके क्षेत्र को विशेष फंड देने की बात भी कही जा रही है.

अपनी सरकार पर संकट को देख मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी रविवार को विदेश से भारत लौट आए हैं और सोमवार को एक आपातकालीन बैठक बुलाने जा रहे हैं. बताया जा रहा है कि इस बैठक में वे कुछ मंत्रियों का इस्तीफा लेकर बागी विधायकों के लिए जगह बनाएंगे.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डी के शिवकुमार ने कहा है कि अगर सरकार बचाने के लिए उन्हें खुद भी इस्तीफा देना पड़े तो वो तैयार हैं.

ग्रीस में विपक्षी पार्टी की जीत

ग्रीस की विपक्षी न्यू डेमोक्रेसी पार्टी ने संसदीय चुनावों में जीत हासिल कर ली है. न्यू डेमोक्रेसी पार्टी को तकरीबन 40 फ़ीसदी वोट मिले हैं, जबकि प्रधानमंत्री एलेक्सिस सिप्रास की वामपंथी सिराज़ पार्टी को 32 फ़ीसदी वोट हासिल हुए.

नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री किरियाकोस मित्सोताकिस ने कहा है कि उनकी पार्टी को लोगों ने बदलाव के लिए वोट दिया है. उन्होंने कहा कि ये वोट टैक्स दरों में कटौती, निवेश बढ़ाने और रोज़गार पैदा करने के लिए है. प्रधानमंत्री सिप्रास ने अपनी हार स्वीकार कर ली है.

ग्रीस

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नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री मित्सोताकिस ने एथेंस में अपने समर्थकों से कहा उन्हें बदलाव के लिए बहुत बड़ा समर्थन मिला है. उन्होंने कहा कि देश ने अपना सिर फिर से गर्व से ऊंचा किया है.

उन्होंने कहा, "मैं उसी विनम्रता और मेहनत से काम करता रहूँगा जिसके दम पर मैं आज यहाँ पहुँचा हूँ. मुझे लोगों की क्षमता पर पूरा यकीन है और मैं उन्हें संपन्न देखना चाहता हूँ और उनका खोया आत्मविश्वास उन्हें लौटाना चाहता हूँ. मैं उन बच्चों को उनका देश लौटाना चाहता हूँ जो देश छोड़कर चले गए थे."

संजय निरूपम

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देवड़ा पर निरूपम का निशाना

मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष मिलिंद देवड़ा के इस्तीफ़े पर अब पार्टी के भीतर से ही सवाल उठने लगे हैं.

पार्टी नेता और पूर्व मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष संजय निरूपम ने देवड़ा का नाम लिए बिना कहा, "इस्तीफ़ा त्याग की भावना से दिया जाता है. लेकिन यहां राष्ट्रीय स्तर पर पद तलाशा जा रहा है. यह इस्तीफ़ा है या ऊपर चढ़ने की सीढ़ी? पार्टी को ऐसे 'मेहनती' लोगों से सावधान रहना चाहिए."

संजय निरूपम ने मुंबई उत्तर-पश्चिम सीट से लोकसभा चुनाव लड़ा था और इसीलिए मार्च में उन्हें मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष के पद से हटा दिया गया था. उनकी जगह मिलिंद देवड़ा को यह ज़िम्मेदारी दी गई थी.

रविवार को मिलिंद देवड़ा ने सूचना दी कि वह राहुल गांधी से मुलाक़ात के बाद पद छोड़ रहे हैं. उन्होंने मुंबई कांग्रेस के संचालन के लिए एक तीन सदस्यीय समिति बनाने का सुझाव दिया है. उन्होंने यह भी कहा कि वह पार्टी को स्थिरता प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर भूमिका निभाएंगे.

ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग बढ़ी

वॉशिंगटन पोस्ट और एबीसी न्यूज़ के एक पोल के मुताबिक, अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग उनके कार्यकाल में सबसे अधिक 44 फ़ीसदी हो गई है.

दावा किया गया है कि मज़बूत अर्थव्यवस्था और प्रभावशाली तरीक़े से काम करने की छवि की वजह से ट्रंप की लोकप्रियता में उछाल आया है.

ट्रंप

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हालांकि अब भी बहुमत उनके प्रदर्शन को अच्छा नहीं मानता. 53 फ़ीसदी लोग उनके काम को पसंद नहीं करते. ज़्यादातर मुद्दों पर उनकी अप्रूवल रेटिंग अब भी नकारात्मक है और प्रत्येक दस में से छह अमरीकी मानते हैं कि उन्होंने एक राष्ट्रपति की तरह बर्ताव नहीं किया है. लेकिन ऐसा मानने वालों में से 20 फीसदी लोग उनके काम को बुरा नहीं मानते.

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