मंगलवार, 16 दिसंबर, 2003 को 19:11 GMT तक के समाचार
वर्ष 2003 में क्रिकेट की बात की जाए तो निश्चित तौर पर क्रिकेट का महाकुंभ विश्वकप ही याद आता है.
इस विश्वकप में भारत ने बेहतरीन प्रदर्शन किया.
भारत भले ही 20 साल पहले मिली जीत दोहरा नहीं पाया मगर फिर भी उसने विश्वकप के फ़ाइनल में पहुँचकर देशवासियों को अंतिम मौक़े तक रोमाँच का अहसास कराया.
इस पूरे सफर में भारत की ओर से सचिन तेंदुलकर ने बेहतरीन प्रदर्शन किया. उन्हें पूरी प्रतियोगिता का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी घोषित किया गया.
इसी दौरान सौरभ गांगुली की कप्तानी के जलवों की चर्चा भी हुई. उन्होंने टीम में आत्मविश्वास भरा और टीम को फ़ाइनल तक पहुँचाया.
मगर पूरी प्रतियोगिता में चैंपियन की तरह खेली तो सिर्फ़ ऑस्ट्रेलिया की ही टीम.
उसने किसी भी टीम को हावी नहीं होने दिया और फ़ाइनल में तो शुरू के ही ओवरों में भारतीय गेंदबाज़ों की धुनाई करके ख़िताब अपनी झोली में डालने का संकेत दे दिया.