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मंगलवार, 16 सितंबर, 2008 को 12:28 GMT तक के समाचार

कोमल नाहटा
वरिष्ठ फ़िल्म पत्रकार, मुंबई

रणबीर ने जीता सबका दिल

ऐसा लगता है कि आजकल बॉलीवुड के ऊपर काले बादल छाए हुए हैं. अलग-अलग फ़िल्म यूनिट अलग-अलग देशों में शूटिंग कर रही हैं मगर सबकी एक ही कहानी है-मौसम की वजह से शूटिंग में नुकसान.

अक्षय कुमार और संजय दत्त थाईलैंड में फुकेत के पास फ़िल्म ब्लू की शूटिंग में हिस्सा ले रहे हैं लेकिन वहाँ काम कम और टाइम पास ज़्यादा हो रहा है क्योंकि तूफ़ान के कारण आउटडोर में शूटिंग करना कभी-कभी नामुमकिन हो जाता है.

वैसे ही राकेश रोशन की फ़िल्म काइट्स की शूटिंग की गति न्यू मेक्सिको में हरिकेन की वजह से धीमी पड़ गई है. इस फ़िल्म में ऋतिक रोशन काम कर रहे हैं और निर्देशक अनुराग बासु हैं.

उधर विवेक ओबरॉय इन दिनों अफ़्रीका में हैं. उस यूनिट का भी हाल वैसा ही जैसे ब्लू और काइट्स की यूनिट का है. वहाँ भी मौसम की ख़राबी के कारण दिन भर में जितना काम होना चाहिए उतना नहीं हो रहा है.

भारत में रमेश तौरानी की फ़िल्म अजब प्रेम की ग़ज़ब कहानी की शूटिंग ऊटी में चल रही है लेकिन वहाँ बहुत ज़्यादा ठंड और हवा के कारण आउटडोर शूटिंग में मुश्किल आ रही है.

राजकुमार संतोषी के निर्देशन में बन रही इस फ़िल्म की न सिर्फ़ आउटडोर बल्कि घर के अंदर भी शूटिंग है. इसलिए जब बाहर की शूटिंग नहीं हो पाती तो निर्देशक अंदर के सीन शूट कर लेते हैं.

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बार-बार दिल ये चाहे

कुछ सितारे ऐसे होते हैं कि जिनके साथ एक बार काम कर लेते हैं, निर्माता या निर्देशक दूसरी बार काम नहीं करना चाहते. जैसे कि शाहिद कपूर.

आजकल तो शाहिद बदल गए हैं लेकिन एक वक़्त था जब कोई भी शाहिद के साथ दूसरी फ़िल्म बनाने की सोचता नहीं था क्योंकि वे फ़िल्म बनाने में दख़लअंदाज़ी बहुत करते थे.

दूसरी तरफ़ कुछ ऐसे भी सितारे होते हैं जिनके साथ बार-बार काम करने का मन होता है. उनमें से एक हैं रणबीर कपूर. निर्माता और निर्देशक रणबीर से इतने ख़ुश हैं कि उनका बस चले तो वो सब रणबीर के साथ अपनी अगली फ़िल्म बना डालें.

रमेश तौरानी कहते हैं," न सिर्फ़ रणबीर एक बेहतरीन कलाकार हैं पर वो एक अच्छे इंसान भी हैं. ऊटी में आठ बजे की शूटिंग के लिए उन्हें होटल से सात बजे निकलना पड़ता है यानी कि रोज़ छह बजे उठना. मगर मजाल है कि कभी उन्होंने किसी भी किस्म का नाटक किया हो. हर सुबह आठ बजे रणबीर लोकेशन पर होते हैं. सारी यूनिट से घुल-मिलकर रहना, किसी भी तरह का नख़रा नहीं, काश रणबीर हमेशा ऐसे ही रहें."

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माफ़ी का चक्कर

जहाँ तक कलाकारों की माफ़ी माँगने की बात आती है तो पिछले दो-तीन वर्षों में तीन बड़ी फ़िल्मों के मामले सामने आते हैं. बच्चन परिवार के साथ जो राज ठाकरे ने किया वो तो सबको मालूम ही है. बजाए कि ठाकरे का डट कर मुकाबला करें, अमिताभ बच्चन ने उनसे माफ़ी माँगकर मराठी लोगों से अपनी पत्नी जया की 'ग़लती' के लिए माफ़ी माँगना उचित समझा.

इससे पहले राजस्थान की करनी सेना ने आशुतोष गोवारिकर की जोधा-अकबर को राजस्थान में रिलीज़ नहीं होने दिया. उसका कहना था कि ये फ़िल्म इतिहास को झुठलाती है. अगर आशुतोष माफ़ी माँग लेते तो सब ठीक हो जाता. लेकिन आशुतोष का कहना था कि जब उन्होंने ग़लती की ही नहीं है तो माफ़ी किस बात की.

फ़िल्म के निर्माता यूटीवी ने भी उनका पूरा साथ दिया और राजस्थान में फ़िल्म नहीं रिलीज़ करके उसने नुकसान उठाया.

उससे पहले नरेंद्र मोदी की सरकार ने आमिर खान से कहा था कि वे गुजरात के लोगों से से माफ़ी माँगे क्योंकि उन्होंने मेधा पाटकर का साथ दिया था. लेकिन आमिर डटे रहे.

आमिर की ख़ामोशी के कारण फ़ना को गुजरात में रिलीज़ नहीं होने दिया गया मगर आमिर और न ही फ़िल्म के निर्माता यश चोपड़ा झुके. आमिर ने यश चोपड़ा को गुजरात के नुकसान का पैसा अपनी फ़ीस में से काटने को कहा जो चोपड़ा ने नहीं किया.

वैसे अगर अमिताभ बच्चन माफ़ी नहीं माँगते तो अच्छा होता. उनकी द लास्ट लियर तो फ़्लॉप हो गई.

अगर बच्चन माफ़ी नहीं माँगते तो कम से कम फ़्लॉप का दोष राज ठाकरे की पार्टी पर तो डाला जा सकता था ये कह कर कि उनकी दहशत की वजह से लोग फ़िल्म देखने नहीं आए.

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विद्या कर रही हैं पढ़ाई

विद्या बालन इन दिनों किसी फ़िल्म की शूटिंग नहीं कर रही हैं. वो आजकल उत्तर प्रदेश के एक हिस्से की भाषा सीख रही हैं.

पंद्रह दिनों तक उस भाषा में बात करना सीखने के बाद विद्या इश्कियाँ की शूटिंग शुरु करेंगी. विशाल भारद्वाज की इश्कियाँ उनके सहायक अभिषेक चौबे बना रहे हैं.

विशाल की ओमकारा की तरह इस फ़िल्म में भी आम बोलचाल की हिंदी में संवाद नहीं है. विद्या के अलावा इश्कियाँ में नसीरुद्दीन शाह और अरशद वारसी भी काम कर रहे हैं.

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शम्मी कपूर की ज़िंदादिली

शम्मी कपूर की तबीयत ठीक नहीं रहती है, उनकी किडनी फेल होने के कारण उनका डायलसिस भी होता है मगर इसकी वजह से उनकी जीने की उमंग कम नहीं हुई है.

आज भी शम्मी कपूर कार ख़ुद चलाते हैं. कुछ समय पहले वो पेरिस घूमने गए थे.

वहाँ जब आइफ़िल टॉवर देखने गए तो वहीं से 'ऐन इवनिंग इन पेरिस' की नायिका शर्मिला टैगौर को फ़ोन लगाया और आइफ़िल टॉवर पर उस फ़िल्म की शूटिंग की बातें याद करने लगे.

शर्मिला टैगोर भी उनके इस फ़ोन की वजह से गुज़रे ज़माने की बातें याद करने लगीं. ज़िंदादिल इंसान हैं शम्मी जी.

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सोहेल की सुलह-सफ़ाई

सोहेल खान एक साल तक चिल्लाते रहे कि उनकी फ़िल्म पार्टनर का ओवरफ़्लो इरॉस वाले नहीं दे रहे. लेकिन अब जाकर सोहेल और इरॉस ने दोबारा हाथ मिला लिया है. दोनों एक और फ़िल्म साथ बनाएँगे.

पिछले एक साल से सलमान खान के छोटे भाई कहते रहे हैं कि इरॉस के किशोर लुला उन्हें पार्टनर का सही अकाउंट नहीं दे रहे हैं.

निर्माताओं की एसोसिएशन इम्मपा में सोहेल खान ने इरॉस के ख़िलाफ़ शिकायत भी दर्ज की. पर हाल ही में जब इरॉस से उन्हें सारे अकाउंट मिले तो उन्होंने कहा कि उनका इरॉस से कुछ लेना नहीं बनता है.

ये कहकर उन्होंने अपनी शिकायत वापस ले ली. उसके बाद पता नहीं क्या हुआ, इरॉस और सोहेल खान ने भागीदारी में एक और फ़िल्म बनाने का ऐलान किया.

कहाँ आप सामने वाले को चोर कहते हैं और कहाँ उनके साथ एक और फ़िल्म बनाने की सोचते हो सोहेल मियाँ.