संसद के क़ानून के ख़िलाफ़ कैसे अपील कर सकता है राज्य: सुप्रीम कोर्ट

इमेज स्रोत, Getty Images
आधार नंबर को अलग-अलग सरकारी योजनाओं और फोन नंबर के साथ लिंक करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार से पूछा कि एक राज्य सरकार संसद द्वारा बनाए गए क़ानून के ख़िलाफ़ अपील कैसे कर सकती है.
सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार से कहा, "हम जानते हैं कि यह ऐसा मामला है जिस पर विचार किया जाना चाहिए, लेकिन पहले आप बताइए कि एक राज्य इसे कैसे चुनौती दे सकता है."
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एक संघीय ढांचे में कोई राज्य संसद के अधिकार को चुनौती देने वाली अपील कैसे दायर कर सकता है.
कोर्ट ने कहा, "ममता बनर्जी निजी तौर पर याचिका दायर करें. फिर हम उस पर विचार करेंगे."
इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने आधार को मोबाइल फ़ोन के साथ लिंक करने वाली एक अन्य याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया है. सुप्रीम कोर्ट ने इस नोटिस का जवाब देने के लिए केंद्र को चार हफ्ते का समय दिया है.

इमेज स्रोत, NOAH SEELAM/AFP/GETTY IMAGES
क्या था मामला?
आधार कार्ड को सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के साथ लिंक करने के फैसले के ख़िलाफ़ पश्चिम बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की है.
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कुछ ही दिन पहले कहा था कि वे अपना मोबाइल नंबर आधार कार्ड के साथ लिंक नहीं करवाएंगी.
उन्होंने कहा था, "भले ही मेरा मोबाइल कनेक्शन कट जाए लेकिन मैं उसे आधार कार्ड से लिंक नहीं करवाऊंगी."

इमेज स्रोत, Getty Images
सर्वोच्च अदालत
इससे पहले, भारत की सर्वोच्च अदालत ने आधार नंबर को पैन नंबर से जोड़े जाने के सरकारी पेशकश का समर्थन किया था, लेकिन साथ ही यह भी कहा था कि जिन लोगों के पास आधार कार्ड नहीं है उन्हें फ़िलहाल चिंता करने की ज़रूरत नहीं है.
अदालत का कहना था कि आधार नंबर अनिवार्य नहीं है, लेकिन जिनके पास ये है उन्हें इनकम टैक्स रिटर्न भरते समय इसका इस्तेमाल ज़रूर करना चाहिए.
कोर्ट ने कहा था कि लोगों ने डेटा लीक होने को लेकर जो चिंताएं ज़ाहिर की हैं सरकार को उसके बारे में भी क़दम उठाना चाहिए.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)






















