बुधवार, 04 जून, 2008 को 17:54 GMT तक के समाचार
वंदना
बीबीसी संवाददाता
पिछले साल ब्रिटेन की ख़ूबसूरत काउंटी यार्कशायर की सैर करने के बाद इंडियन इंटरनेशनल फ़िल्म एकेडमी समारोह यानी आइफ़ा ने इस साल थाईलैंड की राजधनी बैंकॉक का रुख़ किया है.
हिंदी फ़िल्म उद्योग के कई बड़े नाम इस समारोह में हिस्सा लेने के लिए बैंकॉक पहुँच रहे हैं.
छह से आठ जून तक चलने वाले इस समारोह में आइफ़ा फ़िल्म प्रीमियर, बिज़नस फ़ोरम और आइफ़ा फ़ैशन शो होगा. कार्यक्रम का क्लाइमैक्स होगा आठ जून को जब ग्रीन कार्पेट पर सितारों का स्वागत होगा और आइफ़ा अवॉर्ड दिए जाएँगे.
ग्रीन कार्पेट इसलिए क्योंकि पिछले वर्ष से आइफ़ा ने पर्यावरण संरक्षण का मुद्दा इस समारोह के साथ जोड़ लिया है.
हर साल आइफ़ा में किसी फ़िल्म का प्रीमियर आयोजित होता है, इस बार बारी है राम गोपाल वर्मा की फ़िल्म सरकार राज की जिसमें अभिषेक, ऐश्वर्या और अमिताभ बच्चन हैं. अमिताभ बच्चन आइफ़ा के बैंड एम्बैसडर भी हैं.
आइफ़ा फ़ैशन शो के होस्ट होंगे करण जौहर. इस शो में 25 थाई और 15 भारतीय मॉडल रैंप पर जलवा बिखेरेंगे. लव स्टोरी 2050 से हरमन बवेजा और प्रियंका चोपड़ा डिज़ाइनर रोहिल बल के डिज़ाइन पहनकर रैंप पर उतरेंगे तो करीना कपूर मनीष मल्होत्रा के परिधान पहनेंगी. फ़िल्म दे ताली की टीम-आयशा टाकिया, रितेश देशमुख और आफ़ताब शिवदासानी विक्रम फड़निस के डिज़ाइनों को रैंप पर उतारेंगी.
इसके अलावा फ़िल्म मिशन इस्तांबुल की कास्ट भी रैंप पर दिखाई देगी जिमसें विवेक ओबेरॉय, ज़ायद खान और निकितिन धीर शामिल हैं.
कई बड़े सितारे आइफ़ा में परफ़ॉर्मेंस देंगे. हिट जोड़ी अक्षय कुमार और कैटरीना कैफ़ एक साथ परफ़ॉर्म करेंगे.
ग्लैमर और कारोबार
पिछले नौ सालों में आइफ़ा ने दुनिया के कई हिस्सों की सैर की है जिसमें दक्षिण अफ़्रीका, मलेशिया, सिंगापुर, दुबई शामिल हैं.
ज़ाहिर है समारोह के दौरान जब इन देशों में बॉलीवुड सितारों का जमघट होता तो चंद दिनों के लिए ग्लैमर और फ़ैशन का मेला सा लग जाता है. मीडिया का भी ज़बरदस्त जमावड़ा होता है.
पर इस चकाचौंध से परे भी क्या ऐसे समारोह कुछ हासिल कर पाते हैं?
आइफ़ा के ब्रैंड एम्बैसडर अमिताभ बच्चन कहते हैं, "जब आइफ़ा शुरू हुआ तो मकसद था कि विदेशों में भारतीय फ़िल्में दिखाई जाएँ और लोग हमारे कलाकारों को देख सकें. केवल एक अवॉर्ड समारोह के तौर पर इसे लाया गया था. लेकिन अब आइफ़ा केवल एक अवॉर्ड समारोह नहीं रह गया है. इसमें बिज़नस फ़ोरम, संयुक्त खेल का आयोजन होता है. यहाँ अलग-अलग देशों के, धर्मों के लोग मिलते हैं ताकि दो देशों, संस्कृतियों के बीच मैत्री का पुल बन सके. आज की तारीख में बहुत कम ऐसी संस्थाएँ रह गई हैं जो इंसान को इंसान से जोड़ती हैं. सिनेमा शायद उनमें से एक है. इसलिए हम ऐसे आयोजनों को बढ़ावा देते हैं."
ऐसे समारोह कहाँ आयोजित होंगे इसका चुनाव भी काफ़ी सोच-समझकर होता है. बैंकॉक दक्षिण एशिया में फ़ैशन, मनोरंजन और पर्यटन का हॉट स्पॉट है.
इन दिनों बॉलीवुड में शूटिंग के हिसाब से बैंकॉक पसंदीदा जगह बनी हुई है जैसे किसी ज़माने में स्विट्ज़रलैंड थी. पिछले दो सालों में करीब 30 फ़िल्मों की शूटिंग यहाँ हो चुकी है.
आइफ़ा समारोह
ज़ाहिर है सांस्कृतिक आदान-प्रदान के अलावा बाज़ार पर भी सबकी नज़र रहती है. पिछले साल यॉर्कशायर में आइफ़ा अवॉर्ड देखने के लिए अतिरिक्त 28 हज़ार पर्यटक आए और कुल 90 लाख डॉलर की कमाई हुई.
वहीं आइफ़ा को भी विदेशों में एक मंच मिलता है. यानी दोनों के लिए फ़ायदे का सौदा.
पिछली बार के समारोह में लगे रहो मुन्नाभाई और रंग दे बसंती का रंग छाया रहा था. इस बार की नामांकन सूची में गुरु, चक दे इंडिया, ओम शांति ओम, जब वी मेट और लाइफ़ इन ए मेट्रो की भरमार है.
हर समारोह में कुछ पल ऐसे होते हैं जो उसे यादगार बना जाते हैं. पिछले वर्ष ये लम्हा धर्मेंद्र के नाम रहा था जब उन्हें विशेष पुरस्कार से नवाज़ा गया था. शोले के वीरू को जब अमिताभ यानी जय ने गले लगाया तो हॉल तालियों से गूँज उठा था.
बैंकॉक को भी इंतज़ार रहेगा ऐसे ही किसी यादगार लम्हे का और ज़मी पर उतरे बॉलीवुड सितारों का...और उन सितारों को शायद इंतज़ार होगा यहाँ के ख़ूबसूरत नज़ारों का.