पुलवामा में CRPF के काफिले पर हमला करने वाला चरमपंथी कौन?

आदिल अहमद डार
    • Author, रियाज़ मसरूर
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, श्रीनगर
  • प्रकाशित

भारत प्रशासित कश्मीर के पुलवामा में गुरुवार को हुए एक आत्मघाती हमले में केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल के 40 जवानों की मौत हो गई.

इस चरमपंथी हमले की ज़िम्मेदारी चरमपंथी संगठन जैश ए मोहम्मद ने ली है.

खबरों में कहा जा रहा है कि इस आत्मघाती हमले के ज़िम्मेदार 21 साल के आदिल अहमद थे.

आदिल अहमद पुलवामा के पास ही गुंडीबाग के रहने वाले थे और कहा जा रहा है कि पिछले साल ही वो जैश ए मोहम्मद में शामिल हुए थे.

आत्मघाती हमला जिस जगह हुआ वो राजधानी श्रीनगर से दक्षिण में लगभग 25 किलोमीटर दूर है और अगर आदिल के गांव की बात करें तो घटनास्थल से ये तकरीबन 15 किलोमीटर दूर है.

गुरुवार को विस्फोटकों से भरी एक स्कॉर्पियो कार ने सीआरपीएफ़ के काफिले में चल रही एक बस को टक्कर मार दी थी. इस कार में 350 किलोग्राम विस्फोटक भरा हुआ बताया जा रहा है. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक धमाके की आवाज़ इतनी तेज़ थी कि इसे कई किलोमीटर दूर तक सुना जा सकता था.

आत्मघाती हमला

1998 में करगिल युद्ध के बाद जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा ने कई आत्मघाती हमले किए थे.

4 जनवरी को अवंतीपुरा में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में दो चरमपंथी मारे गए थे
इमेज कैप्शन, 4 जनवरी को अवंतीपुरा में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में दो चरमपंथी मारे गए थे

लेकिन ये आत्मघाती बम हमला करने वाले चरमपंथी पाकिस्तानी नागरिक हुआ करते थे. यह पहला मौक़ा है जब जैश ने दावा किया है कि पुलवामा के स्थानीय लड़के आदिल उर्फ़ वक़ास कमांडो ने ये आत्मघाती हमला किया.

यह हमला इतना ख़तरनाक था कि इसकी चपेट में आई एक बस लोहे और रबर के ढेर में तब्दील हो गई है. इस बस में कम से कम 44 सीआरपीएफ़ के जवान सवार थे.

आदिल के पिता ग़ुलाम हसन डार फेरी कर कपड़े बेचने का काम करते हैं और साइकिल पर घर-घर जाकर कपड़े बेचते हैं. आदिल के परिवार में पिता के अलावा उनकी माँ और दो और भाई भी हैं.

कहा जा रहा है कि आदिल मार्च 2018 में जैश ए मोहम्मद में भर्ती हुए. उस वक्त वह बारहवीं कक्षा के छात्र थे.

दक्षिण कश्मीर इलाके में पिछले एक साल में चरमपंथियों के ख़िलाफ़ सुरक्षा बलों ने कई बड़े अभियान छेड़े हैं. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक साल 2018 में जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों के अभियान में 230 चरमपंथियों की मौत हुई. भारतीय सुरक्षा अधिकारियों ने ये भी दावा किया था कि इन अभियानों के बावजूद कश्मीर घाटी में अब भी लगभग 240 चरमपंथी सक्रिय हैं.

भाई भी जैश में

पुलिस सूत्र ये भी बताते हैं कि आदिल का चचेरा भाई समीर अहमद भी चरमपंथी है और आदिल के जैश ए मोहम्मद में शामिल होने के एक दिन बाद ही समीर भी जैश में शामिल हो गए.

भारतीय सुरक्षाबल

समीर ने कश्मीर यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई छोड़कर चरमपंथी संगठन का दामन थामा था.

आदिल के गांव गुंडीबाग में तीन बार नमाज ए जनाज़ा पढ़ा गया. इस दौरान वहाँ भारी तादाद में लोग इकट्ठा थे.

आदिल ने आत्मघाती हमले से पहले एक वीडियो भी बनाया था. इस हमले में उसने आत्मघाती हमला करने की बात कही थी. इसके अलावा आदिल अहमद का एक फोटो भी सामने आया है.

इसमें वह अपने आपको जैश-ए-मोहम्मद का कमांडर बता रहा है.

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